*राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में राज्य आपदा मोचक निधि एवं राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के प्रस्तावों की समीक्षा*

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में राज्य आपदा मोचक निधि (SDRF) एवं राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि (SDMF) मद के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा हेतु राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई।

*बजट उपयोग में डुप्लीकेसी न हो—मुख्य सचिव*

मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन के अंतर्गत विभागों को तत्काल सुरक्षात्मक कार्यों हेतु सीधे उपलब्ध कराए गए बजट तथा जनपदों में जिलाधिकारियों के माध्यम से आवंटित बजट के व्यय में किसी भी प्रकार की डुप्लीकेशन न हो। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में विभागों को सीधे तथा जिलाधिकारियों के माध्यम से दिए गए बजट के सुसंगत एवं समन्वित क्रियान्वयन का विस्तृत विवरण संबंधित विभागाध्यक्ष एवं जिला अधिकारी प्रस्तुत करें।

*सिविल स्ट्रक्चर के साथ ग्रीनरी पर भी जोर*

मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि आपदा प्रबंधन के सुरक्षात्मक एवं मिटिगेशन कार्यों में सिविल संरचनाओं के साथ-साथ प्लांटेशन एवं ग्रीनरी सपोर्टिंग कार्यों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, जिससे समय के साथ प्राकृतिक सुरक्षा ढांचा स्वतः विकसित हो सके।

*सुरक्षात्मक कार्यों का टिकाऊपन सुनिश्चित करने के निर्देश*

बैठक में सिंचाई विभाग, पेयजल निगम, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग सहित अन्य संबंधित कार्यदाई विभागों और एजेंसियों से सुरक्षात्मक कार्यों की टिकाऊ अवधि के बारे में जानकारी ली गई। सिंचाई विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि आपदा प्रबंधन के अंतर्गत किए जा रहे प्रोटेक्शन कार्यों की टिकाऊ अवधि लगभग 25 वर्षों तक रहती है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी सुरक्षात्मक कार्य मिनिमम अवधि तक टिकाऊ बने रहें, इसके लिए कार्यों को गंभीरता, पारदर्शिता और टिकाऊ मानकों के अनुरूप संपादित किया जाए।

*अग्रिम सुरक्षात्मक प्रस्तावों का अवलोकन*

मुख्य सचिव ने संबंधित कार्यकारी संस्थाओं से चालू वर्ष में किए गए सुरक्षात्मक कार्यों की जानकारी प्राप्त की तथा अग्रिम सुरक्षात्मक कार्यों से संबंधित प्रस्तुत प्रस्तावों का भी अवलोकन किया।

बैठक में सचिव विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, एस. ए. Adannki, अपर सचिव विनीत कुमार, नवनीत पांडेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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