शिवपुरम में जलनिकासी संकट पर लोगों में आक्रोश , प्रशासन की अनदेखी से खूनी संघर्ष का अंदेशा

दि ग्राम टुडे डाॅ.शिवेश्वर दत्त पाण्डेय

रुड़की।मौहल्ला शिवपुरम गली नं. 1, वार्ड 19 में दुर्गा मंदिर से वैष्णव प्रोपर्टी तक मुख्य सड़क और आसपास की तमाम गलियों में जल निकासी की भीषण समस्या ने अब विकराल रूप ले लिया है। वर्षों से सड़कों पर बहते गंदे पानी और बदहाल सफाई व्यवस्था से परेशान क्षेत्रवासियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। हालात इतने तनावपूर्ण हो चुके हैं कि मामूली विवाद भी कभी बड़े टकराव और खूनी संघर्ष में बदल सकता है। शासन-प्रशासन, नगर-निगम और सीएम हेल्पलाइन पर बार-बार शिकायतें करने के बावजूद समाधान न होने से लोगों में भारी नाराजगी और आक्रोश व्याप्त है।

स्थानीय लोगों के अनुसार मौहल्ला शिवपुरम वर्ष 1986-87 में अस्तित्व में आया था। लगभग दो दशक तक यह क्षेत्र विकास खण्ड रुड़की की ग्राम सभा रहीमपुर का हिस्सा रहा। उस समय ग्राम प्रधान के माध्यम से क्षेत्र में छोटे-मोटे विकास कार्य होते रहते थे और समस्याओं का समाधान भी अपेक्षाकृत जल्दी हो जाता था। लेकिन बाद में तत्कालीन भाजपा सरकार ने इस क्षेत्र को नगर-निगम में शामिल कर दिया। उस समय क्षेत्रवासियों को उम्मीद थी कि नगर-निगम में शामिल होने के बाद सड़क, नाली, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विकास होगा और क्षेत्र की दशा बदलेगी।

लेकिन नगर-निगम में शामिल होने के बाद लोगों की उम्मीदें धीरे-धीरे निराशा में बदल गईं। स्थानीय लोग पिछले कई वर्षों से लगातार जलनिकासी व्यवस्था सुधारने और मुख्य सड़क व गलियों के पुनर्निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज मानो प्रशासन के बंद दरवाजों तक पहुंचकर लौट आती है। क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि नगर-निगम में आने के बाद से समस्या और भी बढ़ गई है, क्योंकि अब जिम्मेदार विभाग केवल कागजी कार्रवाई और औपचारिकताओं तक ही सीमित दिखाई देते हैं।

गली नम्बर 1 के निवासियों का कहना है कि बरसात तो दूर, सामान्य दिनों में भी गंदा पानी सड़कों पर जमा रहता है। नालियां जाम पड़ी हैं और सफाई व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो चुकी है। बदबू और गंदगी के कारण लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

क्षेत्रवासियों ने कई बार नगर-निगम अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जाती है। आरोप है कि शिकायत के बाद एक-दो दिन के लिए सफाई कर्मियों को भेज दिया जाता है, जो थोड़ी बहुत सफाई कर फोटो खिंचवाकर चले जाते हैं और फिर हालात जस के तस हो जाते हैं।

स्थिति अब इतनी खराब हो चुकी है कि एक गली में सड़क पर पानी फैलने को लेकर पड़ोसियों के बीच विवाद बढ़कर थाना पुलिस तक पहुंच गया है। आए दिन लोगों के बीच कहासुनी और तनाव का माहौल बना रहता है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो छोटी-सी चिंगारी भी बड़ा बवाल खड़ा कर सकती है।

क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन और नगर-निगम से मांग की है कि जल्द से जल्द जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त कर सड़क और नालियों का पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों को इस नारकीय स्थिति से राहत मिल सके। लोगों का साफ कहना है कि यदि उनकी समस्याओं की अनदेखी जारी रही, तो आने वाले समय में हालात बेकाबू हो सकते हैं और किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन की उदासीनता पर


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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