*राज्य स्तरीय “अर्थक्वेक मॉक ड्रिल” के सफल आयोजन की तैयारियाँ तेज़*

*जनपद रुद्रप्रयाग में 15 नवम्बर को होगा मॉक ड्रिल आयोजन*

उत्तराखण्ड राज्य भूकंपीय जोन-IV एवं V में स्थित है, जहाँ पूर्व में अनेक बार भूकम्प की घटनाएँ घटित हो चुकी हैं। इन घटनाओं के परिणामस्वरूप जन-धन की व्यापक हानि होती रही है। भूकंप के उपरांत भूस्खलन, भू-धंसाव, आग लगना, अवसंरचना का क्षतिग्रस्त होना, नदी मार्ग अवरोध, बांध का ब्रीच होना, बाढ़, हिमस्खलन, औद्योगिक गैस/रासायनिक/जैविक/नाभिकीय रिसाव, संचार, विद्युत एवं परिवहन सेवाओं का बाधित होना जैसी अनेक Cascading Effects उत्पन्न होती हैं।

ऐसी आपदाजनक परिस्थितियों में त्वरित एवं समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने हेतु हितधारकों को पूर्वाभ्यास एवं वृहद प्रशिक्षण प्रदान किया जाना अत्यंत आवश्यक है। इसी क्रम में राज्य स्तरीय “Earthquake Mock Exercise” के आयोजन के पूर्व आज रुद्रप्रयाग में टेबल टॉप अभ्यास आयोजित किया गया।

*राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र देहरादून से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मार्गदर्शन*

टेबल टॉप अभ्यास की शुरुआत उत्तराखंड राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के भूकंपीय संवेदनशीलता, संरचनात्मक कमजोरियों तथा मॉक ड्रिल के उद्देश्यों की जानकारी दी गई।

उन्होंने इस प्रकार की अभ्यासों के प्रमुख उद्देश्यों की जानकारी भी साझा की।उन्होंने कहा कि मॉक अभ्यास का मुख्य उद्देश्य है भूकंप की स्थिति में जनपदों की तैयारी एवं प्रतिक्रिया का परीक्षण, भूकंप जनित आपदाओं का प्रबंधन, क्रियान्वयन तथा तैयारियों की समीक्षा, बांध/टनल/एवलांच/GLOF जैसी आपदाओं से निपटने हेतु विभागीय क्षमताओं का परीक्षण, आईआरएस प्रणाली के तहत अधिकारियों को दायित्वों की जानकारी देना, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, संचार एवं संसाधन उपयोग की क्षमता को परखना, राहत एवं बचाव उपकरणों की उपलब्धता एवं संसाधनों की मैपिंग, “भूदेव ऐप” का जनमानस में प्रचार-प्रसार एवं डाउनलोडिंग सुनिश्चित करना, समुदायों की सहभागिता और उनकी प्रतिक्रिया को मजबूत बनाना, संवेदनशील क्षेत्रों की निकासी योजना का अभ्यास करना, चेतावनी तंत्र की प्रभावशीलता का परीक्षण, राहत शिविर संचालन, भोजन, पानी, स्वास्थ्य सुविधा की समीक्षा, स्थानीय जोखिम मानचित्रण कर सुधारात्मक रणनीति बनाना, अनुभव आधारित सीख से भविष्य की रणनीति तैयार करना है।

*जनपद रुद्रप्रयाग में 15 नवम्बर को होगा मॉक ड्रिल आयोजन*

टेबल टॉप अभ्यास के दौरान अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा द्वारा जानकारी दी गई कि जनपद रुद्रप्रयाग में आगामी 15 नवम्बर, 2025 को भूकंप मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी।

मॉक ड्रिल हेतु विभिन्न सिनेरियो स्थल निर्धारित किए गए हैं जिनमें कोटेश्वर चिकित्सालय, औद्योगिक केंद्र भटवाड़ीसैण, वन विभाग कार्यालय के समीप जवाडी बाईपास,अगस्त्यमुनि मुख्य बाजार,सुमेरपुर रेलवे सुरंग तथा केदारनाथ क्षेत्र में चोराबाड़ी (हिमस्खलन स्थल)। इन स्थलों पर भूकंप के उपरांत राहत, बचाव एवं समन्वय क्रियाओं का अभ्यास किया जाएगा।

टेबल टॉप अभ्यास से प्राप्त अनुभव राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल की तैयारी को और अधिक सुदृढ़ बनाएंगे। भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति तैयारियों, संसाधन उपयोग एवं समन्वय क्षमता को बढ़ाने में ऐसे अभ्यास अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे।

अभ्यास के दौरान अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष रावत, अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग मीनल गुलाटी, एआरटीओ धर्मेंद्र बिष्ट, टीओ निशा बंगवाल, जिला युवा कल्याण अधिकारी वरद जोशी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी संदीप भट्ट, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस, 6th ग्रेनेडियर, लोक निर्माण विभाग, फायर सर्विस सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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