प्रभारी सचिव आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में कमेड़ा में लगा “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” बहुउद्देशीय शिविर*

*35 में से 20 समस्याओं का मौके पर निस्तारण, शेष के लिए समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश*

*ग्रामीणों को एक ही स्थान पर मिली योजनाओं की जानकारी और लाभ*

मा० मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के निर्देशानुसार आम जनमानस को केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने तथा जनसमस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से प्रदेशभर में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान संचालित किया जा रहा है। जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन के कुशल नेतृत्व में जनपद की 27 न्याय पंचायतों में चरणबद्ध रूप से बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।

इसी क्रम में आज दिनांक 05 फरवरी 2026 को न्याय पंचायत सतेराखाल के अंतर्गत ग्राम कमेड़ा में “प्रशासन गांव की ओर” बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता प्रभारी सचिव रुद्रप्रयाग आर. राजेश कुमार ने की। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मौके पर ही प्रदान किया जाए।

शिविर में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, कृषि, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, उद्योग, समाज कल्याण, पंचायतीराज/ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य विभाग (आयुष्मान आरोग्य शिविर), राजस्व विभाग, महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास, पूर्ति विभाग सहित अनेक विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। पात्र लाभार्थियों को वृद्धावस्था, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन, आयुष्मान भारत योजना, राशन कार्ड, आधार सेवाएं, आय/जाति/निवास प्रमाण पत्र, यूसीसी पंजीकरण, राशन कार्ड ई-केवाईसी, एलपीजी केवाईसी, स्वरोजगार एवं आजीविका योजनाओं सहित अनेक सेवाओं का लाभ मौके पर ही प्रदान किया गया।

*जनसुनवाई में उठीं स्थानीय समस्याएं*

शिविर के दौरान आयोजित जनसुनवाई में ग्रामीणों द्वारा कुल 35 समस्याएं प्रस्तुत की गईं, जिनमें से 20 का समाधान मौके पर ही कर दिया गया। शेष समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए गए।

ग्रामीणों ने तल्ला नागपुर पेयजल पंपिंग योजना से पर्याप्त जलापूर्ति न होने, कमेड़ा के आंतरिक क्षेत्र में पेड़ों से घरों को क्षति की आशंका के कारण पेड़ कटान, खराल तोक से क्यार्क तक पैदल मार्ग निर्माण, सड़क मरम्मत, सोलर लाइट स्थापना, राशन कार्ड, विद्युत आपूर्ति, आवास, सड़क डामरीकरण, पेयजल व्यवस्था, मुआवजा एवं गौशाला संबंधी समस्याएं प्रमुखता से रखीं। ग्राम प्रधान ऊषा देवी ने खराल, चांदियूं एवं गढ़धार क्षेत्र को नगर पालिका में सम्मिलित न करने का अनुरोध किया। ग्रामीण उमाशंकर सेमवाल ने लोनिवि द्वारा अधिग्रहित भूमि का मुआवजा न मिलने की शिकायत दर्ज कराई।

*प्रभारी सचिव के निर्देश*

इस अवसर पर प्रभारी सचिव आर. राजेश कुमार ने कहा कि मा० मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार इन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है और वे मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में यहां उपस्थित हैं। उन्होंने कहा कि इन शिविरों का उद्देश्य सरकार और जनता के बीच सीधा समन्वय स्थापित करना है, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में रह रहे लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन समस्याओं के समाधान हेतु समयसीमा निर्धारित की गई है, उनका निस्तारण तय समय में सुनिश्चित किया जाए, जिससे ग्रामीणों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने ग्रामीणों से भी आग्रह किया कि वे अपनी समस्याओं के समाधान का नियमित फॉलोअप लेते रहें।

इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य गंभीर सिंह बिष्ट, ग्राम प्रधान कमेड़ा ऊषा देवी, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी, पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध घिल्डियाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष रावत, एसडीओ फॉरेस्ट देवेंद्र पुंडीर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामप्रकाश, मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रमेन्द्र बिष्ट, खंड विकास अधिकारी अगस्त्यमुनि सुरेश शाह, जिला पर्यटन विकास अधिकारी राहुल चौबे, अधिशासी अभियंता लोनिवि इंद्रजीत बोस, अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग मीनल गुलाटी, जिला समाज कल्याण अधिकारी टी.आर. मलेठा, तहसीलदार प्रणव पांडे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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