आर्थिक विकास, क्षमता निर्माण और सबका साथ सबका विकास पर आधारित है बजट:त्रिवेंद्र सिंह रावत
हरिद्वार। हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने केंद्रीय बजट को विकास, निवेश, रोजगार और समावेशी भारत की दिशा में एक संतुलित और भविष्यपरक रोड़मैप पेश करने वाला बजट बताया है। प्रैस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किया गया बजट तीन कर्तव्यों तेज आर्थिक विकास, क्षमता निर्माण और सबका साथ सबका विकास पर आधारित है। बजट में विनिर्माण, इंफ्रास्टक्टर, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, कर सुधार और निर्यात को लेकर कई अहम घोषणाएं की गयी हैं। उन्होंने बताया कि बजट से आर्थिक ढांचा मजबूत होगा और राजकोषीय अनुशासन स्थापित होगा। विनिर्माण को नई रफ्तार मिलेगी। टेक्सटाइल और खादी को बढ़ावा मिलेगा। बजट में एमएसएमई और स्टार्टअप पर भी फोकस किया गया है। इंफ्रास्ट्रक्टर और कनेक्टिविटी का विस्तार होगा। मुबई-पुणे-दिल्ली-वाराणसी समेत 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर विकसित होंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल निर्माण के लिए भी बजट में प्रावधान किए गए हैं। बजट से किसानों और ग्रामीण व्यवस्था को संबल मिलेगा। 1 अप्रैल से नया आयकर अधिनियम लागू होने से टीडीएस-टीसीएस सरल, संशोधित रिर्टन समय सीमा बढ़ेगी, छोटे करदाताओं को राहत मिलेगी। नए आयकर अधिनियम में कर विवादों को कम करने के उपाय भी किए गए हैं। निर्यात, निवेश और सीमा शुल्क का सरलीकरण किया गया है। जिससे अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि बजट में उत्तराखंड के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी बढ़ाते हुए 41 प्रतिशत का प्रावधान किया गया है। रेल बजट में उत्तराखंड के लिए 4800 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। सांस्कृतिक व एडवंेचर टूरिज्म को बढ़ाने के लिए कदम उठाए गए हैं। 10 हजार ग्रामीण टूरिस्ट गाइड तैयार किए जाएंगे। क्लाइमेट चेंज के लिए भी प्रावधान किए गए है।
मनरेगा को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि मनरेगा का केवल नाम बदला गया है। योजना को खत्म नहीं किया गया है। योजना में कई राज्यों में घोटाले सामने आने के बाद कुछ प्रावधान बदले गए हैं। अब ग्रामीणों को 125 दिन का रोजगार मिलेगा। 33 फीसदी महिलाओं को काम देना अनिवार्य किया गया है। यूजीसी कानून पर उन्होंने कहा मामला न्यायालय के विचाराधीन है। इसलिए इस पर कुछ कहना ठीक नहीं होगा। राहुल गांधी को संसद में नहीं बोलने देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बच्चों की तरह जिद करते हैं। संसद नियमों से चलती है। जिद से नहीं। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रधानमंत्री के सदन में भाषण नहीं देने पर उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा जिस प्रकार का व्यवहार संसद में किया जा रहा है। वह ठीक नहीं है। मर्यादित विरोध किया जाना चाहिए। इस दौरान विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, मेयर किरण जैसल, भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, विकास तिवारी, लव शर्मा, धर्मेंद्र चौहान, हीरा सिंह, बिष्ट विनोद कुमार आदि मौजूद रहे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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