National Executive meeting, स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अर्ध वार्षिक बैठक दिल्ली में संपन्न।

National Executive meeting, The half-yearly meeting of the National Executive of the Freedom Fighter Successor Family Committee concluded in Delhi.

बैठक में देश भर के 21 राज्यों के शीर्ष पदाधिकारी हुए शामिल।

देश में स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवारों को अछूत की श्रेणी में रखा जा रहा है – जितेंद्र रघुवंशी

23 राज्यों में संगठन के विस्तार, परिवारों के अधिकारों और सामाजिक सरोकारों को लेकर बनी व्यापक कार्ययोजना।

उत्तराखंड राज्य से वरिष्ठ महिला पत्रकार एवं स्वतंत्रता सेनानी पुत्री शशि शर्मा बनी प्रदेश अध्यक्षा।

संगठन के महिला मोर्चा और युवा मोर्चा को सौंपीं गई विशेष जिम्मेदारीयां,सभी जिलों में होंगी जिलाध्यक्षों की नियुक्तियां।

National Executive meeting, नई दिल्ली | 20 सितंबर 2026 नई दिल्ली स्थित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में रविवार को स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति की अर्धवार्षिक बैठक 2026 राष्ट्रीय एवं प्रदेश पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुई जिसमें देश के 21 राज्यों के शीर्ष पदाधिकारियों ने शिरकत की।

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बैठक में संगठन के राष्ट्रीय विस्तार, स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवारों के सम्मान एवं अधिकारों तथा सामाजिक जनहित के कार्यों को लेकर महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष देशबंधु, कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष द्विजेंद्र मोहन शर्मा, राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी तथा राष्ट्रीय संगठन सचिव कपूर सिंह दलाल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवारों की प्रथम पीढ़ी की वर्तमान में आयु अवस्था को देखते हुए संगठन की मातृशक्ति और युवा शक्ति को नई जिम्मेदारीयां सौंपी गई , वार्षिक बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाने के उद्देश्य से मातृशक्ति मंच के नए पदाधिकारियों तथा युवा मंच के विभिन्न प्रदेश पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिए गए, तथा संगठन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तथा असम यूनिट की ओर से असम का परम्परागत पटका देकर सम्मानित किया गया।

हरिद्वार से वरिष्ठ महिला पत्रकार श्रीमती शशि शर्मा को संगठन की ओर से मातृ शक्तिमंच का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा प्रदेश में संगठन का दायित्व सौंपा गया।

स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति की मातृशक्ति मंच की राष्ट्रीय एवं विभिन्न प्रदेशों की अध्यक्षाएं

राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी ने मातृशक्ति एवं युवा शक्ति को संगठन की सबसे महत्वपूर्ण सक्रिय शक्तियों के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया, और पदाधिकारियों से पूछा कि देश के प्रत्येक राज्य और प्रत्येक स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार तक संगठन की पहुंच कैसे सुनिश्चित की जाए तथा देश भर के लगभग दो करोड़ स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारियों को कैसे एक सूत्र में पिरोयें, इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा मुझे चिंता है कि इस लोकतंत्र में हमारा आस्तित्व धीरे धीरे समाप्त किया जा रहा है,एक ओर प्रधानमंत्री घोषणा करते हैं कि स्वतंत्रता सेनानीयों के सपनों का भारत बनायेंगे वहीं दूसरी ओर स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवारों को अछूत की श्रेणी में रखा जा रहा है।
बैठक में रघुवंशी ने यह भी बताया गया कि संगठन वर्तमान में लगभग 23 राज्यों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। संगठन द्वारा स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवारों के सम्मान, अधिकारों एवं हितों के साथ-साथ सामाजिक एवं जनहित के विभिन्न कार्यों में भी सहभागिता की जा रही है।
प्रत्येक माह के प्रथम रविवार को प्रातः 10 बजे आयोजित होने वाले संगठन के निर्धारित कार्यक्रम को देशभर से मिल रहे सहयोग और सहभागिता पर भी उन्होंने चर्चा की।

स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के अधिकारों को लेकर कारगर रणनीति बनाये जाने पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

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बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष द्विजेन्द्र मोहन शर्मा ने विभिन्न राज्यों में स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवारों को उपलब्ध सम्मान एवं सुविधाओं की स्थिति पर विचार-विमर्श किया गया। विशेष रूप से पंजाब, उत्तराखंड, असम और छत्तीसगढ़ में लागू सरकारी प्रावधानों एवं अधिसूचनाओं के संदर्भ में चर्चा करते हुए अन्य राज्यों में भी स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवारों के लिए सम्मान, सुविधाओं एवं अधिकारों को लेकर आगे की रणनीति तैयार करने पर जोर दिया।

सामाजिकता सरोकारों में संगठन की भूमिका को बढाये जाने को लेकर आये सुझावों पर विचार करते हुए बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संगठन के विस्तार के साथ अब सामाजिक एवं जनहित के कार्यों में स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति की सक्रिय भागीदारी को और बढ़ाया जाएगा।

राष्ट्रीय पदाधिकारियों को सम्बोधित करते हुए संगठन के अध्यक्ष देशबन्धु ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत केवल इतिहास का हिस्सा नहीं है, बल्कि उनके त्याग, संघर्ष, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को वर्तमान एवं आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना भी संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

बैठक में सभी प्रदेशों एवं प्रकोष्ठों से सुझाव लिए गए तथा उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए आगामी कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया।

संगठन ने संकल्प व्यक्त किया कि स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के सम्मान एवं अधिकारों की आवाज को मजबूती से आगे बढ़ाने के साथ-साथ राष्ट्रहित और समाज हित के कार्यों में भी अपनी सक्रिय भूमिका निरंतर बढ़ाता रहेगा।

बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की ओर से डॉ. राजा भइया मिश्रा, कृष्णेंद्र सिंह, महन्थ प्रजापति, सुरेश चंद्र सुयाल एवं विजय कुमार तोमर सहित 21 प्रान्तों के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं अन्य सम्मानित सदस्य उपस्थित रहे।

प्रदेश स्तर पर उत्तर प्रदेश अध्यक्ष राजेश सिंह, मध्य प्रदेश महासचिव अरुण सिंह, छत्तीसगढ़ से चंद्र प्रकाश बाजपेयी, पंजाब प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह टिवाना, हरियाणा से सूबेदार बिजेन्द्र सिंह, असम से कमल चन्द्र लहकर, झारखण्ड से दिवाकान्त झा, तेलंगाना से मालरेड्डी राजा शेखर, बिहार से डॉ. अमर नाथ, महाराष्ट्र से निलेश भाई कोठारी, सुरेश चन्द्र बबेले, तमिलनाडु से ए. वेदरत्नम, मातृशक्ति मंच की छत्तीसगढ़ प्रदेशाध्यक्ष डॉ उषा किरण वाजपेयी, उत्तराखंड प्रदेशाध्यक्ष शशि शर्मा, हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष सुषमा शर्मा, पंजाब प्रदेशाध्यक्ष पवनदीप, झारखंड प्रदेशाध्यक्ष परिणिता झा, युवा मंच प्रदेशाध्यक्ष हीरापुरी, डॉ चन्दन जायसवाल, योगेश कुमार, सौमित्र तिवारी, कबीर मुहंमद तांबोली, अनुराग सिंह गौतम, संजय चौबे, अवधेश सिंह सहित विभिन्न राज्यों के पदाधिकारियों ने सहभागिता की।

इसके अलावा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मृगांक शेखर, सुनील कुमार गुजराती, मोनोतोष दास, अखिलेश पाण्डेय, ओम प्रकाश मांझी, कोषाध्यक्ष आदित्य गहलोत, मातृशक्ति मंच की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती दीपा दास तथा युवा मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदित्य प्रताप सिंह रघुवंशी सहित संगठन के सम्मानित सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में संगठन से जुड़े कुछ जनजागरण के स्लोगनों को भी सर्व सम्मति से स्विकार किया गया।

“एक विरासत — एक संकल्प — एक भारत”
“स्वतंत्रता सेनानी परिवारों का सम्मान — राष्ट्र का सम्मान।”

 

By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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