सत्य, प्रेम, दया और सेवा मनुष्य जीवन के आधार हैं-महंत बिष्णु दास महाराज
21वें गुरू स्मृति ज्ञान यज्ञ में जारी भागवत कथा का विश्राम
हरिद्वार। 21वें गुरू स्मृति ज्ञान यज्ञ के तहत जारी भागवत कथा का शुक्रवार को विश्राम हो गया। कथा विराम से पूर्व कथा व्यास ने भगवान की महिमा,भक्ति का महत्व और जीवन के अंतिम सत्य का वर्णन संप्रसंग श्रद्वालु श्रोताओं को श्रवण कराया।कथा व्यास ने कथा श्रवण से जीवन मे प्राप्त होने वाली लाभ की अनमोल बताया। उन्होने राजा परीक्षित और शुकदेव जी के संवाद का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि राजा परीक्षित ने सात दिनों तक श्रद्धा और भक्ति से कथा सुनी, जिससे उन्हें जीवन और मृत्यु का गहरा ज्ञान प्राप्त हुआ। उन्हें मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग समझाया गया। उन्होने कलयुग में मोझ प्राप्ति के लिए श्रीमद् भागवत कथा श्रवण को सबसे उपयुक्त बताते हुए कहा कि कथा श्रवण से जन्मो जन्मो तक के पाप मिट जाते है। आने वाली पीढ़िया भी सद्मार्ग पर चल पड़ता है। उन्होेने कहा कि कथा श्रवण करने वाले सभी संकल्प लेकर जाये कि जीवन में सभी के प्रति प्रेम और दया का भाव रखेंगे। इससे पूर्व मलूक पीठाधीश्वर कथाव्यास ने कहा कि इस कलियुग में केवल भगवान की कथा ही ऐसी है कि दोष सिद्व मनुष्य भी दोष मुक्त हो जाता है। कथा से चार लाभ प्राप्त होती है। उन्होने कहा कि श्रीमद् भागवत महापुराण जी में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं,धर्म की स्थापना और कलियुग में भक्ति का विशेष महत्व है। श्रीगुरू सेवक निवास उछाली आश्रम परमाध्यक्ष श्रीमहंत बिष्णु दास महाराज ने साधु संतो के साथ भागवत महापुराण तथा व्यास गदद्ी का पूजन किया। उन्होने श्रद्वालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत जी में हमे श्रीकृष्ण के उपदेशों के माध्यम से यह बताया जाता है कि सत्य,प्रेम,दया और सेवा मनुष्य जीवन के आधार हैं।कहा कि जीवन में सदैव अच्छे कर्म करें,दूसरों की सहायता करें और भगवान की भक्ति में विश्वास बनाए रखें।उन्होने श्रीमद् भागवत कथा की चर्चा करते हुए कहा कि मनुष्य जीवन का उद्देश्य केवल सांसारिक सुख प्राप्त करना नहीं,बल्कि ईश्वर की भक्ति और आत्मकल्याण करना है। भगवान का नाम स्मरण करने से मन को शांति और आत्मा को संतोष मिलता है। उन्होने श्रद्वालु भक्तों से गंगा के प्रति संवेदना रखने,गंगा जी को दूषित होने से बचाने तथा निर्मल रखने में यथाशक्ति योगदान करने का आहवान भी किया। कथा श्रवण करने वालों में श्रीमहंत सरयू दास जी महाराज,भावनगर गुजरात,महंत विमल दास महाराज गुजरात,महंत प्रेमदास जी महाराज सहित श्रीमती चाॅद,बृजमोहन सेठ,श्रीमती श्वेता, नितिन सेठ,वन्दना,भव्य एवं अनिरूद्व के अलावा पुनीत दास,अधिकारी राघवेन्द्र दास,अमन दास, रामचन्द्र दास,गणेश,शालीग्राम, अमर दास,गौरव के अलावा उछाली आश्रम के सेवकगणों के अलावा बड़ी संख्या में श्रद्वालुगण मौजूद रहे।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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