*रेल, सूचना और प्रसारण एवं इलेक्ट्रोनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में त्रिवेणी एक्सप्रेस का प्रचालन पुनः आरंभ किए जाने से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की*

– चोपन-टनकपुर रेलखंड पर दो जोड़ी रेलगाड़ियां संचालित होती हैं जिनमें सिंगरौली-टनकपुर त्रिवेणी एक्सप्रेस तथा शक्तिनगर-टनकपुर त्रिवेणी एक्सप्रेस शामिल हैं

– वर्तमान में बरवाडीह-चोपन रेलखंड पर कुल 28 रेलगाड़ी सेवाएं संचालित हो रही हैं, जिनमें पैसेंजर, एक्सप्रेस और राजधानी जैसी विभिन्न श्रेणी की ट्रेन शामिल हैं

बुधवार को लोकसभा में रेल, सूचना और प्रसारण एवं इलेक्ट्रोनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने त्रिवेणी एक्सप्रेस का प्रचालन पुनः आरंभ किए जाने से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की।

प्रस्तुत विवरण के अनुसार, वर्तमान में बरवाडीह-चोपन रेलखंड पर कुल 28 रेलगाड़ी सेवाएं संचालित हो रही हैं, जिनमें पैसेंजर, एक्सप्रेस और राजधानी जैसी विभिन्न श्रेणी की ट्रेन शामिल हैं। जैसे बरवाडीह-चुनार पैसेंजर, भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस, रांची-चोपन एक्सप्रेस, हटिया-आनंद विहार एक्सप्रेस, रांची-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, कोलकाता-मदार एक्सप्रेस, अहमदाबाद-कोलकाता एक्सप्रेस, हावड़ा-भोपाल एक्सप्रेस, सांतरागाछी-अजमेर एक्सप्रेस, टाटानगर-जम्मू तवी एक्सप्रेस, संबलपुर-जम्मू तवी एक्सप्रेस और शक्तिपुंज एक्सप्रेस आदि शामिल हैं। वहीं, चोपन-टनकपुर रेलखंड पर दो जोड़ी रेलगाड़ियां संचालित हैं, जिनमें सिंगरौली-टनकपुर त्रिवेणी एक्सप्रेस तथा शक्तिनगर-टनकपुर त्रिवेणी एक्सप्रेस शामिल हैं।

भारतीय रेल द्वारा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई के सहयोग से वैज्ञानिक तरीके से समय-सारणी के युक्तिकरण का कार्य शुरू किया गया है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य रेल सेवाओं की गति बढ़ाना, समयपालन में सुधार करना और अनुरक्षण कार्यों के लिए विशेष ब्लॉक बनाकर यात्री सुरक्षा को बेहतर बनाना है। इसी क्रम में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा चलती ट्रेन में शंटिंग जैसी प्रक्रियाओं से बचने के लिए स्लिप कोच और लिंक रेलगाड़ियों को बंद करने का निर्णय लिया गया है।

इसके अतिरिक्त, किसी भी रेलखंड पर नई रेल सेवाओं की शुरुआत या पुरानी सेवाओं के पुनः संचालन को एक सतत प्रक्रिया बताया गया है। जो कई कारकों पर निर्भर करती है। इनमें संबंधित रेलखंड की क्षमता, पथ की उपलब्धता, आवश्यक कोच और इंजन (चल स्टॉक) की उपलब्धता, उनके लिए उपयुक्त अवसंरचना, तथा रेलपथ और अन्य परिसंपत्तियों के अनुरक्षण की आवश्यकताएं शामिल हैं। इस प्रकार त्रिवेणी एक्सप्रेस के पुनः संचालन का निर्णय भी इन्हीं विभिन्न तकनीकी और परिचालन संबंधी पहलुओं पर निर्भर करेगा।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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