* राज्यभर में प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर डेटा संकलन कार्य प्रारंभ
* विकास योजनाओं के लिए सुदृढ़ आधार तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
* नागरिकों की सहायता हेतु टोल-फ्री हेल्पलाइन 1855 उपलब्ध

उत्तराखंड राज्य में शनिवार से भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण ‘हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन’ का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। इस महत्वपूर्ण कार्य के अंतर्गत राज्यभर में प्रगणक एवं पर्यवेक्षक पूर्ण निष्ठा, उद्देश्यपूर्ण भाव एवं उत्साह के साथ घर-घर जाकर आंकड़े संकलित करने में जुट गए हैं।

इस चरण के अंतर्गत प्रत्येक भवन एवं मकान का सूचीकरण करते हुए उनमें निवास कर रहे परिवारों से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। यह डेटा राज्य के समग्र विकास हेतु योजनाओं के निर्माण और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आधार प्रदान करेगा।

राज्य के विभिन्न जनपदों एवं क्षेत्रों में जनगणना कार्य उत्साहपूर्वक प्रारंभ हो चुका है। अल्मोड़ा जनपद के कंखोला (हवालबाग) क्षेत्र में सुपरवाइजर श्री तारा दत्त भट्ट एवं प्रगणक भगवत सिंह बगड़वाल द्वारा जनगणना कार्य किया गया। इसी प्रकार लक्ष्मेश्वर वार्ड, नगर निगम अल्मोड़ा में प्रगणक श्री दीपक सिंह ने भवन स्वामी श्रीमती विद्या कर्नाटक के यहाँ जनगणना कार्य संपादित किया।

जनपद रुद्रप्रयाग, तहसील प्रतापनगर के सुदूरवर्ती गांव गोदड़ी में भी टीम द्वारा उत्साह एवं समर्पण के साथ कार्य प्रारंभ किया गया। तहसील खटीमा में भी प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर भवन चिन्हांकन एवं गणना कार्य पूरी निष्ठा और लगन के साथ किया जा रहा है।

राज्यभर में प्रगणक एवं पर्यवेक्षक टीमें क्षेत्र में पहुँचकर जमीनी स्तर पर सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करते हुए जनगणना कार्य को आगे बढ़ा रही हैं।
जनगणना 2027 के अंतर्गत हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन से संबंधित जानकारी, मार्गदर्शन एवं सहायता हेतु उत्तराखंड राज्य में टोल-फ्री हेल्पलाइन संख्या 1855 संचालित की जा रही है। यह हेल्पलाइन आम नागरिकों की शंकाओं के समाधान एवं आवश्यक जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित की गई है। इसकी सेवाएं सोमवार से शुक्रवार, प्रातः 9:30 बजे से सायं 6:00 बजे तक उपलब्ध रहेंगी।

प्रदेशवासियों से अपील की गई है कि वे प्रगणकों को सहयोग प्रदान करें तथा सही जानकारी देकर इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *