लखनऊ में माननीय राज्यपाल, उत्तरप्रदेश, श्रीमती आनंदी बेन पटेल जी से पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी की हुई आत्मीय एवं प्रेरणादायक भेंटवार्ता
महिला सशक्तिकरण और संस्कारित राष्ट्रनिर्माण पर हुआ सार्थक संवाद
पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखंड, श्री भूवनचन्द्र खंडूरी जी के निधन पर परमार्थ निकेेतन से भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित
आज की परमार्थ निकेतन गंगा आरती श्री खंडूरी जी को की समर्पित
राष्ट्रसेवा, सादगी और सुशासन के प्रतीक खंडूरी जी का जीवन सदैव प्रेरणा स्रोत रहेगा
लखनऊ, ऋषिकेश/ 19 मई। लखनऊ स्थित जन भवन में एक अत्यंत गरिमामय वातावरण के बीच पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी एवं उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल, उत्तरप्रदेश श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी के बीच एक आत्मीय एवं दिव्य भेंटवार्ता सम्पन्न हुई।
इस अवसर पर समाज में नैतिक मूल्यों के पुनर्जागरण, शिक्षा के माध्यम से संस्कार निर्माण, महिला सशक्तिकरण, युवाओं में सांस्कृतिक चेतना, तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई। पूज्य स्वामी जी ने भारतीय संस्कृति की उस सनातन परंपरा पर बल दिया जिसमें “सेवा ही साधना है” और “मानवता ही धर्म का सर्वाेच्च स्वरूप” मानी गई है।
माननीय राज्यपाल जी ने अपने सरल, संवेदनशील एवं मातृत्व व्यवहार से यह स्पष्ट किया कि सार्वजनिक जीवन का वास्तविक उद्देश्य केवल प्रशासन नहीं, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक न्याय, सेवा और संवेदना पहुँचाना है। उनकी कार्यशैली भारतीय संस्कृति के उन शाश्वत मूल्यों का जीवंत उदाहरण है जिनमें करुणा, समर्पण और कर्तव्यपरायणता को सर्वाेपरि माना गया है।
आज के समय में समाज को केवल आर्थिक प्रगति ही नहीं, बल्कि नैतिक पुनर्जागरण की भी उतनी ही आवश्यकता है। युवाओं में बढ़ती तनावपूर्ण जीवनशैली, सांस्कृतिक दूरी और मूल्यगत संकट को दूर करने के लिए आध्यात्मिक शिक्षा, योग, ध्यान और भारतीय दर्शन का प्रसार अत्यंत आवश्यक है।
पूज्य स्वामी जी ने चर्चा के दौरान कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए “सखी वन स्टॉप सेंटर” एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। यह केंद्र विशेष रूप से उन पीड़ित महिलाओं और बेटियों के लिए बनाया गया है, जिन्हें हिंसा, उत्पीड़न या किसी भी प्रकार के शोषण का सामना करना पड़ा हो। प्रयागराज में भी यह सुविधा सक्रिय रूप से कार्यरत है और जरूरतमंदों को एक ही स्थान पर संपूर्ण सहायता प्रदान करती है।
इस केंद्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ पीड़िता को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। एक ही छत के नीचे उन्हें पुलिस सहायता, कानूनी सलाह, मेडिकल जांच, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग और अस्थायी आश्रय (शेल्टर) की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इससे पीड़िता को न केवल त्वरित सहायता मिलती है, बल्कि उसे मानसिक रूप से भी संबल मिलता है।
पॉक्सो एक्ट जैसे गंभीर मामलों में यह केंद्र और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि बालिकाओं की सुरक्षा, गोपनीयता और न्याय प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाती है। “सखी वन स्टॉप सेंटर” महिलाओं के आत्मविश्वास को पुनः स्थापित करने और उन्हें सुरक्षित वातावरण देने की दिशा में एक मजबूत कदम है। यह न केवल राहत केंद्र है, बल्कि पुनर्वास और नई शुरुआत का माध्यम भी है। आदि अनेक विषयों पर विचार विर्मश किया गया।
पूज्य स्वामी जी ने माननीय राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी को रूद्राक्ष का पौधा भेंट कर उन्हें परमार्थ निकेतन की दिव्य गंगा आरती हेेतु आमंत्रित किया।

By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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