*सीएम धामी ने हल्द्वानी में कानून व्यवस्था व विकास कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की*

*मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए ट्रैप कैमरे, सोलर फेंसिंग और गहन निगरानी के निर्देश*

*वनाग्नि पर सख्ती: फायर लाइन दुरुस्त रखने और रेंजवार मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के आदेश*

*रानीबाग स्थित बंद एचएमटी भूमि पर आईटी हब विकसित करने की योजना को मिलेगी गति*

*विकास कार्यों में लापरवाही पर सख्त चेतावनी – “कार्य समयबद्ध और समन्वय से हों”*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को एफटीआई सभागार, हल्द्वानी में कानून व्यवस्था एवं जनपद में संचालित विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी कार्य समयबद्ध, पारदर्शी एवं समन्वय के साथ पूरे किए जाएं।

*मानव-वन्यजीव संघर्ष पर प्रभावी रोक के निर्देश*

मुख्यमंत्री ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए आधुनिक तकनीक के उपयोग पर बल दिया। उन्होंने सभी संवेदनशील स्थानों पर ट्रैप कैमरे लगाए जाने, सोलर फेंसिंग व तारबाड़ प्रणाली को मजबूत करने तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वन विभाग को ठोस एवं कारगर उपाय अपनाने के लिए कहा, ताकि जनहानि और फसलों को होने वाले नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।

वनाग्नि की रोकथाम के लिए मुख्यमंत्री ने फायर लाइन (अग्निरोधक खाइयों) को दुरुस्त रखने, संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाने, रेंजवार मॉनिटरिंग करने और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वनाग्नि की किसी भी घटना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

*विकास कार्यों में समन्वय और जवाबदेही पर जोर*

हल्द्वानी शहर में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्य आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं, अतः निर्माण कार्यों के दौरान जनता को अनावश्यक असुविधा न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और जवाबदेही के साथ करें। कार्यों में लापरवाही किसी भी स्थिति में क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग आपसी जिम्मेदारियों को एक-दूसरे पर न डालें और सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण हों।

*कानून व्यवस्था पर सख्त संदेश*

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस, प्रशासन तथा सभी विभागों को आमजन के प्रति संवेदनशील, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए।

*रानीबाग में आईटी हब की योजना*

मुख्यमंत्री ने बताया कि रानीबाग स्थित बंद पड़ी एचएमटी फैक्ट्री की भूमि पर सरकार द्वारा आईटी हब विकसित करने की योजना पर कार्यवाही गतिमान है। इससे क्षेत्र में रोजगार सृजन एवं औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने हल्द्वानी नगर के बच्चीनगर सहित अन्य क्षेत्रों में सिंचाई विभाग की नहरों के चौड़ीकरण एवं मरम्मत संबंधी प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

*जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के सुझाव*

सांसद अजय भट्ट ने वन क्षेत्रों में वाचरों की संख्या बढ़ाने, झाड़ियों की कटान करने तथा वन आच्छादित क्षेत्रों से गुजरने वाले मार्गों की नियमित सफाई एवं मरम्मत कराने का सुझाव दिया।

सचिव/आयुक्त दीपक रावत ने कुमाऊँ मंडल में कानून व्यवस्था, ओवरलोडिंग के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई तथा अन्य प्रशासनिक कदमों की जानकारी दी।

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम हेतु प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। पनियाली क्षेत्र में नियमित गश्त की जा रही है तथा ग्रामीणों को अनावश्यक रूप से वन क्षेत्र में न जाने की सलाह दी गई है। पशुपालकों को चारा उपलब्ध कराने के लिए विधानसभा क्षेत्र भीमताल के विभिन्न गांवों में 15 लाख रुपये की धनराशि पूर्व में उपलब्ध कराई गई है। इसी प्रकार पनियाली क्षेत्र में भी 15 लाख रुपये स्वीकृत कर वितरित किए जा रहे हैं, ताकि महिलाओं एवं पशुपालकों को चारा लेने के लिए जंगल न जाना पड़े।

वन संरक्षक सी.एस. जोशी ने अवगत कराया कि पनियाली क्षेत्र में कैमरों में लैपर्ड नहीं, बल्कि बाघ की पहचान हुई है, जिसे पकड़ने की कार्रवाई शीघ्र प्रारंभ की जा रही है।

बैठक में जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के मंडल स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

यह समीक्षा बैठक राज्य में कानून व्यवस्था की सुदृढ़ता, वन्यजीव प्रबंधन की प्रभावशीलता तथा विकास कार्यों की गति को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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