*सिंद्रवाणी में गुलदार के हमले से मृतक बच्चे के परिजनों से जिलाधिकारी ने की भेंट*

*पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की तात्कालिक सहायता, आवास व सुरक्षा उपायों के दिए निर्देश*

*गुलदार की धरपकड़ हेतु पिंजरे, ट्रैप कैमरा, सोलर लाइट व विशेषज्ञ टीम की तैनाती*

विगत दिवस जनपद के विकासखंड अगस्त्यमुनि अंतर्गत ग्राम सिंद्रवाणी (छिनका नगरासू) में गुलदार के हमले से मृतक पांच वर्षीय बालक के पीड़ित परिजनों से आज जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया। जिलाधिकारी ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए परिवार को इस विषम परिस्थिति में धैर्य एवं हौसला बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि संपूर्ण जिला प्रशासन इस कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है तथा हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

जिलाधिकारी ने परिवार की आर्थिक व सामाजिक स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास लाभ दिलाने के निर्देश दिए। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर गांव में ही सुरक्षित स्थान पर परिवार के विस्थापन की भी व्यवस्था किए जाने की बात कही। उन्होंने आश्वस्त किया कि मृतक बालक की माता के बैंक खाते में 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी।

जिलाधिकारी ने मृतक बालक की दो बहनों को राज्य सरकार की छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 18 वर्ष की आयु तक शिक्षा का लाभ दिलाने तथा मृतक के दादा-दादी को वृद्धावस्था पेंशन से आच्छादित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने गांव एवं सड़क किनारे उगी झाड़ियों के तत्काल कटान के निर्देश दिए। गांव में आज ही पांच सोलर लाइट स्थापित कराई गई हैं तथा आवश्यकता अनुसार और लाइट लगाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही गांव के आसपास घेरबाड़ (फेंसिंग) कराने के भी निर्देश दिए गए।

गुलदार की धरपकड़ के लिए वन विभाग द्वारा ग्रामीणों की राय को शामिल करते हुए विभिन्न स्थानों पर 3 पिंजरे लगाए गए हैं तथा 5 ट्रैप कैमरों सहित आधुनिक उपकरणों की सहायता से लगातार निगरानी की जा रही है। वन विभाग की गश्ती टीम क्षेत्र में निरंतर गश्त कर रही है। इसके अतिरिक्त वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञों को भी मौके पर बुलाया गया है, जो आगामी 4-5 दिनों तक क्षेत्र में रहकर गुलदार की गतिविधियों की मॉनिटरिंग करेंगे।

उल्लेखनीय है कि कल देर सायं सिंद्रवाणी (छिनका नगरासू) निवासी दक्ष पुत्र हेमंत बिष्ट, उम्र लगभग 5-6 वर्ष पर गुलदार ने हमला कर दिया था, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी के नेतृत्व में 7 अलग-अलग टीमों द्वारा गहन सर्च अभियान चलाया गया। रात्रि लगभग 11 बजे बच्चे का शव बरामद कर लिया गया।

सर्च अभियान में एसडीओ वन देवेंद्र पुंडीर के नेतृत्व में वन विभाग की 3 टीमें (कुल 20 कर्मी) लगातार मौके पर तैनात है। इसके अतिरिक्त डीडीआरएफ की 2 टीम, एसडीआरएफ की 1 टीम, पुलिस एवं जिला प्रशासन की टीम ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया। कुल मिलाकर वन विभाग के 20 कर्मी, डीडीआरएफ व एसडीआरएफ के 14 कर्मी, जिला प्रशासन के 6 कर्मी एवं पुलिस बल सर्च अभियान में शामिल रहे। शव को पोस्टमार्टम हेतु जिला चिकित्सालय भेजा गया ।

जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगली जानवरों की संभावित गतिविधियों को देखते हुए सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन व वन विभाग को दें।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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