*धामी सरकार का सुशासन मॉडल: 216 कैम्पों में 1.44 लाख से अधिक लोगों को मिला सीधा लाभ”*

“ *सरकार पहुँची जनता के द्वार: 18,360 शिकायतों में 13,068 का निस्तारण”*

*“एक ही मंच पर 80,712 लोगों को योजनाओं का लाभ, जनता का भरोसा मजबूत”*

*“मुख्यमंत्री धामी के निर्देशों से बदली प्रशासन की कार्यसंस्कृति”*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और त्वरित समाधान का प्रभावी उदाहरण बनकर सामने आया है। आज 03 जनवरी 2026 की दैनिgक प्रगति रिपोर्ट यह स्पष्ट करती है कि सरकार योजनाओं और सेवाओं को काग़ज़ों से निकालकर सीधे जनता के द्वार तक पहुँचाने में निरंतर सफलता प्राप्त कर रही है।

प्रदेश के 13 जनपदों में अब तक कुल 216 जनसेवा कैम्प आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 1,44,134 नागरिकों ने प्रत्यक्ष सहभागिता की है। केवल आज के दिन ही 12 कैम्पों में 8,940 लोगों की भागीदारी यह दर्शाती है कि जनता का विश्वास इस कार्यक्रम के प्रति लगातार बढ़ रहा है। इन कैम्पों के माध्यम से ग्रामीण, पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को पहली बार एक ही मंच पर अपनी समस्याओं के समाधान और सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है।

कार्यक्रम के दौरान अब तक कुल 18,360 शिकायतें एवं प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 13,068 मामलों का मौके पर अथवा त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई के माध्यम से निस्तारण किया जा चुका है। केवल आज के दिन 613 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 292 मामलों का समाधान तुरंत किया गया। यह आंकड़े प्रशासन की निर्णय क्षमता, जवाबदेही और समाधान-केंद्रित कार्यशैली को दर्शाते हैं। शेष प्रकरणों को भी समयबद्ध कार्ययोजना के तहत संबंधित विभागों को प्रेषित कर निरंतर मॉनिटरिंग में रखा गया है। इसी क्रम में आय, जाति, निवास, सामाजिक श्रेणी सहित विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्रों के लिए अब तक कुल 24,081 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 1,808 आवेदन आज दर्ज किए गए। इससे स्पष्ट है कि आम नागरिकों को आवश्यक दस्तावेज़ों के लिए अब अनावश्यक देरी और कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। सरकार द्वारा सेवाओं को नागरिकों के निकट लाने की यह पहल विशेष रूप से गरीब, वंचित और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है।

इसके अतिरिक्त, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत अब तक 80,712 नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया जा चुका है, जिनमें 3,509 लाभार्थी आज शामिल हुए। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार की योजनाएँ अब केवल घोषणाओं तक सीमित न रहकर पात्र लाभार्थियों तक वास्तविक रूप से पहुँच रही हैं। सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही मंच पर उपलब्ध कराकर सरकार ने जनसुविधा और पारदर्शिता दोनों को मजबूत किया है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम उत्तराखण्ड में शासन की सोच को बदलने वाला अभियान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य है कि जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि प्रशासन स्वयं जनता के बीच जाकर समाधान सुनिश्चित करे। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक शिकायत का प्राथमिक स्तर पर निस्तारण हो, निर्णय लेने में सक्षम अधिकारी कैम्पों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें, कमजोर वर्गों, दिव्यांगों, बुज़ुर्गों और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को प्राथमिकता दी जाए तथा लंबित मामलों की जिला और राज्य स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यापक जनसंपर्क अभियान से न केवल प्रशासन पर जनता का विश्वास मजबूत हुआ है, बल्कि बिचौलियों और भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी अंकुश लगा है। सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित होने से त्वरित समाधान की संस्कृति विकसित हुई है और शासन की पारदर्शिता व विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम आज उत्तराखण्ड में सुशासन की नई पहचान बन चुका है और आने वाले समय में यह राज्य के समावेशी विकास और जनकल्याण की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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