*रेड अलर्ट, 24X7 अलर्ट मोड पर रहें अधिकारीः मुख्यमंत्री*

*कल राज्य के पांच जनपदों में भारी बारिश का रेड अलर्ट, 27 सितम्बर को 04 जनपदों के लिए रेड अलर्ट जारी*

*सचिव आपदा प्रबंधन ने जनपदों के साथ की बैठक, आपदा प्रबंधन मंत्री ने भी दिए सतर्क रहने के निर्देश*

देहरादून। मा0 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मौसम विभाग द्वारा अगले दो दिनों के लिए जारी रेड अलर्ट की चेतावनी को देखते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन से वार्ता कर सभी संबंधित जनपदों एवं विभागों को आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रेड एवं ऑरेंज अलर्ट वाले जनपदों में विशेष सतर्कता बरती जाए, संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए तथा किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। साथ ही जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों को सक्रिय रखते हुए मौसम संबंधी चेतावनियों का तत्काल स्थानीय स्तर तक प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया है।

वहीं मा0 आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री श्री मदन कौशिक ने भी मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन से वार्ता कर प्रदेश में मौसम की स्थिति एवं तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मौसम की स्थिति पर पैनी नजर रखते हुए संभावित परिस्थितियों के लिए पूरी तरह तैयार रहें।

मा0 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने शुक्रवार को बैठक कर सभी जनपदों को एलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। सचिव आपदा प्रबंधन ने बताया कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 26 सितंबर को राज्य के पांच जनपदों में रेड अलर्ट, पांच जनपदों में ऑरेंज अलर्ट तथा तीन जनपदों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसी तरह 27 सितम्बर को चार जनपदों में रेड अलर्ट, चार जनपदों में ऑरेंज अलर्ट तथा 05 जनपदों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग द्वारा अलर्ट के अनुसार 26 सितंबर को बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में रेड अलर्ट, जबकि देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा में ऑरेंज अलर्ट तथा हरिद्वार, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसी प्रकार 27 सितंबर को देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, हरिद्वार में रेड अलर्ट, उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल, रुद्रप्रयाग में ऑरेंज अलर्ट तथा बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने इस दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा तथा कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध होने, नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि तथा मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने सभी 13 जनपदों के साथ बैठक कर अलर्ट मोड पर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विशेष रूप से रेड एवं ऑरेंज अलर्ट वाले जनपदों में संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने, जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों को सक्रिय रखने तथा मौसम संबंधी प्रत्येक चेतावनी को तत्काल निचले स्तर तक पहुंचाने के निर्देश दिए। सचिव आपदा प्रबंधन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नदी-नालों, गाड़-गदेरों एवं जलस्रोतों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जाए और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में आसपास के लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील सड़कों एवं क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखते हुए जेसीबी एवं अन्य आवश्यक मशीनरी को रणनीतिक स्थानों पर तैयार रखा जाए, ताकि मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल यातायात सुचारू किया जा सके।

उन्होंने सभी जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों को 24 घंटे सक्रिय रखने, पुलिस, एसडीआरएफ, अग्निशमन, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, पेयजल, विद्युत तथा अन्य संबंधित विभागों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव दलों की तैनाती तथा आवश्यक उपकरण एवं संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने को कहा गया है।

सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि पर्वतीय मार्गों पर मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए ही यातायात संचालित किया जाए तथा भूस्खलन एवं अतिवृष्टि की आशंका वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन न किया जाए। नदी, नाले एवं बरसाती धाराओं के आसपास रहने वाले लोगों को लगातार जागरूक किया जाए और लोगों को नदी-नालों के किनारे जाने तथा तेज बहाव में प्रवेश करने से रोका जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चारधाम यात्रा मार्गों, प्रमुख पर्यटन स्थलों एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी रखी जाए। किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को न्यूनतम प्रतिक्रिया समय में प्रारंभ करने के लिए सभी व्यवस्थाएं पहले से तैयार रखी जाएं। सचिव आपदा प्रबंधन ने कहा कि मौसम की स्थिति को देखते हुए सभी जनपद प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ कार्य करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतें। उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि वे मौसम विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें, अनावश्यक यात्रा से बचें तथा नदी-नालों एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।

उन्होंने कहा कि राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र द्वारा मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति में राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के टोल फ्री नंबर 1070, जिला आपातकालीन संचालन केंद्र के नंबर 1077 तथा आपातकालीन सेवा 112 पर संपर्क किया जा सकता है।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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