*29 मई से शुरू होगी एसआईआर प्रक्रिया, कार्मिको को मिलेगा प्रशिक्षण,*

*08 जून से घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ, मतदाता पुनरीक्षण अभियान होगा तेज,*

*14 जुलाई को प्रकाशित होगा मतदाता सूची का प्रथम ड्राफ्ट, 11 सितंबर तक दावे, आपत्तियों का निस्तारण*

*15 सितंबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची,*

*मतदाता सूची पुनरीक्षण में पारदर्शिता हेतु हर बूथ पर बीएलए-2 नियुक्ति जरूरी-डीएम*

*एसआईआर को लेकर प्रशासन और राजनीतिक दलों की हुई अहम बैठक*

*देहरादून ।जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम को लेकर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजनीतिक दलों को एसआईआर कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए प्रत्येक बूथ पर बीएलए-2 नियुक्त करने की अपील की गई, ताकि पुनरीक्षण कार्य त्रुटिरहित ढंग से निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जा सके।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 29 मई से 7 जून तक गणना प्रपत्रों की प्रिंटिंग एवं कार्मिकों का प्रशिक्षण कार्य संपन्न किया जाएगा। इसके उपरांत 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण एवं संकलन करेंगे। इसी अवधि में नए पोलिंग बूथों को सम्मिलित करते हुए बूथों का अंतिम निर्धारण भी किया जाएगा।

उन्होंने जानकारी दी कि 14 जुलाई को मतदाता सूची के प्रथम ड्राफ्ट का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी तथा 11 सितंबर तक उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर को किया जाएगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अत्यंत महत्वपूर्ण चरण है। इसमें सभी पात्र मतदाताओं के नाम शामिल किए जाने के साथ-साथ अनुपस्थित, स्थानांतरित एवं मृत मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि देहरादून जनपद की सभी 10 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 13 लाख 80 हजार 800 मतदाता पंजीकृत हैं। प्री-एसआईआर अभियान के अंतर्गत 16 मई तक 11 लाख 1 हजार 437 मतदाताओं, अर्थात 79.77 प्रतिशत की मैपिंग पूर्ण की जा चुकी है, जबकि शेष 2 लाख 79 हजार 363 मतदाताओं की मैपिंग प्रक्रिया प्रगति पर है।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए राजनीतिक दलों द्वारा विधानसभा स्तर पर नियुक्त बीएलए-1 के माध्यम से प्रत्येक बूथ पर बीएलए-2 की नियुक्ति आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जनपद में कुल 1882 मतदेय स्थल हैं, जिनमें अब तक भारतीय जनता पार्टी ने 1836, कांग्रेस ने 1443 तथा सीपीआई ने 378 बीएलए-2 नियुक्त किए हैं। अधिकृत बीएलए-2 अपने संबंधित मतदेय स्थलों पर बीएलओ के साथ समन्वय स्थापित कर मतदाता सूची के परीक्षण, संशोधन एवं अन्य कार्यों में सहयोग कर सकते हैं।

बैठक में निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप अनुपस्थित, स्थानांतरित एवं मृत मतदाताओं की सूची सहित प्रारूप-9, 10, 11, 11-क एवं 11-ख राजनीतिक दलों के साथ साझा किए जाने की जानकारी भी दी गई। इसके अतिरिक्त यह सूची मतदेय स्थलों पर बीएलओ के माध्यम से बीएलए-2 को उपलब्ध कराई जा रही है।

जिलाधिकारी ने बताया कि राजनीतिक दल, बीएलए या कोई भी नागरिक निर्वाच आयोग द्वारा निर्धारित ईसीआई-नेट के माध्यम से अपना पंजीकरण, वोटर कार्ड की जानकारी ले सकते है। एप पर बुक ए कॉल विद बीएलओ के माध्यम से अपने बीएलओ स भी जानकारी प्राप्त कर सकते है। इसके अतिरिक्त निर्वाचन कार्यालय के ट्रोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1950 पर भी संपर्क कर सकते है।

जिलाधिकारी ने सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में राजनीतिक दलों के साथ नियमित बैठकें आयोजित कर एसआईआर कार्यक्रम की जानकारी उपलब्ध कराएं। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि सभी पात्र व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में सम्मिलित हों तथा बीएलओ और बीएलए के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए पुनरीक्षण कार्य को त्रुटिरहित एवं समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए।

बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह, ईआरओ स्मृता परमार, भारतीय जनता पार्टी से सुशील कुमार गुप्ता, धर्मेश रावत, नरेश चौहान, नवीन रावत, आरएस परिहार, उदय सिंह पुण्डीर, उमा नरेश तिवारी, बसपा से सतेन्द्र सिंह, सतेन्द्र चौपडा, आप पार्टी से चौधरी रविन्द्र कुमार, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी से आशीष कुमार, शलेन्द्र, गजेन्द्र विक्रम शाही आदि सहित वर्चुअल माध्यम से सभी विधानसभा के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी मौजूद थे।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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