*खटीमा के थारू होली महामहोत्सव को मुख्यमंत्री धामी ने किया संबोधित*

*थारू संस्कृति उत्तराखंड की शान, इसे सहेजना हम सबकी जिम्मेदारी: मुख्यमंत्री*

*जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध: सीएम धामी*

*आवास, शिक्षा और रोजगार योजनाओं से जनजातीय परिवारों को मिल रहा बड़ा लाभ*

*महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार दे रही आर्थिक और प्रशिक्षण सहायता*

*‘जनजातीय गौरव दिवस’ से बढ़ा जनजातीय समाज का सम्मान: मुख्यमंत्री धामी*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में आयोजित थारू होली महामहोत्सव को मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित समस्त जनसमुदाय को नमन करते हुए अपनी प्रशासनिक व्यस्तताओं के कारण प्रत्यक्ष रूप से शामिल न हो पाने पर खेद व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि थारू समाज की सांस्कृतिक परंपराएं अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि थारू समाज के रीति-रिवाज, लोकगीत, पारंपरिक नृत्य और प्रकृति के प्रति उनका गहरा जुड़ाव राज्य की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि खटीमा ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए थारू संस्कृति गर्व का विषय है। विशेष रूप से थारू समाज की होली, जो कई दिनों तक उल्लास और उत्साह के साथ मनाई जाती है, अपनी विशिष्टता के लिए जानी जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य भी करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका मन सदैव खटीमा की जनता के साथ जुड़ा हुआ है, भले ही वे इस बार कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित नहीं हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में जनजातीय समुदाय को सशक्त बनाने हेतु अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। अटल आवास योजना में आय सीमा को व्यावहारिक बनाते हुए निर्माण लागत में वृद्धि की गई है, जिससे अधिकाधिक परिवारों को लाभ मिल रहा है। उधम सिंह नगर में इस योजना के अंतर्गत करोड़ों रुपये की सहायता प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत भी बड़ी संख्या में जनजातीय परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं तथा इस वर्ष प्राप्त आवेदनों में लगभग 28 प्रतिशत आवेदन जनजातीय परिवारों के हैं। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत जनपद में कई आवासों का निर्माण किया गया है।

शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों एवं आईटीआई संस्थानों के विकास के लिए धनराशि प्रदान की जा रही है तथा इन विद्यालयों को कक्षा 12 तक अपग्रेड किया जा रहा है। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। खटीमा, बाजपुर और गदरपुर में छात्रावासों एवं शैक्षिक अवसंरचना के विकास हेतु महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत रोजगार एवं प्रशिक्षण के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। वन धन केंद्रों के माध्यम से उत्पादों को बाजार से जोड़कर आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। महिलाओं को चक्रीय निधि एवं निवेश सहायता प्रदान कर उनके स्वरोजगार को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत अनेक योजनाओं को सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया है तथा हजारों परिवारों को पेयजल, बिजली और गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही थारू विकास भवन के निर्माण एवं जनजातीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए भी धनराशि स्वीकृत की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनजातीय परिवारों को बेटी के विवाह हेतु आर्थिक सहायता भी प्रदान कर रही है, जिसका लाभ बड़ी संख्या में लोगों को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए विभिन्न जनपदों में जनजाति कल्याण अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारकर वास्तविक परिवर्तन लाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक जनजातीय परिवार को सम्मानजनक जीवन, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हों।

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर जनजातीय समाज की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार जनजातीय समाज के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ घोषित करना जनजातीय समाज के सम्मान का प्रतीक है।

अंत में मुख्यमंत्री ने थारू समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया तथा जनता से सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसमर्थन के साथ उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *