Martyrs’ Day, मैं एक ऐसा देशभक्त पागल हूँ जो जेल में भी आजाद है- भगत सिंह
Martyrs’ Day, I am such a patriotic madman that I am free even in jail – Bhagat Singh
शहीद दिवस पर हरिद्वार के एक मात्र जीवित स्वतंत्रता सेनानी और सेनानी उतराधिकारीयों ने शहीद पार्क में अर्पित की श्रद्धांजलि।
भगत सिंह, राजगुरु तथा सुखदेव की जीवटता से आज की पीढ़ी देशभक्ति की प्रेरणा ले- जितेन्द्र रघुवंशी
जिस देश के नागरिकों में क्रान्तिकारियों की जीवटता होगी वह देश गुलाम नहीं हो सकता- भारत भूषण विद्यालंकार
शहीद पार्क में तीनों क्रान्तिकारियों की काई और जंग लगी प्रतिमाओं को लेकर सेनानीयों में रोष कहा यह शहीदों का अपमान, पार्क में कई महीने से गगनचुम्बी तिरंगा न लगे होने से भी नाराजगी
Martyrs’ Day, हरिद्वार 23 मार्च, अमर शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान दिवस पर आज शहीद पार्क (23 मार्च पार्क) हरकी पौड़ी के निकट वीआईपी घाट के श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई।





तीनों क्रान्तिकारियों की प्रतिमाओं की स्वच्छता के बाद स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भारत भूषण विद्यालंकार, स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी तथा संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ वेद प्रकाश आर्य ने भगत सिंह, सुखदेव तथा राजगुरु की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया।
उपस्थित स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों के सदस्यों ने पुष्पांजलि समर्पित की, इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भारत भूषण विद्यालंकार ने क्रान्तिकारियों की वीरगाथा सुनाते हुए कहा कि आज जिस देश के नागरिकों में भगत सिंह, सुखदेव तथा राजगुरु जैसी देशभक्ति होगी वह कभी गुलाम नहीं हो सकता है।
संगठन के राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी ने हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण के तत्कालीन सचिव उत्तम सिंह चौहान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में ही इस पार्क का सौन्दर्यीकरण हुआ और आज एक दर्शनीय पार्क के रूप में जाना जाता है।
रघुवंशी ने उपस्थित स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों के सदस्यों को सम्बोधित करते हुए भगत सिंह के उद्गार “राख का हर एक कण मेरी गर्मी से गतिमान है, मैं एक ऐसा पागल हूँ जो जेल में भी आजाद है” को व्यक्त करते हुए कहा कि इन क्रांतिकारियों ने न केवल देश को आजाद कराने का सपना देखा था, बल्कि एक ऐसे समाज की कल्पना की थी जहां न्याय और समानता हो।
आज के दिन उन्हें याद करने का सबसे उत्तम तरीका यही है कि हम उनकी जीवटता को अपने जीवन में उतारें। उन्होंने कहा कि देश सेवा केवल सीमा पर जाकर ही नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक बनकर भी की जा सकती है।
वर्तमान प्रशासन की लापरवाही पर क्षोभ व्यक्त करते हुए रघुवंशी ने कहा कि जिस तरह तीनों क्रान्तिकारियों की प्रतिमाओं पर काई तथा जंग लगी है, यह शहीदों का अपमान है। पार्क में कई महीने से गगनचुम्बी तिरंगा न लगे होने से भी रघुवंशी ने आक्रोश व्यक्त किया।
संगठन के नगर प्रभारी विवेक शर्मा ने अपने खर्च से आज ही तीनों क्रान्तिकारियों की प्रतिमाओं पर सिल्वर पेंट कराने की घोषणा की। संगठन के मार्गदर्शक देशबन्धु ने भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु के बलिदान का उल्लेख करते हुए वर्तमान पीढ़ी को देशभक्ति की प्रेरणा लेने पर जोर दिया।
श्रद्धांजलि सभा में डा. वेद प्रकाश आर्य, आदित्य गहलोत, बाल किशन शर्मा, कैलाश चन्द वैष्णव, सी पी मगन, विवेक शर्मा, करण सिंह राणा, रमेश चन्द गुप्ता, जोगिंद तनेजा, ओमप्रकाश शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार एवं स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी श्रीमति शशि शर्मा, पद्मा देवी आर्य तथा स्थानीय गणमान्य नागरिकों की सराहनीय उपस्थिति रही।

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