*मुख्यमंत्री ने प्रदेश में अवस्थापना विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को प्रदान की वित्तीय स्वीकृति*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राज्य में बुनियादी ढांचे एवं आधारभूत संरचनाओं के विकास एवं उद्यमों को प्रोत्साहन, प्रशासनिक सुदृढीकरण को बढ़ावा देने के साथ ही गंगा कॉरिडोर परियोजना एवं लघु जल विद्युत परियोजनाओं के सुदृढीकरण आदि के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। प्रदेश सरकार के इन निर्णयों से राज्य में विकास, निवेश, पर्यटन, ऊर्जा, खेल एवं प्रशासनिक पारदर्शिता को नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी स्वीकृत योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध एवं गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को इनका अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके।

*राज्यों को पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता योजना से आएगी अवस्थापना सुविधाओं के विकास में तेजी*

राज्यों को पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता योजना के तहत प्रदेश में विभिन्न विभागों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु ₹150 करोड़ तथा विभिन्न विभागों के अधीन संचालित मेगा प्रोजेक्ट्स हेतु ₹350 करोड़, की स्वीकृतियों का कार्योत्तर अनुमोदन प्रदान किया गया है, इससे राज्य में अवस्थापना सुविधाओं के विकास कार्यों को गति मिलेगी।

*त्रिवेणी घाट पुनर्विकास को मिली वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति*

मुख्यमंत्री द्वारा राज्यों को पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता योजना के अन्तर्गत ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजना के तहत त्रिवेणी घाट के पुनर्विकास हेतु व्यय वित्त समिति द्वारा अनुमोदित ₹106.78 करोड़ की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए इसी विशेष सहायता योजना के तहत वर्ष 2025-26 में प्रथम चरण हेतु अतिरिक्त आंवटन के रूप में भारत सरकार द्वारा अवमुक्त ₹11.37 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया गया। इस परियोजना से ऋषिकेश में गंगा तट का सौंदर्यीकरण होने के साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं में वृद्धि तथा पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

*सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को मिली राहत*

मुख्यमंत्री द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम नीति के अंतर्गत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को सहायता योजना के अन्तर्गत वित्तीय प्रोत्साहन के तहत जिला एवं राज्य स्तर पर स्वीकृत ₹22.82 करोड़ के लंबित दावों की देयताओं के भुगतान हेतु ₹20 करोड़ के पुनर्विनियोग के प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया है। इससे उद्यमियों को वित्तीय सहायता एवं औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

*उप निबंधक कार्यालयों को किया जायेगा आधुनिक सुरक्षा व्यवस्थाओं से युक्त*

प्रदेश के उप निबंधक कार्यालयों की अभिलेखों की सुरक्षा के दृष्टिगत जनपद स्तर पर नीवनीकृत किये जा रहे उपनिबंधक कार्यालयों एवं निर्माणाधीन केन्द्रीय अभिलेखागारों में 24×7 सीसीटीवी सर्विलांस, सेंट्रल मॉनिटरिंग एवं ऑथराइज्ड एक्सेस सिस्टम स्थापित करने हेतु उपनिबंधक कार्यालयों देहरादून, उधमसिंह नगर, हरिद्वार तथा देहरादून मुख्यालय हेतु ₹3.95 करोड़ की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे उप निबंधक कार्यालयों में अभिलेखों की सुरक्षा एवं पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

*चम्पावत में मल्टी स्टोरी पार्किंग एवं सिटी सेंटर निर्माण को मिली वित्तीय स्वीकृति*

आवास विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री घोषणा के तहत रोडवेज स्टेशन चम्पावत में आधुनिक सुसज्जित मल्टी स्टोरी पार्किंग एवं शॉपिंग कॉम्प्लेक्स (सिटी सेंटर चंपावत) के निर्माण हेतु व्यय वित्त समिति द्वारा अनुमोदित ₹62.33 करोड़ की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है, इससे जनपद चंपावत में यातायात प्रबंधन एवं व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

*वंदना कटारिया इंडोर स्टेडियम का उन्नयन*

रोशनाबाद स्थित वंदना कटारिया इण्डोर स्टेडियम के कबड्डी हॉल को ए.सी. युक्त बनाने हेतु ₹1.24 करोड़ का वित्तीय अनुमोदन प्रदान किया गया है, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

*वन भूमि उपयोग की जांच हेतु किया गया एसआईटी का गठन*

मा. सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में मुख्यमंत्री के अनुमोदन के उपरांत राज्य में राजस्व विभाग के अधीन आरक्षित वन भूमि जो कि किसी अन्य प्राईवेट संस्थाओं को गैर-वानिकी कार्यों हेतु आवंटित की गई है की जांच हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विशेष जांच टीमों का गठन किया गया है।

*जखाणा लघु जल विद्युत परियोजना के सिविल कार्यों को मिली स्वीकृति*

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद टिहरी गढ़वाल स्थित उरेडा की जखाणा जल विद्युत परियोजना के सिविल कार्यों यथा डायवर्जन वीयर, फीडर चैनल, पॉवर चैनल, पावर हाउस आदि कार्यो के लिए जनपद स्तरीय समिति द्वारा औचित्यपूर्ण पाई गई ₹30.48 लाख की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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