*24×7 अलर्ट मोड पर रहें अधिकारीः मुख्य सचिव*

*कहा-राज्य के नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, मुख्य सचिव ने एसईओसी से की स्थिति की समीक्षा*

देहरादून। मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने मौसम विभाग द्वारा जारी रेड तथा आरेंज अलर्ट को लेकर रविवार को देर शाम राज्य आपाताकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर प्रदेशभर में वर्षा से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनजीवन की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संभावित आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभाग पूर्ण समन्वय के साथ 24×7 अलर्ट मोड पर कार्य करें। उन्होंने राज्यभर में वर्षा की स्थिति, नदियों के जलस्तर, बंद सड़कों, भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों, राहत एवं बचाव कार्यों, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति, संचार व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सेवाओं की विस्तृत जानकारी ली। विभिन्न जनपदों में हुई वर्षा, संभावित मौसम पूर्वानुमान तथा आगामी दिनों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी आपात परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्षा एवं अतिवृष्टि से हुई क्षति का विस्तृत आकलन कर उसकी सूचना शीघ्र यूएसडीएमए को उपलब्ध कराई जाए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों एवं जनहानि का आकलन करते हुए प्रभावित लोगों को नियमानुसार मुआवजे का वितरण प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रदेश की सड़कों को 15 अक्टूबर तक गड्ढामुक्त किए जाने के निर्देशों का उल्लेख करते हुए सभी जिलों को तय समयसीमा के भीतर अभियान चलाकर सड़कों की मरम्मत एवं पुनस््र्थापना का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त सड़कों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और संवेदनशील मार्गों पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्य सचिव ने बारिश के दौरान सभी जनपदों द्वारा किए गए राहत, बचाव एवं आपदा प्रबंधन कार्यों की सराहना करते हुए अधिकारियों की पीठ थपथपाई और कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सभी विभागों एवं जिला प्रशासन द्वारा बेहतर समन्वय के साथ कार्य किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को इसी तत्परता एवं समन्वय के साथ आगे भी कार्य जारी रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को सभी जनपदों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बंद सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र खोला जाए तथा भूस्खलन संभावित एवं संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त मशीनरी पहले से तैनात रखी जाए। जिन स्थानों पर भूस्खलन अथवा मार्ग अवरुद्ध होने की संभावना अधिक रहती है, वहां पहले से पर्याप्त संख्या में जेसीबी, पोकलैंड मशीनें, आवश्यक उपकरण एवं तकनीकी दल तैनात किए जाएं, ताकि मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल यातायात बहाल किया जा सके।

उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ पूरी सतर्कता एवं संवेदनशीलता से कार्य करने को कहा, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। कहा कि बिजली, पेयजल एवं संचार सेवाओं की बहाली सर्वोच्च प्राथमिकता पर की जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जिलों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, विद्युत, पेयजल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सहित सभी संबंधित विभाग पूर्ण समन्वय के साथ कार्य करें। दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों में खाद्यान्न, दवाइयों, ईंधन तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडारण पहले से सुनिश्चित किया जाए, ताकि सड़क बंद होने की स्थिति में स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन, आयुक्त गढ़वाल श्री आनंद स्वरूप, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन श्री प्रकाश चंद्र, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, विशेषज्ञ श्री मनीष भगत, डाॅ. पूजा राणा, सुश्री प्रतिभा पुरोहित, श्री मोहित माथुर आदि उपस्थित रहे।

*यात्रा संचालन मौसम एवं मार्ग की स्थिति के आधार पर हो*

देहरादून। मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने निर्देश दिए कि मौसम की वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही चारधाम यात्रा का संचालन किया जाए। यदि अत्यधिक वर्षा अथवा मार्ग अवरुद्ध होने जैसी परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं तो यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोककर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा परिस्थितियां सामान्य होने के बाद ही उन्हें आगे भेजा जाए।

*नदियों के जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी के निर्देश*

देहरादून। मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने नदियों के जलस्तर पर चैबीसों घंटे निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लगातार जागरूक किया जाए तथा खतरे की आशंका होने पर उन्हें समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि डैम एवं बैराजों से पानी छोड़े जाने की स्थिति में डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पूर्व सूचना देकर सतर्क किया जाए।

*गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों एवं गंभीर रोगियों की विशेष निगरानी*

देहरादून। मुख्य सचिव ने गर्भवती महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों तथा गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को आवश्यकता के अनुसार समय रहते सुरक्षित स्थानों अथवा चिकित्सा सुविधाओं से युक्त स्थानों पर पहुंचाया जाए। जहां आवश्यकता हो वहां हेलीकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध कराई जाए।

*डेंगू की रोकथाम के लिए युद्धस्तर पर अभियान के निर्देश*

देहरादून। मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने डेंगू की रोकथाम को लेकर भी जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों तथा ग्राम पंचायतों को युद्धस्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव वाले सभी स्थानों की तत्काल पहचान कर वहां पानी की निकासी सुनिश्चित की जाए तथा नियमित फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव और विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए। सभी जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू जांच किट, पर्याप्त दवाइयां, रक्त की उपलब्धता, बेड तथा चिकित्सा कर्मियों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

*ट्रेकर्स की सुरक्षा प्राथमिकता-मुख्य सचिव*

मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने एसईओसी पहुंचकर हाई एल्टीट्यूड ट्रेकिंग रूटों पर फंसे ट्रेकर्स के रेस्क्यू अभियान की समीक्षा की

देहरादून। मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने रविवार को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) पहुंचकर उत्तरकाशी एवं बागेश्वर जनपदों में हाई एल्टीट्यूड ट्रेकिंग के दौरान विभिन्न स्थानों पर फंसे ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने के लिए संचालित किए जा रहे राहत एवं बचाव अभियान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान संचालित किया जाए।

बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने बताया कि उत्तरकाशी जनपद में 10 ट्रेकिंग दलों के 136 ट्रेकर्स तथा बागेश्वर जनपद में 03 दलों के 43 ट्रेकर्स, कुल 13 ट्रेकिंग दलों के 179 ट्रेकर्स विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं। सभी ट्रेकर्स की सुरक्षित वापसी के लिए संबंधित जनपदों में रेस्क्यू प्लान तैयार किया गया है।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सोमवार, 28 सितंबर को प्रातः 6 बजे से हेलीकॉप्टरों के माध्यम से रेस्क्यू अभियान प्रारंभ किया जाए। उन्होंने यूकाडा के माध्यम से पर्याप्त संख्या में हेलीकॉप्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त हेलीकॉप्टरों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेस्क्यू अभियान के दौरान सभी ट्रेकर्स से लगातार संपर्क बनाए रखा जाए तथा उनकी लोकेशन, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यकताओं की नियमित जानकारी ली जाए। उन्होंने कहा कि दुर्गम एवं उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम की स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग से लगातार समन्वय स्थापित करते हुए रेस्क्यू की कार्ययोजना में आवश्यकतानुसार बदलाव किया जाए।

मुख्य सचिव ने रेस्क्यू के बाद सभी ट्रेकर्स की तत्काल मेडिकल स्क्रीनिंग एवं स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने एम्स ऋषिकेश तथा श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को अलर्ट मोड पर रखने को कहा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर अस्वस्थ ट्रेकर्स को तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने रेस्क्यू अभियान में शामिल हेलीकॉप्टरों के लिए एटीएफ (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि ईंधन की कमी के कारण रेस्क्यू अभियान प्रभावित न हो।

मुख्य सचिव ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि रेस्क्यू अभियान में शामिल प्रत्येक हेलीकॉप्टर में सेटेलाइट फोन की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए, ताकि ऊंचाई वाले एवं संचार विहीन क्षेत्रों में भी रेस्क्यू टीमों के साथ निरंतर संपर्क बना रहे। उन्होंने उत्तरकाशी एवं बागेश्वर के जिलाधिकारियों को संबंधित रेस्क्यू टीमों, पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, सेना, आईटीबीपी, यूकेएडीए एवं अन्य संबंधित विभागों के साथ बेहतर अंतर-विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रत्येक ट्रेकर का सुरक्षित रेस्क्यू सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेस्क्यू अभियान के दौरान उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए सभी ट्रेकर्स को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जाए।

उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को रेस्क्यू अभियान की 24×7 मॉनिटरिंग करने तथा जनपदों से लगातार अपडेट प्राप्त कर शासन स्तर पर आवश्यक समन्वय एवं सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

*महत्वपूर्ण अपडेट*

बागेश्वर जनपद के 43 ट्रेकर्स ट्रैकिंग मार्ग पर मौसम खराब होने के कारण सुरक्षित स्थानों पर रोके गए हैं, फंसे नहीं हैं। जिला प्रशासन बागेश्वर द्वारा मौसम की स्थिति के अनुसार उनके आगे रवानगी को लेकर निर्णय लिया जाएगा।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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