*विकास भवन सभागार में आयोजित हुआ महिला जनसुनवाई कार्यक्रम*

*महिलाओं की समस्याओं के त्वरित समाधान और न्याय दिलाने पर दिया गया जोर*

*घरेलू हिंसा, उत्पीड़न व वैवाहिक विवाद सहित विभिन्न मामलों की सुनवाई*

राष्ट्रीय महिला आयोग के निर्देशानुसार उत्तराखंड राज्य महिला आयोग के तत्वाधान में महिलाओं की समस्याओं के त्वरित समाधान तथा उन्हें न्याय दिलाने के उद्देश्य से बुधवार को विकास भवन सभागार में महिला जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की मा० सदस्या वत्सला सती तथा विजया रावत ने संयुक्त रूप से की।

जनसुनवाई के दौरान महिलाओं से जुड़ी विभिन्न समस्याओं जैसे शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, भूमि संबंधी विवाद, वैवाहिक विवाद सहित अन्य मामलों को गंभीरता से सुना गया। प्राप्त शिकायतों पर संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर महिला आयोग की सदस्या वत्सला सती ने कहा कि इस प्रकार की जनसुनवाई का उद्देश्य महिलाओं को अपनी समस्याएं सीधे आयोग के समक्ष रखने का अवसर प्रदान करना तथा उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि आज की जनसुनवाई में कुल चार लिखित शिकायतें प्राप्त हुईं, जबकि कुछ समस्याएं मौखिक रूप से भी सामने आईं। इन सभी मामलों पर विस्तृत चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के जीवन में अनेक प्रकार के संघर्ष आते हैं, इसलिए उनके प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाना अत्यंत आवश्यक है। राज्य महिला आयोग का प्रयास है कि प्रदेश की प्रत्येक पीड़ित महिला, जिसके साथ किसी भी प्रकार का शोषण हुआ हो या जो न्याय से वंचित हो, उसे समयबद्ध तरीके से न्याय मिल सके। इसके लिए सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि पहाड़ की महिलाओं का जीवन विशेष रूप से संघर्षपूर्ण होता है, इसलिए समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम काँडवाल द्वारा आयोग के सभी सदस्यों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रत्येक जनपद में जाकर “महिला आयोग आपके द्वार” कार्यक्रम के माध्यम से जनसुनवाई आयोजित करें, ताकि महिलाओं को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही न्याय मिल सके।

कार्यक्रम के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा, कार्यक्रम की नोडल अधिकारी शैली प्रजापति, पुलिस उपाधीक्षक विकास पुंडीर, थाना अध्यक्ष रुद्रप्रयाग सुरेश चंद्र बलूनी, वन स्टॉप सेंटर से रंजना गैरोला, जिला बाल कल्याण समिति की सदस्यगण सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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