*देवपुरम कॉलोनी के निकासी मार्ग पर अवैध निर्माण से सीवर बाधित, प्रशासन ने तत्काल तलब की रिपोर्ट*

*गीतांजलि एनक्लेव में लापरवाही पर सख्ती, विभागों को अधूरे कार्य जल्द पूरे करने के निर्देश*

*संवेदनशील पहलः आर्थिक संकट के बीच इल्मा व मंजू की बेटियों की पढ़ाई को नंदा सुनंदा से मिलेगा सहारा,*

*पुत्र की बेरुखी, घर दिलाने के बाद भी बेदखल बुजुर्ग मां-बाप, भरण पोषण अधिनियम में वाद दर्ज*

*महिला उत्पीड़न मामले में प्रशासन सख्त, पुलिस को त्वरित कार्रवाई के निर्देश,*

*जनता दरबार में 163 शिकायतें दर्ज, अधिकांश का मौके पर निस्तारण*

*देहरादून । जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा की अध्यक्षता में जनसुनवाई/जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार में जनसामान्य द्वारा भूमि विवाद, अवैध कब्जा, अतिक्रमण, मारपीट, अतिक्रमण, स्कूल फीस माफी, आर्थिक सहायता, सामाजिक सुरक्षा सहित विभिन्न विषयों से संबंधित 163 शिकायतें/समस्याएं दर्ज कराई गईं। प्राप्त शिकायतों में से अधिकांश का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को अग्रसारित करते हुए विधि सम्मत एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

देवपुरम कॉलोनी के निवासियों ने सीवर लाइन के निकासी मार्ग पर अवैध निर्माण के कारण कार्य बाधित होने और बरसात में जलभराव की समस्या की शिकायत की। इस पर तहसीलदार को तत्काल जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। वहीं गीतांजली एन्क्लेव के लोगों ने नाली निर्माण, गैस पाइपलाइन बिछाने के बाद गड्ढों के भरान, बिजली के पोल शिफ्टिंग और फुटपाथ निर्माण के अधूरे कार्यों से हो रही परेशानी रखी, जिस पर संबंधित विभागों को शीघ्र कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

भववंतपुर निवासी विधवा मंजू ममगाई ने बेटी की फीस माफी की गुहार लगाई, जिस पर जिला कार्यक्रम अधिकारी को जांच कर ‘नंदा सुनंदा योजना’ के अंतर्गत प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। गांधी रोड निवासी इल्मा ने पति के लिवर ट्रांसप्लांट के कारण आर्थिक संकट बताते हुए बेटियों की फीस माफी की मांग की, जिस पर भी सहायता हेतु आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

ऋषिकेश निवासी दीपक बढ़ाई ने उत्तराखंड कोऑपरेटिव बैंक पर वित्तीय अनियमितता के झूठे आरोप लगाकर मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। इस पर ओसी कलेक्ट्रेट और बैंक प्रबंधन को निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। टिहरी बांध विस्थापित रायवाला निवासी शंकर दयाल ने असामाजिक तत्वों द्वारा पंचायत की सार्वजनिक सुविधाओं पर अतिक्रमण व पूर्व में किए गए कार्यो को ध्वस्त करने की शिकायत पर एसडीएम को जांच के निर्देश दिए गए।

घरेलू हिंसा के एक मामले में पूजा देवी ने पति व ससुराल पक्ष पर उत्पीड़न और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया। इस पर सीओ विकासनगर को तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

एक अन्य मामले में 70 वर्षीय बुजुर्ग सावित्री प्रसाद डिमरी ने बताया कि उन्होंने अपने पुत्र को बंजारावाला में घर खरीद कर दिया था। उनके पुत्र ने वंजरावाला स्थित अपना घर बेचने के साथ उनसे भी धोखे से 20 लाख ठगे है। बेटे और बहू ने साजिश करके उन्हें राजेश्वरी विहार स्थित घर से भी बेदखल कर दिया है। अपर जिलाधिकारी ने एसडीएम को भरण-पोषण अधिनियम के तहत वाद दर्ज कराते हुए मामले का विधिवत निस्तारण के निर्देश दिए।

इसके अलावा स्वयं सहायता समूह की कोषाध्यक्ष लक्ष्मी राठौर ने बैंक खाते से संबंधित अनियमितता, सैनिक मिंटू रावत ने जमीन विक्रय के नाम पर धोखाधड़ी तथा शकुन्तला देवी ने भूमि फर्जीवाड़े की शिकायत दर्ज कराई। संबंधित अधिकारियों को सभी मामलों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

जनसुनवाई में भूमि पैमाइश, खाता पृथक्करण, अवैध औद्योगिक गतिविधियों और नदी किनारे सुरक्षा कार्यों से जुड़े प्रकरण भी सामने आए, जिन पर संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा ने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है और सभी अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना होगा।

जनता दरबार में संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, एसडीएम स्मृता परमार, एसडीएम विनोद कुमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम अपर्णा ढ़ौडियाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढ़ौडियाल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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