हरिद्वार में आवारा कुत्तों की संख्या को सुरक्षित और मानवीय तरीके से नियंत्रित करने के लिए पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम दोबारा शुरू किया गया है।

हरिद्वार नगर निगम ने शहर के लगभग 85% कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण कराने के लिए ह्यूमेन वर्ल्ड फॉर एनिमल्स इंडिया के साथ मिलकर यह अभियान शुरू किया है।

हरिद्वार। ह्यूमेन वर्ल्ड फॉर एनिमल्स इंडिया (जिसे पहले ह्यूमेन सोसाइटी इंटरनेशनल इंडिया कहा जाता था) एक पशु संरक्षण संगठन है, जो दुनिया भर में पशुओं के साथ होने वाली क्रूरता को रोकने के लिए काम करता है। इस संगठन ने हरिद्वार नगर निगम के साथ मिलकर शहर में बड़े पैमाने पर पशु जन्म नियंत्रण और रेबीज टीकाकरण कार्यक्रम फिर से शुरू किया है। इस कार्यक्रम के तहत, शहर के लगभग 85% आवारा कुत्तों को पशु जन्म नियंत्रण नियम, 2023 के अनुसार सुरक्षित और मानवीय तरीके से पकड़ा जाएगा। उनकी नसबंदी की जाएगी और रेबीज से बचाव का टीका लगाया जाएगा। इसके बाद उन्हें उसी जगह पर छोड़ दिया जाएगा, जहाँ से उन्हें पकड़ा गया था। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आवारा कुत्तों की संख्या को सही और मानवीय तरीके से नियंत्रित करना है। इससे कुत्तों का स्वास्थ्य बेहतर होगा, लोगों और कुत्तों के बीच होने वाली परेशानियाँ कम होंगी, और अनचाहे पिल्लों के जन्म को रोका जा सकेगा।

ह्यूमेन वर्ल्ड फॉर एनिमल्स इंडिया के साथ इस कार्यक्रम के जरिए हरिद्वार, उत्तराखंड के अन्य शहरों—देहरादून, रुद्रपुर, रुड़की, नैनीताल, ऋषिकेश, काशीपुर और मसूरी—की तरह इस अभियान का हिस्सा बन जाएगा। इससे पूरे राज्य में आवारा कुत्तों की देखभाल और संख्या नियंत्रण के प्रयास और मजबूत होंगे।

इस पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम में स्थानीय लोगों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए कुत्तों के व्यवहार से जुड़ी जागरूकता कार्यशालाएँ आयोजित होंगी, जानकारी देने वाली सामग्री बाँटी जाएगी और लोगों को जागरूक करने के प्रयास किए जाएँगे।

डॉ. पियूष पटेल, ह्यूमेन वर्ल्ड फॉर एनिमल्स इंडिया की पशु व जनजागरूकता टीम के निदेशक, ने कहा, “हरिद्वार में हमारी यह पहल पूरे राज्य में आवारा कुत्तों की संख्या को बेहतर ढंग से संभालने में मदद करेगी। पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम अपनाकर अब उत्तराखंड के कई शहरों के साथ हरिद्वार भी कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए एक व्यवस्थित और लंबे समय तक चलने वाला तरीका अपना रहा है। यह हरिद्वार जैसे शहर के लिए खास तौर पर जरूरी है,, जहाँ हर साल लाखों लोग आते हैं, इस वजह से लोगों और कुत्तों का आमना-सामना ज्यादा होता है।। उत्तराखंड के कई शहरों में सफल रहा यह कार्यक्रम अब हरिद्वार में भी कुत्तों की संख्या को मानवीय तरीके से नियंत्रित करने में मदद करेगा। आगे चलकर इससे लोगों और कुत्तों के बीच होने वाली दिक्कतें कम होंगी और कुत्तों की देखभाल भी बेहतर तरीके से हो सकेगी।”

सराय में स्थित पशु जन्म नियंत्रण केंद्र सोमवार से शुक्रवार, सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक सीधे आकर दी जाने वाली शिकायतें और अनुरोध स्वीकार करेगा। आवारा कुत्तों से संबंधित किसी भी जानकारी या सहायता के लिए लोग ह्यूमेन वर्ल्ड फॉर एनिमल्स इंडिया के हेल्पलाइन नंबर 9568844151 पर भी संपर्क कर सकते हैं।

उत्तराखंड के विभिन्न शहरों में ह्यूमेन वर्ल्ड फॉर एनिमल्स इंडिया द्वारा योजनाबद्ध और व्यवस्थित तरीके से चलाए जा रहे इस कार्यक्रम से सामुदायिक कुत्तों की संख्या में स्पष्ट रूप से कमी आई है और उनकी आबादी की बढ़ोतरी धीमी हुई है। इन परिणामों से यह साबित होता है कि जब इस तरह के कार्यक्रम को सही तरीके से और बड़े स्तर पर लागू किया जाता है, तो कुत्तों की संख्या का मानवीय प्रबंधन न केवल संभव है, बल्कि लंबे समय तक सार्वजनिक सुरक्षा और पशु कल्याण के लिए बेहद जरूरी भी है।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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