*चुनौतीपूर्ण रही 100 वर्षों की संघ यात्रा : प्रमोद कुमार*

*-संघ शताब्दी वर्ष कार्यक्रम के तहत प्रमुख जन गोष्ठी आयोजित*

*-व्यक्ति निर्माण से समाज निर्णय तक कर कर रहा संघ*

*-पंच परिवर्तन के माध्यम से होगा सशक्त राष्ट्र का निर्माण*

*हरिद्वार।* राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हरिद्वार द्वारा शताब्दी वर्ष कार्यक्रम श्रंखला के अंतर्गत आज श्रीजी वाटिका प्राचीन अवधूत मंडल में प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता पूर्व प्रतिकुलपति राजस्थान व पश्चिम उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड क्षेत्र कार्यवाह प्रमोद कुमार ने कहा कि ने संघ की 100 वर्षो की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संघ की स्थापना 27 सितंबर 1925 को डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने नागपुर में की थी। तब से लेकर अब तक, संघ ने कई महत्वपूर्ण पड़ाव देखे हैं, जिनमें स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेना, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना, और आपदा राहत में योगदान देना शामिल है,इसी के साथ संघ पर चार बार प्रतिबंध भी लगा। उन्होंने बताया कि 1925-1947 स्थापना से लेकर स्वतंत्रता तक, संघ ने राष्ट्रीय चेतना और संगठन बढ़ाने का कार्य किया। 1947-1964 विभाजन के बाद शरणार्थियों की सहायता और 1962 और 1965 के युद्धों में सैनिकों की सेवा।1964-1980 विश्व हिंदू परिषद की स्थापना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना। 1992-2025 प्रतिबंध हटाने के बाद संघ ने पंच परिवर्तन – सामाजिक समरसता, स्व का आग्रह, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक शिष्टाचार को अपना लक्ष्य बनाया।

आरएसएस की इस यात्रा को चार भागों में विभाजित करके देखे आरएसएस की स्थापना का मुख्य उद्देश्य देशभक्ति और राष्ट्रीयता की भावना को बढ़ावा देना था, समाज में एकता और समरसता को बढ़ावा देने का प्रयास किया, भारतीय संस्कृति और परंपरा को संरक्षित और बढ़ावा देने का प्रयास किया तथा समाज सेवा और स्वयंसेवा को बढ़ावा देने का प्रयास किया।

श्री प्रमोद कुमार ने कहा कि आरएसएस के पंचपरिवर्तन संकल्प में पांच प्रमुख पहलू शामिल है जिसमे पहला स्वबोध,आत्म-जागरूकता और स्वदेशी मूल्यों को बढ़ावा देना। दूसरा सामाजिक समरसता, सामाजिक एकता और जाति-विहीन समाज का निर्माण। तीसरा पर्यावरण संरक्षण,पर्यावरण की रक्षा और संवर्धन। चौथा कुटुंब प्रबोधन, परिवार के मूल्यों और संस्कारों का संरक्षण तथा पांचवा नागरिक कर्तव्य, नागरिकों की जिम्मेदारियों और कर्तव्यों का पालन करना है।

आरएसएस ने समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और देश के विकास में योगदान करने का प्रयास किया है।

गोष्ठी की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश लोकपाल सिंह ने की तथा मंच पर जिला संचालक डॉ. यतींद्र नाग्यान व नगर संचालक एडवोकेट ज्ञानेश ठकराल मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान जिज्ञासाओं का भी समाधन किया गया। कार्यक्रम में प्रमुखजनो ने वक्ताओं से संघ से सम्बंधित प्रश्न पूछे व समाज में संघ की भूमिका को जाना।

इस मौके पर पशिचम उत्तर प्रदेश प्रचार प्रमुख पदम् जी, प्रांत सम्पर्क प्रमुख सीए अनिल वर्मा, सह डॉ. अभय,विभाग प्रचारक राकेश जी,विभाग प्रचार प्रमुख अनिल गुप्ता,विभाग सह विभाग सम्पर्क प्रमुख संजय पंवार,जिला व्यवस्था प्रमुख मुनेश चौहान,जिला सम्पर्क प्रमुख अमित चौहान,नगर के प्रमुख कार्यकर्ताओं सहित सैकड़ों गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *