*मा0 मुख्यमंत्री के जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भूमि धोखाधडी मामलों पर प्रशासन ने कसा शिकंजा*

*लैंड फ्रांड पर गढ़वाल कमिश्नर सख्तः 51 मामलों का निस्तारण, 5 में एफआईआर दर्ज*

*भूमाफियों पर कसता शिकंजा, 170 में से 77 लैंड फ्रॉड मामलों की सुनवाई पूरी।*

*एक ही खसरा, दो सौदे, सुनवाई में भूमाफियों का बड़ा खेल उजागर,*

*प्रशासन एक्शन मोड में, एक सप्ताह में रिपोर्ट तलब-15 दिन में फिर समीक्षा,*

*आयुक्त का स्पष्ट संदेश- लंबित न रहे मामले, तुरंत करें कार्रवाई,*

*भूमि धोखाधड़ी पर जीरो टॉलरेंस, अधिकारियों को अभियान मोड में कार्रवाई करने के निर्देश*

*देहरादून ।गढ़वाल आयुक्त श्री विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में सोमवार को सर्वे चौक स्थित कैंप कार्यालय में लैंड फ्रॉड समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में दिनांक 17 जून 2025 को आयोजित पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में प्राप्त आख्या की समीक्षा की गई। इस दौरान समिति द्वारा लैंड फ्रॉड से संबंधित 11 लंबित मामलों एवं 51 नवीन शिकायतों पर विचार-विमर्श एवं सुनवाई की गई। इस दौरान समिति द्वारा कुल 51 प्रकरणों का निस्तारण किया गया, जबकि 05 मामलों में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।

आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भूमि धोखाधड़ी के मामलों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जिन मामलों में संयुक्त निरीक्षण अपेक्षित है, उन्हें इसी सप्ताह पूरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने तहसील स्तर से प्राप्त रिपोर्टों की गहन जांच पर बल देते हुए चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी प्रकार की त्रुटि या विवाद पाए जाने पर संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे।

सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा हटाए जाने के मामलों में अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज कराने तथा पुलिस द्वारा प्रभावी जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। आयुक्त ने कहा कि भूमि धोखाधड़ी के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए और प्रगति रिपोर्ट तत्काल साझा की जाए। जिन प्रकरणों में भूमि धोखाधड़ी स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रही है, उनमें एसआईटी जांच के निर्देश भी दिए गए।

आयुक्त ने उप जिलाधिकारी सदर एवं उप जिलाधिकारी ऋषिकेश द्वारा समिति की बैठक में अनुपस्थित रहने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। वहीं बैठक के दौरान भूमि धोखाधड़ी के एक प्रकरण में तहसीलदार द्वारा आवश्यक जानकारी प्रस्तुत न किए जाने पर आयुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए तहसीलदार को तत्काल ऋषिकेश रवाना किया और एक घंटे के भीतर संपूर्ण विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। आयुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लैंड फ्रॉड से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बिल्कुल भी सहन नहीं की जाएगी तथा सभी प्रकरणों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में कुछ चौंकाने वाले मामले भी सामने आए। एक प्रकरण में राजस्थान निवासी व्यक्तियों द्वारा रुद्रप्रयाग में आवासीय उद्देश्य से खरीदी गई भूमि पर होटल निर्माण कर उसे आगे बेचने तथा बाद में ऋषिकेश में भी भूमि क्रय-विक्रय करने का मामला प्रकाश में आया। विधिक परीक्षण में उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम की धारा-154 का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित भूमि को सरकार में निहित करने तथा धारा 166 व 167 के तहत कार्रवाई करते हुए दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए।

इसी प्रकार देहराखास निवासी एक अन्य मामले में विधिक राय के उपरांत आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई। बैठक में ऐसे प्रकरण भी सामने आए, जिनमें भूमाफिया द्वारा एक ही खसरे की भूमि दो अलग-अलग व्यक्तियों को बेचने तथा कहीं और की भूमि पर कब्जा दिलाने जैसे गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इन मामलों में भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त कुछ मामलों में शिकायत निराधार पाई गई, जिन्हें जांच के उपरांत ड्रॉप किया गया।

लैंड फ्रॉड के कुल 170 मामलों में से अब तक 77 मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें 51 का निस्तारण किया गया। शेष मामलों में शीघ्र कार्रवाई के लिए एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट तलब की गई है। आयुक्त ने कहा कि आगामी 15 दिनों के भीतर पुनः बैठक आयोजित कर शेष प्रकरणों की समीक्षा की जाएगी। ताकि वादियों को त्वरित न्याय दिया जा सके।

आयुक्त ने न्यायालय में लंबित मामलों को छोड़कर अन्य सभी प्रकरणों में विभागीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा किसी भी भूमि संबंधी मामले को अनावश्यक रूप से लंबित न रखने के निर्देश दिए। साथ ही न्यायालय के आदेशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

लैंड फ्रॉड समन्वय समिति की बैठक में पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर आयुक्त उत्तम सिंह चौहान, एसपी (ग्रामीण) जया बलूनी, डीजीसी नितिन वशिष्ट, एसडीएम डोईवाला अपर्णा ढौंडियाल, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम विकासनगर विनोद कुमार, संयुक्त सचिव एमडीडीए गौरव चटवाल, एसडीएम कर्णप्रयाग सोहन सिंह रांगड, एसडीएम रूद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी सहित वर्चुअल माध्यम से सभी संबंधित तहसीलों के वरिष्ठ अधिकारी व तहसीलदार उपस्थित थे।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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