*✨नरक चतुर्दशी एवं छोटी दीपावली पर परमार्थ विद्या मंदिर और परमार्थ गुरुकुल के विद्यार्थियों को पूज्य स्वामी जी ने स्नेह, आशीर्वाद और उपहार भेंट कर मनाई खुशियों की दीपावली*

*🌺त्योहारों के अवसर पर सुरक्षित एवं शुद्ध मिठाईयों को खरिदने का किया आह्वान*

*💥एक छोटी-सी मुस्कान किसी के जीवन में बड़ी खुशी बन सकती है*

*🙏🏿स्वामी चिदानन्द सरस्वती*

ऋषिकेश। नरक चतुर्दशी, रूप चैदस एवं छोटी दीपावली के पावन अवसर पर परमार्थ पीठाधीश्वर, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने परमार्थ विद्या मंदिर एवं परमार्थ गुरुकुल के सभी अध्यापकों और अध्यापिकाओं को उपहार भेंट कर उनके साथ दीपावली की खुशियाँ साझा कीं।

पूज्य स्वामी जी ने उन्हें स्नेहपूर्वक उपहार भेंट करते हुये कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने, घर सजाने और उत्सव मनाने का पर्व नहीं, बल्कि किसी के जीवन में मुस्कान जगाने, प्रेम बाँटने और खुशियों का प्रकाश प्रसारित करने का पावन अवसर है। एक छोटी-सी मुस्कान किसी के जीवन में बड़ी खुशी बन सकती है और प्रेम से दिया गया एक छोटा-सा उपहार किसी के हृदय में जीवनभर के लिए सुंदर स्मृति बन सकता है। इसी सेवा, स्नेह और संवेदना के भाव के साथ दीपावली मनाने का संदेश दिया।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि दीपावली का वास्तविक प्रकाश केवल दीपों में नहीं, बल्कि हमारे व्यवहार, विचारों और संस्कारों में होना चाहिए। किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना, किसी के जीवन में आशा जगाना और किसी जरूरतमंद के साथ खुशियाँ बाँटना ही उत्सव की सच्ची सार्थकता है। मुस्कान ही समाज की सबसे बड़ी संपत्ति है। जब जीवन में प्रेम, शिक्षा, सुरक्षा और संस्कारों का प्रकाश पहुँचता है, तभी राष्ट्र का भविष्य उज्ज्वल बनता है।

उन्होंने कहा कि नरक चतुर्दशी हमें अपने भीतर की नकारात्मकता, अहंकार, ईष्र्या और अज्ञान के अंधकार को समाप्त करने की प्रेरणा देती है। रूप चैदस का संदेश केवल बाहरी सौंदर्य तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने अंतर्मन को सद्भाव, पवित्रता, करुणा और सकारात्मकता से सँवारना भी है। हमारा वास्तविक सौंदर्य हमारे विचारों, वाणी और कर्मों में दिखाई देना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का अंत कर अन्याय और अत्याचार से मुक्ति का संदेश दिया। आइए, इस पर्व पर हम भी अपने भीतर के अंधकार को मिटाकर प्रेम, सत्य, सेवा और सदाचार का दीप प्रज्वलित करें।

इस अवसर पर पूज्य स्वामी जी ने दीपावली के उत्सव को जनस्वास्थ्य और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ते हुए सुरक्षित एवं शुद्ध मिठाइयों के महत्त्व पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि दीपावली आनंद, उल्लास और उत्सव का पर्व है, लेकिन सच्चा आनंद तभी है जब हमारे घरों तक पहुँचने मिठाइयां शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण हो।

उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय मिठाइयों, खाद्य पदार्थों और अन्य उपभोग की वस्तुओं की माँग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और शुद्धता सुनिश्चित करना और भी आवश्यक हो जाता है। मिलावट, अस्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी एक व्यक्ति की समस्या नहीं, बल्कि पूरे समाज के स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि सुरक्षित खाद्य संस्कृति के निर्माण के लिए तीनों पक्षों की समान रूप से महत्त्वपूर्ण भूमिका है, खाद्य कारोबार से जुड़े सभी प्रतिष्ठानों एवं व्यवसायियों को निर्धारित मानकों का पालन करना चाहिए, नियामक संस्थाओं को नियमों का कठोरता और निष्पक्षता से पालन सुनिश्चित करना चाहिए तथा प्रत्येक नागरिक को जागरूक एवं सतर्क उपभोक्ता बनना चाहिए क्योंकि खाद्य सुरक्षा सामूहिक सामाजिक उत्तरदायित्व है।

उन्होंने कहा कि त्योहारों की मिठास मिलावट से नहीं, बल्कि प्रेम और विश्वास से बढ़नी चाहिए। मिठाइयों और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। हमारी दीपावली तभी वास्तव में मंगलमय होगी, जब हर घर में खुशियों के साथ स्वास्थ्य और सुरक्षा का भी प्रकाश पहुँचेगा।

परमार्थ विद्या मंदिर एवं परमार्थ गुरुकुल के अध्यापकों के साथ मनाया गया यह स्नेहपूर्ण उत्सव इस संदेश का प्रतीक है कि दीपावली का सबसे सुंदर उपहार प्रेम है, सबसे बड़ा आभूषण श्रेष्ठ संस्कार हैं और सबसे दिव्य प्रकाश किसी के जीवन में खुशियाँ बाँटने से ही आता है।

इस छोटी दीपावली पर परमार्थ निकेतन से यही संदेश है कि दीप मिट्टी के हों, मिठास प्रेम की हो, भोजन शुद्ध हो, विचार पवित्र हों और हर चेहरे पर मुस्कान हो। यही दीपावली का वास्तविक सौंदर्य, यही उत्सव की सार्थकता और यही स्वस्थ, संस्कारित एवं संवेदनशील भारत के निर्माण का संकल्प है।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist. For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction. Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan. शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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