नंदानगर आपदा के तीसरे दिन भी मलबे में दबे लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। हालातों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कुरुड़ हेलीपैड पहुंचे। जहां चमोली डीएम ने उन्हें हालातों की जानकारी दी। इसके बाद सीएम धामी चमोली नंदानगर में आपदा प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान सीएम धामी ने ग्राउंड पर चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का अपडेट लिया। साथ ही सीएम धामी ने आपदा प्रभावितों से भी मुलाकात की।

इस दौरान सीएम धामी ने चमोली जनपद के आपदा प्रभावित क्षेत्र नंदानगर पहुंचकर प्रभावितों और पीड़ितों को ढांढस बंधाया। साथ ही सीएम धामी ने आपदा पीड़ितों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। सीएम धामी ने कहा उनकी सरकार हर हाल में पीड़ितों के साथ खड़ी है।
नंदानगर आपदा में अब तक मलबे से 5 शवों को बरामद कर लिया गया है। दो लोगों को मलबे से जीवित निकाला गया है। अभी भी तीन लोग लापता हैं। जिनकी तलाश की जा रही है। नंदानगर आपदाग्रस्त इलाकों में पुलिस व प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं स्थानीय लोगों के सहयोग से रेस्क्यू एवं राहत कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। कुंतरी लगा फाली गांव में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, फायर सर्विस, स्थानीय पुलिस प्रशासन ने गहन सर्चिंग अभियान चला रहा है।

17 सितंबर की रात नंदानगर क्षेत्र के कुंतरी, धुर्मा गांव में अतिवृष्टि से हालात बिगड। जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, घटना में पहले 12 लोगों के मलबे में लापता होने की खबर आई। जिसमें से 7 शव निकाले जा चुके हैं। दो व्यक्तियों का मलबे से सकुशल रेस्क्यू किया गया। अभी भी कुछ लोग लापता हैं। जिनके लिए सर्च ऑपरेशन जारी है। कुंतारी लगा फाली, धुर्मा वार्ड में में 27 से 30 भवन व गौशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं।

सीएम धामी आपदा के पहले ही दिन से हालातों पर नजर बनाये हुये हैं। सीएम धामी ने राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं होने के निर्देश दिये। अधिकारियों प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के साथ ही लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए कहा। इसके साथ ही सीएम धामी ने प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, पेयजल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था और नेटवर्क कनेक्टिविटी शीघ्र पुनः स्थापित करने के निर्देश दिये। आपदा प्रभावित लोगों के लिए आश्रय, भोजन, स्वच्छ पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था के साथ ही प्रत्येक प्रभावित क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में चिकित्सक एवं दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया। घायलों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने तथा प्रभावितों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने को लेकर भी सीएम धामी ने पहले ही दिन स्पष्ट निर्देश अधिकारियों को दिये।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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