मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री आवास में देर रात तक जिलाधिकारियों और एसएसपी के साथ ली चार घंटे से अधिक मेराथन बैठक

*मुख्यमंत्री धामी का दोटूक संदेश—सड़कें गड्ढामुक्त हों, विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता हुआ तो जिम्मेदार अधिकारी पर होगी कार्रवाई।**जनता को दफ्तरों के चक्कर कटवाने की प्रवृत्ति पर लगेगी रोक, राजस्व मामलों का समयबद्ध निस्तारण करें अधिकारी।**त्योहारों में सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था में कोई चूक नहीं—मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश।**एक नवंबर तक पूरे हों सीवर-पेयजल पाइपलाइन के अधूरे कार्य, खोदी गई सड़कों की तत्काल मरम्मत के निर्देश।*

*कुंभ-2027 की तैयारियों में देरी पर होगी जवाबदेही तय, मुख्यमंत्री ने साप्ताहिक समीक्षा और स्थलीय निरीक्षण के दिए निर्देश।**ऑपरेशन कालनेमि और सत्यापन अभियान में लाई जाए तेजी, संदिग्ध गतिविधियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें अधिकारी।*

*आपदा प्रभावितों को तत्काल राहत, दुर्गम क्षेत्रों में डॉक्टरों और एएनएम की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित हो।*

*भालू-तेंदुए के हमलों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बने ठोस कार्ययोजना, प्रभावितों को शीघ्र मुआवजा देने के निर्देश।*

## मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक, विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और जनसुविधाओं की व्यापक समीक्षा* मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में देर रात्रि तक प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (डीएम) एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) के साथ लगभग चार घंटे लंबी मैराथन उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में प्रदेश में विकास कार्यों की प्रगति, जनसुविधाओं, कानून-व्यवस्था, आगामी त्योहारों की तैयारियों, आपदा प्रबंधन, निर्वाचन संबंधी कार्यों, जिला योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा हरिद्वार कुंभ-2027 की तैयारियों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में गृह सचिव, गढ़वाल एवं कुमाऊँ मंडल के आयुक्तों तथा दोनों पुलिस परिक्षेत्रों के पुलिस महानिरीक्षकों सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी कार्य समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुखी तरीके से पूरे किए जाएं। जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनावश्यक विलंब अथवा जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना और प्रदेश में सुशासन की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना है। अधिकारियों को केवल कार्यालयों तक सीमित न रहकर नियमित रूप से फील्ड में जाने, जमीनी स्थिति का आकलन करने तथा समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने में लापरवाही पर होगी जवाबदेही तय

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सड़कों की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने जनपदों में सड़कों का स्थलीय निरीक्षण कर लंबित मरम्मत कार्यों को तत्काल शुरू कराया जाए। सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के अभियान में तेजी लाते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं स्वयं भी बहुत जल्द पूरे प्रदेश का दौरा सड़क मार्ग से करूंगा। यदि कहीं भी सड़क टूटी हुई मिली या मरम्मत कार्य में लापरवाही सामने आई, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केवल कागजों पर प्रगति दिखाने के बजाय धरातल पर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित कार्यों की नियमित समीक्षा करें और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराएं।

एक नवंबर तक पूरे हों सीवर और पेयजल पाइपलाइन के अधूरे कार्य

मुख्यमंत्री ने सीवर एवं पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की स्थिति पर गंभीरता से ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधूरे कार्यों को *एक नवंबर तक पूर्ण कर खोदी गई सड़कों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित की जाए*, ताकि आम नागरिकों, व्यापारियों और यात्रियों को आवागमन में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के साथ समन्वय बैठक कर कार्यों की नियमित समीक्षा करें। आगामी त्योहारों को देखते हुए बाजारों, आवासीय क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों पर विशेष ध्यान दिया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी विभाग की लापरवाही के कारण जनसामान्य को असुविधा न हो।

नगर निकायों में स्वच्छता व्यवस्था हो प्रभावी, कहीं भी जमा न हो कूड़ा-कचरा

मुख्यमंत्री ने सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और अन्य नगरीय निकायों में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरों और कस्बों में नियमित सफाई होनी चाहिए तथा कहीं भी कूड़ा-कचरा एकत्रित नहीं होने दिया जाए। सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, प्रमुख मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल अभियान तक सीमित न रहे, बल्कि इसे नियमित प्रशासनिक कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाया जाए। संबंधित अधिकारी सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करें और जहां भी कमी मिले, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

राजस्व मामलों का समयबद्ध निस्तारण, जनता को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें

मुख्यमंत्री ने राजस्व से संबंधित मामलों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब पर रोक लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि पटवारी और तहसीलदार अपने स्तर पर मामलों का नियमानुसार एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। आम नागरिकों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

उन्होंने कहा कि प्रशासन की कार्यप्रणाली जनसुविधा केंद्रित होनी चाहिए। राजस्व मामलों में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें तथा जिन मामलों में अनावश्यक देरी हो रही है, उनके कारणों का पता लगाकर जिम्मेदारी तय करें।

SIR के अंतर्गत पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करने और निर्वाचन आयोग के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें

मुख्यमंत्री ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के अंतर्गत मतदाता सूची से संबंधित कार्यों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करने तथा अपात्र प्रविष्टियों के नियमानुसार निस्तारण की प्रक्रिया में पूरी सावधानी और पारदर्शिता बरती जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मतदाताओं को आवश्यक जानकारी एवं सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि कोई भी पात्र मतदाता निर्धारित प्रक्रिया से अनावश्यक रूप से वंचित न रहे। संबंधित अधिकारी निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें और पुनरीक्षण से संबंधित कार्यों की नियमित निगरानी करें।

जिला योजना के कार्य समयबद्ध पूरे हों, स्वीकृत धनराशि का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए

मुख्यमंत्री ने जिला योजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराए जाएं तथा अवमुक्त धनराशि का प्रभावी और नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने जिलाधिकारियों को विकास कार्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश देते हुए कहा कि कार्यों की गुणवत्ता, वास्तविक प्रगति और योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। केवल धनराशि व्यय करना ही लक्ष्य न हो, बल्कि योजनाओं का लाभ धरातल पर दिखाई देना चाहिए। विकास कार्यों में अनावश्यक देरी अथवा गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित की जाए।

पुलिस के पास शिकायत लेकर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात गंभीरता से सुनी जाए, संज्ञेय अपराधों में तत्काल FIR दर्ज हो

मुख्यमंत्री ने पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह, संवेदनशील और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस के पास शिकायत लेकर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात गंभीरता से सुनी जाए तथा उसकी शिकायत पर नियमानुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि संज्ञेय अपराधों के मामलों में नियमानुसार तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और उसके बाद शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। किसी भी पीड़ित को शिकायत दर्ज कराने अथवा न्याय पाने के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने थाना एवं चौकी स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा करने, जनशिकायतों के निस्तारण में तेजी लाने तथा अपराध नियंत्रण के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सतत निगरानी के निर्देश

मुख्यमंत्री ने सभी जनपदों में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों, सांप्रदायिक सौहार्द, यातायात व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी अप्रिय घटना की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए। संवेदनशील परिस्थितियों में पुलिस एवं प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखते हुए शांति, सुरक्षा और कानून के शासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

मुख्यमंत्री ने थाना एवं चौकी प्रभारियों के कार्यों की नियमित समीक्षा करने और अपराध नियंत्रण, रात्रि गश्त, जनशिकायतों के निस्तारण तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में लापरवाही बरतने वालों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।

त्योहारों पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में किसी प्रकार की चूक न हो

मुख्यमंत्री ने आगामी नवरात्र और दीपावली के दृष्टिगत प्रदेशभर में सुरक्षा एवं यातायात की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाजारों, मंदिरों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए। पार्किंग, यातायात डायवर्जन, वैकल्पिक मार्गों और आपातकालीन सेवाओं की समुचित व्यवस्था पहले से सुनिश्चित हो।

मुख्यमंत्री ने महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा। पुलिस अधिकारी संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण करें और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी कार्ययोजना तैयार करें। त्योहारों के दौरान यातायात सुचारु रहे और आम नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो।

ऑपरेशन कालनेमि और सत्यापन अभियान में लाई जाए तेजी

मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन कालनेमि एवं सत्यापन अभियान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि आगामी त्योहारों तथा हरिद्वार कुंभ-2027 को ध्यान में रखते हुए इन अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। धार्मिक स्थलों, पर्यटन क्षेत्रों, भीड़भाड़ वाले स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाए।

उन्होंने संदिग्ध गतिविधियों और आपराधिक तत्वों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सत्यापन अभियान प्रभावी तरीके से संचालित किया जाए तथा थाना एवं चौकी स्तर पर पुलिस की सक्रियता बढ़ाई जाए।

मसूरी, नैनीताल, हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए पहले से तैयार हो ट्रैफिक प्लान

मुख्यमंत्री ने शीतकालीन पर्यटन एवं यात्रा सीजन को देखते हुए मसूरी, नैनीताल, हरिद्वार, ऋषिकेश सहित प्रदेश के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों के लिए अग्रिम यातायात योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटकों और श्रद्धालुओं की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त पुलिस बल, पार्किंग स्थलों, वैकल्पिक मार्गों और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने यातायात संबंधी सूचनाएं समय पर जारी करने तथा प्रमुख मार्गों पर अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के विरुद्ध संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। अतिक्रमण हटाने के बाद दोबारा कब्जा न हो, इसके लिए नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

कुंभ-2027 की तैयारियों की हर सप्ताह होगी समीक्षा

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार कुंभ-2027 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करें। सड़कों, पुलों, घाटों, पेयजल, सीवरेज, स्वास्थ्य सुविधाओं, पार्किंग और अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि कुंभ जैसे महत्वपूर्ण आयोजन की तैयारियों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। प्रत्येक परियोजना के लिए समयसीमा निर्धारित की जाए और कार्यों की प्रगति की नियमित निगरानी हो। किसी परियोजना में देरी होने पर उसके कारणों का तत्काल समाधान किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।

मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को कुंभ क्षेत्र में पूर्ण हो चुके घाटों, सड़कों, पार्किंग स्थलों, अस्पतालों तथा अन्य सुविधाओं का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों को तत्काल दूर किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने कुंभ के अंतर्गत पूर्ण हो चुके विकास कार्यों और उपलब्ध कराई गई सुविधाओं की जानकारी फोटो, वीडियो तथा तथ्यात्मक विवरण के साथ मीडिया एवं डिजिटल माध्यमों से साझा करने के निर्देश भी दिए।

आपदा प्रभावितों को तत्काल राहत और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराएं

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत एवं सहायता उपलब्ध कराई जाए। प्रभावितों के लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाओं तथा सुरक्षित आवास की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित हो।

उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता सबसे महत्वपूर्ण है। प्रभावित परिवारों को सहायता के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े। अधिकारी स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करें और राहत एवं पुनर्वास कार्यों की नियमित निगरानी करें।

दुर्गम क्षेत्रों में डॉक्टरों और एएनएम की उपलब्धता सुनिश्चित करें

मुख्यमंत्री ने पर्वतीय, दुर्गम एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और एएनएम की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा स्वास्थ्य वैन को पूरी तरह दुरुस्त रखते हुए निर्धारित रोस्टर के अनुसार संचालित किया जाए।

उन्होंने कहा कि भौगोलिक कठिनाइयों के कारण किसी भी नागरिक को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा से वंचित नहीं रहना चाहिए। संबंधित अधिकारी स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित समीक्षा करें और जहां भी संसाधनों या कार्मिकों की कमी हो, उसके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए बने प्रभावी कार्ययोजना

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों और आबादी से सटे इलाकों में भालू, तेंदुए सहित अन्य वन्यजीवों के कारण होने वाली घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से त्वरित कार्रवाई करें।

प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी, जनजागरूकता और आवश्यक सुरक्षा उपायों को प्रभावी बनाया जाए। वन्यजीवों के हमलों में प्रभावित परिवारों को नियमानुसार शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराया जाए तथा ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

प्रभारी सचिव प्रत्येक 15 दिन में करेंगे जनपदों का भ्रमण, विकासखंडवार होगी समीक्षा

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संबंधित जनपदों के प्रभारी सचिव प्रत्येक 15 दिन में आवंटित जनपद का भ्रमण करें। भ्रमण के दौरान जनपदवार और विकासखंडवार समीक्षा करते हुए विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं, जनसुविधाओं, कानून-व्यवस्था तथा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की प्रगति का आकलन किया जाए।

उन्होंने कहा कि समीक्षा केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए। जहां भी कोई समस्या, बाधा या अनावश्यक विलंब सामने आए, वहां संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों/पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि वे इस व्यवस्था की प्रभावी मॉनिटरिंग करें। सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि शासन के निर्देशों का धरातल पर समयबद्ध क्रियान्वयन हो और आम जनता को उसका प्रत्यक्ष लाभ मिले।

अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही होगी तय

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से फील्ड में जाकर कार्यों की प्रगति का निरीक्षण करें। जनहित से जुड़े कार्यों में समन्वय की कमी, लापरवाही या अनावश्यक विलंब को गंभीरता से लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। जनता को समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराना, शिकायतों का समाधान करना, कानून-व्यवस्था बनाए रखना, विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना प्रशासन की कार्यप्रणाली का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप काम करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने और जिम्मेदारी से बचने वाले अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों से जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी प्रतिबद्धता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने की अपेक्षा की।

 

बैठक में गृह सचिव, गढ़वाल एवं कुमाऊँ मंडल के आयुक्त, प्रदेश के सभी जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, गढ़वाल एवं कुमाऊँ परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist. For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction. Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan. शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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