सीएसआईआर के 85वें स्थापना दिवस पर सीएसआईआर-सीबीआरआई में ओपन डे कार्यक्रम आयोजित*

– विद्यार्थियों ने सीएसआईआर-सीबीआरआई की अनुसंधान एवं परीक्षण सुविधाओं का किया प्रत्यक्ष अवलोकन

– विद्यार्थियों ने संस्थान की प्रयोगशालाओं, अनुसंधान सुविधाओं एवं नवीन निर्माण तकनीकों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया

– सुरक्षित, सतत, आपदा-रोधी एवं ऊर्जा-कुशल भवन निर्माण में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका से हुए परिचित

– वैज्ञानिकों के साथ संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों ने अनुसंधान एवं नवाचार से जुड़े विषयों पर जानकारी प्राप्त की

वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) ने शुक्रवार को 85वाँ स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर देश की वैज्ञानिक एवं तकनीकी प्रगति में सीएसआईआर के आठ दशकों से अधिक के योगदान, अनुसंधान क्षमताओं, तकनीकी नवाचारों तथा उद्योगोन्मुखी समाधानों को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम के दौरान सीएसआईआर–इंडस्ट्री कनेक्ट एग्ज़िबिशन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, नई तकनीकों एवं प्रकाशनों का विमोचन तथा सीएसआईआर साइ-आर्ट गैलरी का प्रदर्शन प्रमुख आकर्षण रहे। इस अवसर पर सीएसआईआर@85 विशेष प्रकाशन भी जारी किए गए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, डॉ. जितेंद्र सिंह ने अनुसंधान, नवाचार और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में सीएसआईआर की निरंतर भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने सीएसआईआर की 85 वर्षों की वैज्ञानिक यात्रा एवं राष्ट्र की वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति में इसके योगदान को प्रदर्शित करने वाले स्मारक डाक टिकट का भी अनावरण किया।

इसी क्रम में सीएसआईआर–केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान, रुड़की द्वारा 25 सितंबर 2026 को ओपन डे कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विज्ञान को जन-जन तक पहुँचाना तथा विद्यार्थियों और युवा आगंतुकों को वैज्ञानिक अनुसंधान की प्रक्रिया से परिचित कराने के साथ-साथ भवन विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के क्षेत्र में संस्थान द्वारा किए जा रहे अनुसंधान, विकसित की जा रही नवीन तकनीकों तथा उनके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी प्रदान करना था।

ओपन डे के माध्यम से विद्यार्थियों को संस्थान की प्रयोगशालाओं एवं अनुसंधान सुविधाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन करने तथा वैज्ञानिकों के साथ संवाद के माध्यम से अनुसंधान कार्यों को समझने का अवसर मिला। इस अवसर पर प्रो. आर. प्रदीप कुमार, निदेशक, सीएसआईआर-सीबीआरआई ने विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विद्यार्थियों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रति जिज्ञासा विकसित करने, नए विचारों को समझने तथा अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम के अंतर्गत मेथोडिस्ट गर्ल्स डिग्री कॉलेज की 112 छात्राओं एवं 3 संकाय सदस्यों ने सीएसआईआर-सीबीआरआई का भ्रमण किया। संस्थान में पहुँचने पर प्रतिभागियों को सीबीआरआई की प्रमुख अनुसंधान गतिविधियों, तकनीकी क्षेत्रों तथा भवन क्षेत्र में संस्थान की भूमिका से अवगत कराया गया। डॉ. नीरज जैन, वैज्ञानिक ‘एफ’ एवं प्रमुख, आउटरीच एंड डिसेमिनेशन सर्विसेज ने भ्रमण का समन्वय किया तथा प्रतिभागियों को संस्थान की प्रमुख वैज्ञानिक उपलब्धियों, अनुसंधान गतिविधियों और भवन विज्ञान एवं निर्माण प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने डॉ. बिलिग प्रदर्शनी दीर्घा का अवलोकन किया। यहाँ उन्हें भवन निर्माण एवं वास्तुकला से संबंधित विभिन्न मॉडलों और प्रदर्शित तकनीकों के माध्यम से संस्थान के अनुसंधान एवं तकनीकी कार्यों को समझने का अवसर मिला। इस अवसर पर डॉ. हेमलता, वैज्ञानिक ‘डी’ ने प्रदर्शित राम मंदिर मॉडल की वास्तुकला एवं निर्माण संबंधी विशेषताओं के बारे में विद्यार्थियों को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मॉडल के माध्यम से निर्माण तकनीक, संरचनात्मक विशेषताओं तथा भवन निर्माण में वैज्ञानिक एवं तकनीकी दृष्टिकोण के महत्व को समझाया।

डॉ. चंदन स्वरूप मीणा, वैज्ञानिक ‘ई’ ने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया और संस्थान में संचालित विभिन्न अनुसंधान एवं तकनीकी परियोजनाओं की जानकारी साझा की। संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने अनुसंधान, नई निर्माण तकनीकों तथा भवन क्षेत्र में वैज्ञानिक नवाचार से संबंधित विषयों पर जानकारी प्राप्त की और वैज्ञानिकों से अपने प्रश्नों के उत्तर भी जाने।

इसके पश्चात विद्यार्थियों ने संस्थान की विभिन्न महत्वपूर्ण अनुसंधान एवं परीक्षण सुविधाओं का भ्रमण किया। उन्होंने NEETF, 3D सुविधा, फायर सेफ्टी इंजीनियरिंग, रूरल पार्क तथा सोलर थर्मल टेस्टिंग फैसिलिटी लैब का अवलोकन किया। इन सुविधाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को सतत एवं किफायती आवास, आपदा-रोधी एवं सुरक्षित निर्माण, अग्नि सुरक्षा, उन्नत भवन निर्माण सामग्री, ऊर्जा दक्षता तथा आधुनिक एवं उभरती निर्माण तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त हुई।

3D सुविधा के भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को निर्माण क्षेत्र में उभरती डिजिटल एवं स्वचालित तकनीकों की संभावनाओं से परिचित कराया गया। वहीं, फायर सेफ्टी इंजीनियरिंग से संबंधित सुविधाओं के माध्यम से भवनों में अग्नि सुरक्षा, जोखिम न्यूनीकरण तथा सुरक्षित भवन निर्माण के महत्व को समझाया गया। रूरल पार्क में विद्यार्थियों ने ग्रामीण एवं किफायती निर्माण तकनीकों तथा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित समाधानों का अवलोकन किया। सोलर थर्मल टेस्टिंग फैसिलिटी के माध्यम से उन्हें ऊर्जा दक्षता एवं नवीकरणीय ऊर्जा आधारित तकनीकों के परीक्षण और उपयोग की जानकारी मिली।

ओपन डे कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को सीएसआईआर-सीबीआरआई की प्रयोगशालाओं एवं अनुसंधान सुविधाओं के प्रत्यक्ष अवलोकन के साथ यह समझने का अवसर प्रदान किया कि वैज्ञानिक अनुसंधान किस प्रकार समाज की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक तकनीकी समाधान विकसित करने में योगदान देता है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने सुरक्षित, सतत, आपदा-रोधी, ऊर्जा-कुशल एवं किफायती निर्मित पर्यावरण के विकास में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका को प्रत्यक्ष रूप से समझा। इस प्रकार ओपन डे ने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा, अनुसंधान के प्रति रुचि तथा नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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