*परमार्थ विद्या मन्दिर में मनाया सेवा महोत्सव*

*परम पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती, पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी, महंत गिरि जी और उद्योगपति व समाज सेवी श्री दिनेश शाहरा जी ने नन्हें नन्हें बच्चों के साथ पौधा रोपण कर मनाया ग्रीन गोल्ड डे*

*परमार्थ विद्या मन्दिर एवं परमार्थ नारी शक्ति व्यवसायिक प्रशिक्षण केन्द्र के शिक्षकों व शिक्षिकाओं को उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से किया सम्मानित*

*विद्यार्थियों को वर्ष 2025-2026 सत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु छात्रवृति व पुरस्कार प्रदान किये गये*

*विद्यार्थियों और शिक्षक-शिक्षिकाओं ने पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी, महंत गिरि जी और श्री दिनेश शाहरा जी का मनाया जन्मदिवस*

*पूज्य स्वामीजी, पूज्य साध्वी जी, श्री दिनेश शाहरा जी और अनेक देशों से आये अतिथियों को अपने बीच पाकर गद्गद हुये विद्यार्थी*

*विशाल भंडारा का आयोजन*

*परमार्थ विद्या मन्दिर में सेवा, संस्कार और समर्पण का भव्य उत्सव*

ऋषिकेश, 17 मार्च। परमार्थ निकेतन परिवार के लिये आज महत्वपूर्ण अवसर है जब परमार्थ विद्या मन्दिर में आज सेवा, संस्कार और समर्पण से ओत-प्रोत “सेवा महोत्सव” अत्यंत भावपूर्ण और प्रेरणादायक वातावरण में मनाया गया। यह आयोजन बच्चों के भीतर छिपी दिव्यता को जागृत करने, उनके मन में सेवा, पर्यावरण संरक्षण और उत्कृष्टता के संस्कारों को प्रज्वलित करने का एक सशक्त माध्यम है।

इस पावन अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष, परम पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी, महंत गिरि जी तथा समाजसेवी दिनेश शाहरा जी की गरिमामयी उपस्थिति ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा और प्रेरणा से भर दिया।

सेवा महोत्सव की शुरुआत “ग्रीन गोल्ड डे” के रूप में पौधारोपण से हुई, जहाँ नन्हें-नन्हें बच्चों ने पूज्य संतों और अतिथियों के साथ मिलकर पौधों का रोपण किया। बच्चों के मन में यह भाव स्थापित करने का प्रयास है कि “प्रकृति हमारी माँ है, और उसकी सेवा ही सच्ची सेवा है।”

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि प्यारे बच्चों, तुम केवल भविष्य नहीं, वर्तमान की उज्ज्वल रोशनी हो। अपने सपनों को बड़े रखो, लेकिन अपने संस्कारों को उससे भी बड़ा बनाओ। रोज थोड़ा सीखो, थोड़ी सेवा करो और हमेशा सत्य के मार्ग पर चलो। याद रखो, जब तुम्हारा मन निर्मल, लक्ष्य स्पष्ट और हृदय सेवा से भरा होता है, तब तुम न केवल सफल बनते हो, बल्कि इस दुनिया को भी एक सुंदर स्थान बना देते हो।”

पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन निर्माण की पवित्र प्रक्रिया है। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे समर्पित भाव से अध्ययन करें, एकाग्रता और अनुशासन को अपना साथी बनायें। साथ ही माता-पिता और शिक्षकों की आज्ञा का पालन करें, क्योंकि वही उनके सच्चे मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी श्रद्धा, परिश्रम और विनम्रता को अपनाते हैं, वे न केवल अपने जीवन में सफल होते हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए भी प्रेरणा बनते हैं।

पूज्य महंत गिरि जी ने कहा कि बच्चों, आप सब ईश्वर की सबसे सुंदर रचना हो। आप पढ़ाई को बोझ नहीं, अपने सपनों तक पहुँचने का पवित्र साधन समझो। जब कभी जीवन में कठिनाई आये, तो घबराना नहीं, वह तुम्हें और मजबूत बनाने आई है। सेवा को अपना स्वभाव बनाओ और मुस्कान को अपनी पहचान। याद रखो, तुममें से हर एक बच्चा इस दुनिया को उजाला देने वाला दीप है।

श्री दिनेश शाहरा जी ने अपने भाव व्यक्त करते हुए कहा कि आज मुझे बच्चों के बीच आकर अत्यंत प्रसन्नता हुई। उन्होंने कहा कि बच्चों की मासूम मुस्कान, उनकी ऊर्जा और सीखने की लगन देखकर मन आनंद से भर जाता है। आप सभी देश का उज्ज्वल भविष्य हैं, इसलिए अपने जीवन में अनुशासन, परिश्रम और संस्कारों को अपनाइए। जब बच्चे अच्छे संस्कारों के साथ आगे बढ़ते हैं, तब समाज और राष्ट्र दोनों सशक्त और समृद्ध बनते हैं।

इस अवसर पर परमार्थ नारी शक्ति व्यवसायिक प्रशिक्षण केन्द्र एवं परमार्थ विद्या मन्दिर के शिक्षकों और शिक्षिकाओं को “उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान” से सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों के उत्साह को और प्रोत्साहित करते हुए सत्र 2025-2026 के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को छात्रवृत्ति एवं पुरस्कार प्रदान किए गए।

महोत्सव का एक अत्यंत भावुक और आनंदमयी क्षण तब आया, जब विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मिलकर पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी एवं श्री दिनेश शाहरा जी का जन्मदिवस बड़े प्रेम और उत्साह के साथ मनाया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत गीत, शुभकामनाएँ और स्नेह से भरे भावों ने पूरे वातावरण को पारिवारिक और आत्मीय बना दिया।

इस अवसर पर अनेक देशों से आए अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।

कार्यक्रम के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। पूज्य स्वामीजी, पूज्य साध्वी जी, श्री दिनेश शाहरा जी ने स्वयं अपने हाथों से बच्चों को भोजन कराया।

परमार्थ विद्या मन्दिर के बच्चों ने मनमोहक रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का हृदय जीत लिया। विज्ञान प्रदर्शनी में उनके नवाचार और जिज्ञासा झलक थी, परमार्थ नारी शक्ति व्यवसायिक प्रशिक्षण केन्द्र के विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता और कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ और समापन राष्ट्रगीत के साथ हुआ।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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