*प्लाईवुड क्षेत्र में क्यूसीओ अनुपालन को बढ़ावा देने हेतु भारतीय मानक ब्यूरो देहरादून ने उद्योग बैठक का किया आयोजन*

– कार्यक्रम का उद्देश्य प्लाईवुड एवं लकड़ी आधारित उत्पादों में गुणवत्ता नियंत्रण आदेश के प्रावधानों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है

– इस उद्योग बैठक में 50 से अधिक उद्योग हितधारकों, जिनमें निर्माता, तकनीकी विशेषज्ञ तथा संबद्ध क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल थे

शुक्रवार को भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), देहरादून ने काशीपुर में प्लाईवुड एवं लकड़ी आधारित उत्पादों से जुड़े उद्योगों हेतु एक उद्योग बैठक (इंडस्ट्री मीट) का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का आयोजन यूके–यूपी प्लाईवुड एसोसिएशन के सहयोग से किया गया, जिसका उद्देश्य प्लाईवुड एवं लकड़ी आधारित उत्पादों के लिए लागू गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (क्यूसीओ) के प्रावधानों के प्रति उद्योग में जागरूकता बढ़ाना तथा भारतीय मानकों के अनुपालन को प्रोत्साहित करना था।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री सौरभ तिवारी, प्रमुख एवं निदेशक, बीआईएस देहरादून ने उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करने में बीआईएस की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्लाईवुड एवं लकड़ी आधारित उत्पादों के लिए गुणवत्ता नियंत्रण आदेश भारत सरकार द्वारा अधिसूचित एवं लागू किया जा चुका है। उन्होंने उद्योग प्रतिनिधियों से उपभोक्ता हितों की सुरक्षा, उत्पाद गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा निष्पक्ष व्यापार प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए क्यूसीओ प्रावधानों का सक्रिय रूप से अनुपालन करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों की उपस्थिति रही। यूके–यूपी प्लाईवुड एसोसिएशन की ओर से श्री संदीप गुप्ता एवं श्री आदित्य अग्रवाल ने कार्यक्रम में भाग लिया तथा उद्योग के दृष्टिकोण से अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए। कार्यक्रम का आयोजन यूके–यूपी प्लाईवुड एसोसिएशन के साथ घनिष्ठ समन्वय में किया गया, जो बीआईएस एवं उद्योग संगठनों के बीच मजबूत सहयोग को दर्शाता है।

कार्यक्रम में श्री मनोज ग्वारी, अध्यक्ष, वुड टेक्नोलॉजिस्ट्स एसोसिएशन ने भी सहभागिता की। उल्लेखनीय है कि यूके–यूपी प्लाईवुड एसोसिएशन एवं वुड टेक्नोलॉजिस्ट्स एसोसिएशन दोनों ही बीआईएस की तकनीकी समितियों के सदस्य हैं और प्लाईवुड एवं लकड़ी आधारित उत्पादों से संबंधित भारतीय मानकों के निर्माण एवं पुनरीक्षण में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

तकनीकी सत्र के दौरान श्री पुष्पेंद्र सिंघल, बीआईएस तकनीकी समिति के पूर्व सदस्य एवं लकड़ी प्रौद्योगिकी के विशेषज्ञ ने प्लाईवुड उद्योग के समक्ष वर्तमान चुनौतियों पर अपने विचार रखे। साथ ही उन्होंने प्लाईवुड एवं लकड़ी आधारित उत्पादों के क्षेत्र में नवीन तकनीकी विकास एवं उभरते रुझानों की जानकारी भी दी।

बीआईएस प्रमाणीकरण प्रक्रियाओं, अनुरूपता मूल्यांकन आवश्यकताओं तथा नवीन दिशानिर्देशों पर एक विस्तृत प्रस्तुति श्री सचिन चौधरी, संयुक्त निदेशक, बीआईएस द्वारा दी गई। इस प्रस्तुति से प्रतिभागियों को प्रमाणीकरण एवं अनुपालन प्रक्रियाओं की व्यावहारिक समझ प्राप्त हुई, जिसकी उपस्थितजनों द्वारा सराहना की गई।

इस उद्योग बैठक में 50 से अधिक उद्योग हितधारकों, जिनमें निर्माता, तकनीकी विशेषज्ञ तथा संबद्ध क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल थे, ने सक्रिय सहभागिता की। विचार-विमर्श से यह स्पष्ट हुआ कि उत्पाद गुणवत्ता में सुधार, नियामकीय अनुपालन को सुदृढ़ करने तथा प्लाईवुड उद्योग के सतत विकास हेतु बीआईएस एवं उद्योग संगठनों के बीच सामूहिक प्रतिबद्धता है।

बीआईएस ने यह दोहराया कि वह उद्योग को जागरूकता कार्यक्रमों, तकनीकी मार्गदर्शन तथा सहयोगात्मक पहलों के माध्यम से निरंतर सहयोग प्रदान करता रहेगा, जिससे प्लाईवुड एवं लकड़ी आधारित उत्पादों के क्षेत्र में भारतीय मानकों एवं गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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