नूरपुर पंजनहेड़ी मामले में आरोपी अतुल चौहान की पत्नी ने मुख्यमंत्री से लगायी निष्पक्ष जांच और न्याय की गुहार

सरकारी भूमि को खुर्द बुर्द होने से बचाने की लड़ाई को कमजोर करने के लिए रचा गया षड़यंत्र-दीपशिखा चौहान

हरिद्वार। नूरपुर पंजनहेड़ी में भूमि पैमाईश के दौरान भाजपा नेताओं के दो गुटों में खूनी हुए संघर्ष मामले में गोलीकांड के आरोपित अतुल चौहान की पत्नी दीपशिखा चौहान ने पूरे मामले में पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगायी है। प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि यह मामला सिर्फ मारपीट का नही बल्कि कई सौ करोड़ की सरकारी भूमि को खुर्दबुर्द किये जाने का है। जिसे बचाने की लड़ाई उनके पति अतुल चौहान लड़ रहे है। उन्होंने कहा कि उनके पति द्वारा समाज सेवा, बाग-कृषि भूमि तथा सरकारी भूमि बचाने की लड़ाई को कमजोर करने की नीयत से यह सोचा समझा षडयंत्र किया गया है। दीपशिखा चौहान ने बताया कि उनके पति अतुल चौहान द्वारा ग्राम नूरपुर पंजनहेडी में बागो की अवैध कटाई एवं बड़े पैमाने पर हो रही कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग के संबंध में काफी समय से प्रशासन एवं हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण में शिकायत की जा रही थी तथा उच्च न्यायालय में जनहित याचिका भी दायर की थी। जिस कारण जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान व सचिन चौहान पुत्र उदेश चौहान आदि मेरे पति अतुल चौहान से रंजिश रखने लगे थे। अतुल चौहान को जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही थी। जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस से करते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई थी तथा अपनी सुरक्षा के लिए उच्च न्यायालय नैनीताल में याचिका दायर की थी। जिस पर उच्च न्यायालय ने 16 अक्टूबर 2024 को अतुल चौहान को सुरक्षा दिए जाने के आदेश पारित किए गए थे। अतुल चौहान की शिकायत पर 28 जनवरी को खसरा नंबर 154 और 158 ग्राम नूरपुर पंजनहेडी पर हो रही अवैध प्लाटिंग पर उपाध्यक्ष हरिद्वार- रुड़की विकास प्राधिकरण के आदेश पर प्रशासन द्वारा जमीन की पैमाईश की जानी थी। इसके लिए तहसीलदार एवं लेखपाल द्वारा अतुल चौहान को मौके पर बुलाया गया। प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर अतुल चौहान अपने भतीजे तरुण चौहान के साथ कार से मौके पर पहुंचे तो वहां पहले से ही मौजूद अमित चौहान, सचिन चौहान पुत्रगण उदेश चौहान, कृष्णपाल उर्फ नानू पुत्र सीताराम , शोभित चौहान पुत्र कृष्णपाल, सहदेव निवासी नूरपुर पंजनहेडी एवं करीब 5 – 6 अज्ञात लोग ने अतुल चौहान व तरुण चौहान को देखते ही गाली-गलौच करते हुए उन पर जान से मारने की नियत से लाठी-डंडों से हमला कर दिया तथा पीछे से छिपकर कई फायर भी किये। बचाव में अतुल चौहान ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से हवा व नीचे सड़क पर फायर किए तथा अपनी जान बचाते हुए वहां से वापस आ गए और कनखल थाने पहुंचकर पुलिस को पूरी जानकारी देते हुए अपनी पिस्टल भी जमा करा दी। इसके बाद षड्यंत्र के तहत अपने रसूख का गलत फायदा उठाते हुए अमित चौहान ने अपने भाई व एक अन्य को गोली लगने का हल्ला मचा दिया और अस्पताल आ गए। दीपशिखा ने बताया कि जिस सचिन चौहान को पेट मे गोली लगने की बात प्रचारित की जा रही है। वीडियो में वह ठीक-ठाक स्थिति में गाड़ी से उतरते हुए दिख रहा है, आराम से घूम रहा है और फोन पर बात भी कर रहा है। जिसकी सभी वीडियो फुटेज उनके पास सुरक्षित हैं। दीपशिक्षा ने कहा कि उनके पति ने किसी को भी गोली नही मारी। उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए जमीन की तरफ फायरिंग की थी। दीपशिखा ने आरोप लगाया कि घटना के बाद पुलिस उनके घर आयी और महिलाओं व बच्चों से गाली-गलौच करते हुए उनके नाबालिग बेटे, जिसका घटना से कोई लेना देना नहीं है, को जबरन उठा कर ले गयी तथा चौकी में ले जाकर उसे बुरी तरह से पीटा गया। बेटे की मेडिकल रिपोर्ट में पिटायी किए जाने की बात सामने आयी है। जिसकी शिकायत सभी जगह की गई है। लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है। दीपशिखा ने कहा कि उनका बेटा आर्चरी का राष्ट्रीय स्तरीय का खिलाड़ी है और कई बार राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीत चुका है। पिटायी के बाद से वह गहरे सदम में है और ठीक से सो भी नहीं पा रहा है। दीपशिखा ने आरोप लगाया कि बेटे को उठाने आयी पुलिस के साथ सादे कपड़ों में कोई पेशेवर अपराधी प्रशांत शर्मा भी था। वीडियो में पुलिस के साथ कार्यवाही में वह साथ दिख रहा है।

दीप शिखा चौहान ने बताया कि उनकी शिकायत पर पुलिस ने आरोपी अमित चौहान, उसके भाई सचिन चौहान सहित 6-7 लोगो पर मुकदमा तो दर्ज कर दिया है। लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नही हुई। आरोपी गांव में दहशत बनाये घुम रहे है। उन्होंने मांग की है कि आरोपी अमित चौहान, सचिन चौहान सहित सभी आरोपियों की तुरन्त गिरफ्तारी हो, साथ ही उनके नाबालिक बेटे को घर से जबरन उठाने वाले तथा उसके साथ मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कठोर कार्यवाही की जाए।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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