विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन के साथ उत्तराखण्ड को आगे बढ़ाना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री

महिलाओं, युवाओं और स्थानीय उत्पादों को सशक्त बनाकर आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड की दिशा में बढ़ रही सरकार

हिमालयी क्षेत्रों की धारण क्षमता के वैज्ञानिक आकलन पर दिया जा रहा विशेष ध्यान

हल्द्वानी, मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को हल्द्वानी में दैनिक जागरण द्वारा आयोजित ‘जागरण विमर्श-उत्तराखण्ड : आशाएं और चुनौतियां’ कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य की विकास यात्रा, उपलब्धियों, संभावनाओं और भावी चुनौतियों पर अपने विचार रखे।

मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी का स्मरण करते हुए कहा कि विकास एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और समय के साथ विकास की जरूरतें तथा चुनौतियां भी बदलती रहती हैं। राज्य गठन के समय लगभग ₹4 हजार करोड़ से शुरू हुआ उत्तराखण्ड का बजट आज लगभग ₹1.11 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, ऊर्जा, कृषि और उद्यानिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड तेजी से प्रमुख पर्यटन और फिल्म डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। राज्य में होम-स्टे की संख्या में पिछले कुछ वर्षों में लगभग 50 प्रतिशत वृद्धि हुई है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय में भी लगभग 41 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। एसडीजी इंडिया इंडेक्स 2023-24 में उत्तराखण्ड और केरल संयुक्त रूप से प्रथम स्थान पर रहे।

उन्होंने कहा कि ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के माध्यम से प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को नई पहचान और बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य की मातृशक्ति सीमित संसाधनों में उच्च गुणवत्ता के उत्पाद तैयार कर रही है। स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ₹5 लाख तक ब्याजमुक्त ऋण की व्यवस्था की गई है। महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़कर स्वरोजगार एवं उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया। अनियमितताओं में शामिल 100 से अधिक लोगों के विरुद्ध गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई है। पिछले कुछ वर्षों में करीब 35 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिली है। उन्होंने कहा कि युवाओं को सरकारी नौकरी के साथ-साथ स्वरोजगार, स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की व्यवस्था लागू की गई है। इसका उद्देश्य बच्चों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ना है। प्रत्येक बच्चे को आधुनिक ज्ञान-विज्ञान, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

हरिद्वार कुंभ मेला-2027 की तैयारियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संत समाज, अखाड़ों, धार्मिक संगठनों और अन्य हितधारकों के सुझावों के आधार पर व्यवस्थाएं तैयार की जा रही हैं। सरकार का प्रयास है कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों और कुंभ का आयोजन सुरक्षित, सुव्यवस्थित, भव्य एवं दिव्य रूप से संपन्न हो।

मुख्यमंत्री ने अनियोजित विकास और जलवायु परिवर्तन को उत्तराखण्ड के लिए बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि इकोलॉजी और इकॉनमी एक-दूसरे के पूरक होने चाहिए। हिमालयी क्षेत्रों की संवेदनशीलता को देखते हुए विभिन्न क्षेत्रों की धारण क्षमता का वैज्ञानिक आकलन कराया जा रहा है। ग्लेशियरों और ग्लेशियल झीलों की वैज्ञानिक निगरानी तथा सर्वेक्षण को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि विकास केवल बड़ी परियोजनाओं तक सीमित न रहे, बल्कि उसका लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। विकास की यात्रा में उत्तराखण्ड की संस्कृति, पहचान और देवभूमि की विशिष्टता को संरक्षित रखना भी उतना ही आवश्यक है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री राम सिंह कैड़ा, सांसद श्री अजय भट्ट, विधायक श्री बंशीधर भगत, श्री सुरेश गड़िया, श्री शिव अरोरा एवं श्री प्रताप बिष्ट, महापौर हल्द्वानी-काठगोदाम श्री गजराज सिंह बिष्ट, महापौर काशीपुर श्री दीपक बाली, दैनिक जागरण के संपादक श्री विजय सिंह यादव, कार्यकारी संपादक श्री विष्णु त्रिपाठी, राज्य संपादक श्री मनोज झा, आयुक्त कुमाऊं श्री दीपक रावत, आईजी कुमाऊं सुश्री निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी श्री ललित मोहन रयाल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री मंजूनाथ टी.सी. सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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