जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक जिला कार्यालय सभागार में सम्पन्न हुई। जिलाधिकारी ने निर्देशित करते हुए कहा कि शीतकाल में शीतलहर से बचाव हेतु सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि नगर निगम हरिद्वार तथा रुड़की में रेनबसेरों की क्षमता बढ़ाई जाए।

नगर पालिका क्षेत्रों में रेनबसेरों में रुकने के लिए कम से कम 50 व्यक्तियों के रुकने की व्यवस्था की जाए अर्थात उनकी भी क्षमता विस्तार किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि अच्छी गुणवत्ता के कंबल खादी ग्रामोद्योग से खरीदे जाएं तथा नगरीय क्षेत्रों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी अलाव जलाएं जाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव जलाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश उप जिलाधिकारियों को दिए।

उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि आपदा में समय का बहुत बड़ा महत्व है, इसलिए समय से धनराशि की डिमांड की जाए तथा समय से ही कार्य पूर्ण हों और भुगतान भी समय से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाने तथा उनकी जानकारियों का सदुपयोग करने के निर्देश सभी अधिकारियों को दिए।

उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि खनन न्यास, आपदा तथा जिला योजना में हैंड पम्प लगाने के लिए बजट का आवंटन किया जाता है, इसलिए किसी भी प्रकार की डुप्लीकेसी को रोकने के लिए तीनों मदो में हैंड पंप की लिस्ट विधानसभावार उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि जिस कार्य में जो एजेन्सी या विभाग एक्सपर्ट है, उसी से काम कराया जाए अर्थात एक्सपर्ट एजेंसी से ही कार्य कराएं जाएं।

बैठक में जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में रिस्पॉन्स एण्ड रिलीफ मद में 8.50 करोड़, रिकवरी एण्ड रिकंस्ट्रक्शन में 11 करोड़, क्षमता विकास मद में 1.50 करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई है। जिसमें से रिस्पॉन्स एण्ड रिलीफ मद में 4.34 करोड़, रिकवरी एण्ड रिकंस्ट्रक्शन में 8.60 करोड़, क्षमता विकास मद में 54.49 लाख की धनराशि खर्च हो चुकी है।

उन्होंने विभागवार एवम् विधानसभावार प्राप्त कार्यों, चल रहे कार्यों, प्रस्तावित तथा पूर्ण हो चुके कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न समस्याओं पर जानकारी देते हुए विस्तार से चर्चा की तथा महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, विधायक आदेश चौहान, मोहम्मद शहजाद, फुरकान अहमद, ममता राकेश, रवि बहादुर, हरिद्वार विधायक प्रतिनिधि सुमित भार्गव, अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी, परियोजना निदेशक केएन तिवारी, उप जिलाधिकारी मनीष सिंह, गोपाल सिंह चौहान, जितेंद्र सिंह , युक्ता मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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