*चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड में पर्याप्त एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु कदम उठाए जा रहे हैं*

– पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए प्रमुख क्षेत्रों पर अद्यतन जानकारी

– उत्तराखंड राज्य में उपभोक्ताओं को लगातार एलपीजी आपूर्ति की जा रही है- आईओसीएल, उत्तराखंड

– सिटी गैस वितरण और वैकल्पिक ईंधन के क्षेत्र में उत्तराखंड में 5 सीजीडी कंपनियां कार्य कर रही हैं

– नागरिकों को एलपीजी सिलेंडर बुक करने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने और आवश्यक न होने पर वितरकों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है

– डायवर्जन रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित एलपीजी डिलीवरी फरवरी 2026 में 53 प्रतिशत से बढ़कर कल 90 प्रतिशत हो गई

– मार्च 2026 से अब तक 3.6 लाख कनेक्शनों में गैस कनेक्शन स्थापित होने और 3.9 लाख से अधिक नए पंजीकरण के साथ पीएनजी के विस्तार में गति

– निगरानी और अनुपालन के तहत नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोका जा सके। अब तक 5,681 निरीक्षण और 301 छापे मारे गए हैं, जिनके परिणामस्वरूप 16 एफआईआर दर्ज की गईं, 7 गिरफ्तारियां हुईं और 16 नोटिस जारी किए गए

– विशेष ध्यान जन-जागरूकता बढ़ाने और गलत सूचनाओं (फेक न्यूज) को रोकने पर दिया जा रहा है। फर्जी खबरों का खंडन किया जा रहा है और सही जानकारी साझा की जा रही है। राज्य सरकार ने सहायता के लिए 112 और 1070 टोल-फ्री नंबर भी जारी किए हैं।

– नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे घबराकर खरीदारी न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। उन्हें डिजिटल माध्यम से एलपीजी बुकिंग करने, भीड़ से बचने, जहां संभव हो वैकल्पिक ईंधन का उपयोग करने और ऊर्जा की बचत करने के लिए प्रेरित किया गया है।

– चारधाम यात्रा के लिए एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती खपत को लेकर केंद्र सरकार को राज्य की तरफ मांग भेजी गई है- आईओसीएल, उत्तराखंड

सोमवार को सूचना प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पीआईबी देहरादून में आईओसीएल-उत्तराखंड के राज्य स्तरीय समन्वयक, तेल उद्योग ने एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता, तथा गलत सूचना का मुकाबला करने के उपाय को लेकर पत्रकार वार्ता की.

डिविजनल रिटेल सेल्स हेड, आईओसीएल-उत्तराखंड, राज्य स्तरीय समन्वयक, तेल उद्योग श्री कृष्ण कुमार गुप्ता ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए प्रमुख क्षेत्रों पर अद्यतन जानकारी में नागरिकों को एलपीजी सिलेंडर बुक करने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने और आवश्यक न होने पर वितरकों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है.

डायवर्जन रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित एलपीजी डिलीवरी फरवरी 2026 में 53 प्रतिशत से बढ़कर कल 90 प्रतिशत हो गई. मार्च 2026 से अब तक 3.6 लाख कनेक्शनों में गैस कनेक्शन स्थापित होने और 3.9 लाख से अधिक नए पंजीकरण के साथ पीएनजी के विस्तार में गति है.

इस राज्य स्तरीय प्रेस वार्ता में बताया गया है कि भारत अपनी कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की लगभग 80% जरूरत आयात के माध्यम से पूरी करता है। तेल कंपनियां केंद्र सरकार और राज्य सरकार के साथ समन्वय बनाकर आपूर्ति बनाए रखने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं, और पूरी स्थिति पर नजदीकी निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की कमी न हो।

आईओसीएल, उत्तराखंड की तरफ से बताया गया कि चारधाम यात्रा के लिए एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती खपत को लेकर केंद्र सरकार को राज्य की तरफ मांग भेजी जा रही है.

एलपीजी (LPG) के संदर्भ में, भारत की लगभग 60% आवश्यकता आयात से पूरी होती है। सभी रिफाइनरियां पूर्ण क्षमता पर चल रही हैं और एलपीजी उत्पादन को बढ़ाया गया है। उत्तराखंड राज्य में उपभोक्ताओं को लगातार एलपीजी आपूर्ति की जा रही है, लेकिन वर्तमान में लगभग 6.97 दिनों का बैकलॉग है, जिसका मुख्य कारण उपभोक्ताओं द्वारा घबराहट में रिफिल बुकिंग करना है। लगभग 85% बुकिंग ऑनलाइन हो रही हैं और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) का कार्यान्वयन भी 85% तक हो चुका है। घरेलू एलपीजी आपूर्ति औसतन 18 लाख प्रति माह है। मार्च में जहां प्रतिदिन लगभग 65,000 सिलेंडर की आपूर्ति हो रही थी, वहीं वर्तमान में यह घटकर लगभग 56,000 प्रतिदिन (लगभग 85%) रह गई है। गैर-घरेलू एलपीजी की आपूर्ति औसतन 1.6 लाख प्रति माह है, जिसमें प्रतिदिन लगभग 5,000 सिलेंडर की आपूर्ति होती थी, लेकिन वर्तमान में यह घटकर लगभग 2,600 प्रतिदिन (लगभग 55%) हो गई है। 5 किलोग्राम सिलेंडरों की आपूर्ति भी 800 प्रतिदिन से घटकर लगभग 250 प्रतिदिन रह गई है। डिलीवरी का समय शहरी क्षेत्रों में लगभग 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 45 दिन है। गैर-घरेलू आपूर्ति में अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, होटल/ढाबों, औद्योगिक कैंटीनों और फार्मा क्षेत्र को प्राथमिकता दी जा रही है।

एक आंकड़े के मुताबिक उत्तराखंड में:

5 अप्रैल को 34,448 एलपीजी बुकिंग हुई.

29 मार्च से 4 अप्रैल तक 2,95,624 एलपीजी बुकिंग हुई.

मार्च 2024 में 14,06,421 एलपीजी बुकिंग हुई.

5 अप्रैल को 26,595 एलपीजी डिलीवरी हुई.

29 मार्च से 4 अप्रैल तक 2,50,344 एलपीजी डिलीवरी हुई.

मार्च 2024 में 11,25,546 एलपीजी डिलीवरी हुई.

फिलहाल प्रदेश में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत प्रतिदिन लगभग 5,000 सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं।

ईंधन आपूर्ति की स्थिति (पेट्रोल और डीजल) की बात करें तो पूरे राज्य में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध हैं। कुल 978 रिटेल आउटलेट सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं, जिनमें IOC- इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के 431, BPC- भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के 214, HPC- हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के 254, RIL- रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के 28 और Nayara के 51 आउटलेट शामिल हैं। औसत उपलब्धता पेट्रोल (MS) के लिए लगभग 60,000 किलोलीटर और हाई-स्पीड डीजल (HSD) के लिए लगभग 75,000 किलोलीटर है। पेट्रोल में 2% और डीजल में 6% की वृद्धि दर्ज की गई है। रिटेल आउटलेट्स और टर्मिनलों दोनों में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति प्रणाली सुचारू रूप से चल रही है।

सिटी गैस वितरण और वैकल्पिक ईंधन के क्षेत्र में राज्य में 5 CGD- सिटी गैस वितरण कंपनियां कार्य कर रही हैं, जिनमें देहरादून में GAIL Gas, उधम सिंह नगर में IOC-Adani Gas Pvt. Ltd., हरिद्वार में HNGPL और नैनीताल में HPCL शामिल हैं। राज्य में CNG, घरेलू PNG और वाणिज्यिक एवं औद्योगिक PNG की आपूर्ति में कोई बाधा या प्रतिबंध नहीं है। इन कंपनियों द्वारा घरेलू PNG कनेक्शन को तेजी से बढ़ाने, कम समय में अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने, सर्वे और संस्थागत कनेक्शन को प्राथमिकता देने, दैनिक प्रगति की निगरानी करने और अधिकतम जनहित के आधार पर प्राथमिकता तय करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। 1 मार्च से अब तक 1,388 PNG कनेक्शन दिए गए हैं, जिनमें से पिछले दिन 40 कनेक्शन जोड़े गए, और कुल उपभोक्ताओं की संख्या 35,589 हो गई है।

उत्तराखंंड में निगरानी और अनुपालन के तहत नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोका जा सके। अब तक 5,681 निरीक्षण और 301 छापे मारे गए हैं, जिनके परिणामस्वरूप 16 एफआईआर दर्ज की गईं, 7 गिरफ्तारियां हुईं और 16 नोटिस जारी किए गए।

राज्य में वितरण व्यवस्था की निगरानी के लिए पेट्रोल पंपों और एलपीजी वितरकों पर नियमित जांच की जा रही है। अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन निरीक्षण किए जा रहे हैं। तेल विपणन कंपनियों (OMC) द्वारा 130 एलपीजी निरीक्षण और 259 रिटेल आउटलेट निरीक्षण किए गए हैं।

विशेष ध्यान जन-जागरूकता बढ़ाने और गलत सूचनाओं (फेक न्यूज) को रोकने पर दिया जा रहा है। फर्जी खबरों का खंडन किया जा रहा है और सही जानकारी साझा की जा रही है। राज्य सरकार ने सहायता के लिए 112 और 1070 टोल-फ्री नंबर भी जारी किए हैं।

आईओसीएल-उत्तराखंड, राज्य स्तरीय समन्वयक, तेल उद्योग श्री कृष्ण कुमार गुप्ता ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा- एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की खरीदारी घबराकर न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। उन्होंने डिजिटल माध्यम से एलपीजी बुकिंग करने, भीड़ से बचने, जहां संभव हो वैकल्पिक ईंधन का उपयोग करने और ऊर्जा की बचत करने के लिए नागरिकों को प्रेरित किया.

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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