*एमडीडीए का अवैध निर्माणों पर बड़ा प्रहार, छह स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई*

*आवासीय कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियों और बिना मानचित्र निर्माण पर सख्ती, उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर अभियान जारी*

मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए प्राधिकरण क्षेत्र में छह स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की है। आवासीय कॉलोनियों में बिना अनुमति व्यावसायिक भवन बनाने और स्वीकृत मानचित्र के बिना निर्माण करने के मामलों में प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर नियमानुसार कार्रवाई की। इस अभियान के तहत हरभजवाला, मेहुवाला माफी, चंद्रमणी रोड और राजपुर रोड स्थित निर्माणों को सील किया गया। एमडीडीए की इस कार्रवाई से अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मचा है।

प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया है कि निर्माण कार्यों में निर्धारित नियमों और स्वीकृति की प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। बिना अनुमति निर्माण करने या आवासीय परिसरों में नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भवन तैयार करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

*हरभजवाला से राजपुर रोड तक कार्रवाई*

एमडीडीए की टीम ने हरभजवाला क्षेत्र में अशरफ अली द्वारा प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना बनाई जा रही छह दुकानों को सील किया। प्राधिकरण के अनुसार, संबंधित निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। आवासीय क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दुकानों को सील कर दिया गया।

*इसी क्रम में मेहुवाला माफी, शिमला बाईपास रोड क्षेत्र* में शाहिद राव द्वारा किए जा रहे दो अलग-अलग अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की गई। दोनों मामलों में निर्माण कार्य को सील किया गया। इसी क्षेत्र में फईयाज राव द्वारा किए जा रहे एक अन्य अवैध निर्माण पर भी प्राधिकरण ने सीलिंग की कार्रवाई की।

*वहीं, चंद्रमणी रोड पर पूजा विहार के निकट* ललित कश्यप द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माण को सील किया गया। राजपुर रोड पर साई मंदिर के निकट अमित गर्ग द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण के विरुद्ध भी कार्रवाई करते हुए निर्माण स्थल को सील कर दिया गया।

*नियमों के उल्लंघन पर नहीं मिलेगी राहत*

प्राधिकरण की यह कार्रवाई शहरी क्षेत्रों में नियोजित विकास सुनिश्चित करने और निर्माण संबंधी नियमों के अनुपालन को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बिना स्वीकृत मानचित्र निर्माण होने से भवन सुरक्षा, भूमि उपयोग और क्षेत्र की नियोजित व्यवस्था से जुड़े सवाल खड़े हो सकते हैं। ऐसे में प्राधिकरण की ओर से निर्माणकर्ताओं को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

एमडीडीए की टीम ने संबंधित सहायक अभियंताओं, अवर अभियंताओं, सुपरवाइजरों और पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई की। अधिकारियों की निगरानी में की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य नियमों के विपरीत हो रहे निर्माण कार्यों पर रोक लगाना और विकास कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित करना है।

प्राधिकरण की ओर से निर्माणकर्ताओं से अपील की गई है कि भवन निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक मानचित्र और संबंधित स्वीकृतियां प्राप्त कर लें। आवासीय भूखंडों का उपयोग भी निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाए। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ प्राधिकरण नियमानुसार कार्रवाई जारी रखेगा।

*उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा कि* मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून में नियोजित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। भवन निर्माण से संबंधित नियमों और स्वीकृत मानचित्र का पालन करना प्रत्येक निर्माणकर्ता की जिम्मेदारी है। बिना अनुमति निर्माण करने और आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भवन तैयार करने के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण की टीमें ऐसे मामलों पर लगातार नजर रख रही हैं। उन्होंने कहा कि शहर के व्यवस्थित विकास, नागरिक सुविधाओं और निर्माण संबंधी नियमों के प्रभावी अनुपालन के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।

*सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि* एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है। निर्माणकर्ताओं को भवन निर्माण से पहले मानचित्र स्वीकृत कराने और निर्धारित नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है। बिना स्वीकृति निर्माण करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सीलिंग सहित अन्य आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से नियमों का पालन कर शहर के सुनियोजित विकास में सहयोग करने की अपील की।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist. For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction. Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan. शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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