*परमार्थ निकेतन में 6वां राष्ट्रीय योगासन कोच प्रशिक्षण कार्यक्रम 2026 का सफल आयोजन*

*6वां राष्ट्रीय योगासन कोच प्रशिक्षण कार्यक्रम 2026 के समापन अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का पावन सान्निध्य, उद्बोधन और आशीर्वाद*

*5वें उत्तराखण्ड विधानसभा अध्यक्ष, पूर्व वित्तमंत्री, उत्तराखंड़ सरकार, श्री प्रेमचंद अग्रवाल जी की गरिमामयी उपस्थिति*

*डॉ. जयदीप आर्य जी, महासचिव, वर्ल्ड योगासन ने पूज्य स्वामीजी और सभी विशिष्ट अतिथियों का किया अभिनन्दन* 

ऋषिकेश, 30 मार्च। योग और भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रचार-प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए योगासन भारत द्वारा “6वां राष्ट्रीय योगासन कोच प्रशिक्षण पांच दिवसीय कार्यक्रम 2026 का भव्य आयोजन परमार्थ निकेतन आश्रम, ऋषिकेश में किया गया। यह कार्यक्रम वर्ल्ड योगासन के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।

पांच दिवसीय 6वां राष्ट्रीय योगासन कोच प्रशिक्षण कार्यक्रम 2026 के समापन अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का पावन सान्निध्य और आशीर्वाद प्राप्त हुआ। इस अवसर पर 5वें उत्तराखण्ड विधानसभा अध्यक्ष, पूर्व वित्तमंत्री, उत्तराखंड़ सरकार, श्री प्रेमचंद अग्रवाल जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने 6वें राष्ट्रीय योगासन कोच प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु भारत सरकार, मिनिस्ट्री ऑफ यूथ अफेयर्स एवं खेल मंत्रालय तथा वर्ल्ड योगासन सहित सभी संबंधित संस्थाओं, आयोजकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि वर्तमान समय में संपूर्ण विश्व को श्रेष्ठ, प्रशिक्षित और संवेदनशील योग प्रशिक्षकों की नितांत आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि भारत की धरोहर योग वैश्विक चेतना का अभिन्न अंग बन चुकी है। ऐसे में आवश्यक है कि योग को सही स्वरूप, शुद्ध परंपरा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ जन-जन तक पहुँचाने वाले कुशल प्रशिक्षक तैयार किए जाएँ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि योग प्रशिक्षक केवल अभ्यास कराने वाले ही न हो, बल्कि समाज में स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा के संवाहक भी बनें। आप के माध्यम से एक स्वस्थ, समृद्ध और जागरूक विश्व का निर्माण संभव है।

पूज्य स्वामी जी ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का साधन नहीं, बल्कि यह वह सूक्ष्म सेतु है जो हमें हमारी जड़ों, हमारी चेतना और समस्त सृष्टि से जोड़ता है। योग हमें याद दिलाता है कि हम केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि प्रकृति के विशाल ताने-बाने का एक जीवंत अंश हैं। जब हम श्वास लेते हैं, तो केवल वायु नहीं, बल्कि पूरे ब्रह्मांड की ऊर्जा को अपने भीतर आमंत्रित करते हैं, यही योग है, यही एकत्व का अनुभव है। योग हमें हमारी संस्कृति की गहराई से जोड़ता है।

योग का सबसे बड़ा रहस्य यह है कि यह हमें अतीत की जड़ों, वर्तमान की सजगता और भविष्य की पीढ़ियों से एक साथ जोड़ता है। जब हम योग करते हैं, तो हम केवल अपने लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक संतुलित, संवेदनशील और जागरूक दुनिया का निर्माण कर रहे होते हैं। योग वह पवित्र सेतु है, जो व्यक्ति को मानवता से, मानवता को प्रकृति से और प्रकृति को परमात्मा से जोड़ देता है।

5वें उत्तराखण्ड विधानसभा अध्यक्ष एवं उत्तराखंड सरकार के पूर्व वित्त मंत्री श्री प्रेमचंद अग्रवाल जी ने कहा कि यदि हमें योग की दिव्यता, भव्यता और वैश्विकता का साक्षात अनुभव करना है, तो उसके लिए परमार्थ निकेतन, अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव से बेहतर कोई मंच नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पूज्य स्वामी जी के मार्गदर्शन में यहां योग केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि एक जीवन दर्शन के रूप में अनुभव होता है, जो साधकों को आत्मिक शांति और वैश्विक एकता से जोड़ता है।

उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रेरणादायी नेतृत्व में योग को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। उनके प्रयासों से योग आज विश्व के प्रत्येक कोने तक पहुंच चुका है। पूज्य स्वामी जी ने योग को जन-जन तक पहुंचाकर इसे एक वैश्विक आंदोलन का स्वरूप दिया है, जिससे भारत की आध्यात्मिक परंपरा को विश्व में नई पहचान मिली है।

डॉ. जयदीप आर्य जी ने सभी विशिष्ट अतिथियों का अभिनन्दन करते हुये कहा कि वर्ल्ड योगासन योग को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। योगासन केवल अभ्यास नहीं, बल्कि एक अनुशासन, एक जीवनशैली और एक वैश्विक आंदोलन के लिये कार्यरत है। हम प्रशिक्षण कार्यशालाओं के माध्यम से कुशल प्रशिक्षकों का निर्माण कर रहे हंै, ताकि भारत की योग परंपरा को वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त रूप से प्रस्तुत कर सके।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मिनिस्ट्री ऑफ यूथ अफेयर्स एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त और वर्ल्ड योगासन से संबद्ध है। देशभर से आए प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण में सहभाग कर योगासन की तकनीकी बारीकियों, प्रशिक्षण विधियों तथा योग को एक खेल और जीवनशैली के रूप में अपनाने के विभिन्न पहलुओं को आत्मसात किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षित योगासन कोच तैयार करना तथा युवाओं को भारतीय परंपरा, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ना है। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को व्यावहारिक और सैद्धांतिक दोनों प्रकार का प्रशिक्षण प्रदान किया गया, ताकि उनकी कौशल क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके।

आयोजकों ने बताया कि योगासन आज वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान बन चुका है और परमार्थ निकेतन के दिव्य वातावरण में आयोजित कर इसे और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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