Attack on journalists, पत्रकारों पर दून अस्पताल में गार्डों के हमले के मामले ने पकड़ा तूल।
Attack on journalists, The case of attack on journalists by guards in Doon Hospital has gained momentum.
AISNA (ऑल इंडिया स्मॉल न्यूजपेपर्स एसोसिएशन) उत्तराखंड इकाई ने जताया भारी विरोध।
आईसना के प्रतिनिधि मंडल ने राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की प्राचार्य डॉ. गीता जैन को दिया विरोध पत्र ।
सेना से सेवानिवृत्त गार्डों को पेंशन लाभ प्राप्त हो रहा है तो फिर उपनल के माध्यम से दोहरा लाभ क्यों, यही दोहरा लाभ उन्हें निरंकुश बना रहा है जबकि तमाम युवा बेरोजगार रोजी की तलाश में हैं।
Attack on journalists, उत्तराखंड में अस्पतालों में तैनात सुरक्षाकर्मियों की मरीजों और उनके परिजनों से बदसलूकी की घटनाएं लगातार सामने आ रही है।
बीते दो दिनों से तो बात तब ज्यादा बिगड़ गई जब देहरादून के दून अस्पताल में पत्रकारों के साथ उपनल गार्डों ने बदसलूकी और हाथापाई की।
अस्पताल एक ऐसी जगह जहां कोई अपनी मर्ज़ी या खुशी से नहीं जाता, लाचारी और मजबूरी के आलम में आसरे और भरोसे की दरकार लिए अस्पताल पहुंचने वाले लोगों को जब उन्ही की सुरक्षा और सुविधा के नाम पर रखे गए सिक्योरिटी गार्डस् की आते-जाते बेहुदा किस्म की रोक-टोक और असंयमित व्यवहार का सामना करना पड़ता है तो सबसे पहले अस्पताल और उसके प्रबंधन पर सवाल उठना लाजिमी है।
दो दिन पूर्व देहरादून के एक प्रतिष्ठित पत्रकार के साथ सुरक्षा गार्डों ने उनका कालर पकड़ कर हाथापाई की, जबकि पत्रकार अस्पताल के भीतर इमरजेंसी में छुट गया डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन उठा कर वापिस लौट रहा था।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पूर्व इसी अस्पताल में एक दैनिक अखबार की महिला रिपोर्टर के साथ बेहद बदसलूकी भरा व्यवहार किया गया।
इससे पूर्व एम्स में गार्डों के कई बदसलूकी के किस्से सार्वजनिक हुए थे, बताया जा रहा है कि सरकारी अस्पतालों में सेना से रिटायर गार्डों को उपनल के माध्यम से तैनात किया जाता है, पीड़ित पत्रकारों के अनुसार ये गार्ड मादक पदार्थों का सेवन कर ड्यूटी पर आते हैं।
सवाल ये तो है कि जब इन सेना से सेवानिवृत्त गार्डों को पेंशन लाभ प्राप्त हो रहा है तो फिर उपनल के माध्यम से दोहरा लाभ क्यों, यही दोहरा लाभ उन्हें निरंकुश बना रहा है जबकि तमाम युवा बेरोजगार रोजी की तलाश में हैं।
देहरादून के दून अस्पताल इमरजेंसी ओटी में पत्रकारों के साथ हमले और बदसलूकी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। AISNA (ऑल इंडिया स्मॉल न्यूजपेपर्स एसोसिएशन) उत्तराखंड इकाई के भारी विरोध के बाद एक प्रतिनिधि मंडल सोमपाल सिंह के नेतृत्व में राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की प्राचार्य डॉ. गीता जैन को शिकायत पत्र देकर कहा कि इस मामले की गार्ड के ऊपर कारवाई ठोस कार्रवाई करें।, AISNA के पत्रकारों के आक्रोश के बाद जागी प्राचार्य ने जांच कमेटी बैठा दी है लेकिन इस पर अभी पत्रकार संतुष्ट नहीं हुए, प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी जब तक इस पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई और इन उपनल गार्ड्स को नहीं हटाया गया, पत्रकार आंदोलन पर बाध्य होंगे।