समाधान दिवस में डीएम ने सुनीं 194 जन शिकायतें, समयबद्ध निस्तारण के सख्त निर्देश,

बैंकिंग प्रक्रिया पर सवालः पात्रता जांचे बिना पहले दिया ऋण, अब घर नीलामी नोटिस, डीएम ने मांगी रिपोर्ट

बुजुर्ग पिता से मकान की रजिस्ट्री पत्नी के नाम कर खर्चा देने से मुकरा बेटा, भरण पोषण एक्ट में वाद दर्ज,

85 वर्षीय बुजुर्ग की शिकायत पर डीएम सख्त, निगम और निजी भूमि पर अवैध कब्जे की जांच के निर्देश

बाल स्वास्थ्य पर डीएम का फोकसः क्रोनिक रोगों से पीड़ित बच्चों की पहचान कर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश,

शहर के आंतरिक मार्गो का सुधारीकरण, पुलों के प्रोटेक्शन व नदियों के चैनलाइजेशन में लाएं तेजी

डीएम के निर्देशः डार्क स्पॉट मुक्त हो शहर और कस्बे, महिलाओं के लिए सुरक्षित बने माहौल

देहरादून ,जन समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से सोमवार को आयोजित ‘समाधान दिवस’ में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने 194 नागरिकों की शिकायतें सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई कर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर शिकायतों को लंबित रखना स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा प्रत्येक विभाग नागरिकों की समस्याओं के समाधान के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करे।

समाधान दिवस में भूमि धोखाधड़ी, अतिक्रमण, सीमांकन, ऋण माफी, विधिक सहायता, आर्थिक सहायता तथा पेयजल जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। जिलाधिकारी ने सभी मामलों में संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत मधुमेह, हृदय रोग, किडनी रोग, कैंसर और अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों की सूची तैयार कर विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित करने तथा उनके समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क संपर्क से वंचित गांवों में गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और प्रसव से पूर्व अस्पताल पहुंचाने के लिए माइक्रो स्तर की कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा।

मानसून के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग व सिंचाई विभाग के बजट स्वीकृत करते हुए शहर के आंतरिक मार्गों को ब्लैकटॉप कर सुरक्षित बनाने, जिले के 11 प्रमुख पुलों की मरम्मत, सुरक्षा कार्य एवं निचले क्षेत्रों में नदियों के चौनलाइजेशन का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। नगर निगम को अवैध डंपिंग जोनों की सूची फोटोग्राफ सहित प्रस्तुत करने को कहा गया।

महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने जिले के प्रमुख शहरों और कस्बों में डार्क स्पॉट चिन्हित कर वहां पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही विभागों को निष्प्रयोज्य सामग्री की शीघ्र नीलामी, कार्यालयों में स्वच्छता, नियमित निरीक्षण तथा लंबित पेंशन एवं एसीपी मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश भी दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन मामलों में कोई भी शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।

समाधान दिवस में विभिन्न व्यक्तिगत शिकायतों पर भी जिलाधिकारी ने गंभीरता दिखाई। मातावाला बाग निवासी 85 वर्षीय सोमप्रकाश द्वारा मकान एवं नगर निगम भूमि पर अवैध कब्जे तथा धन उगाही की शिकायत पर मुख्य नगर आयुक्त को जांच के निर्देश दिए गए।

श्यामपुर निवासी रमाशंकर सिंह ने बताया कि उनका पुत्र सरकारी सेवा में है और उन्हें हर महीने 10-15 हजार खर्चा देने की बात पर धोखे से मकान की रजिस्ट्री अपनी पत्नी के नाम करवा दी। अब खर्चा देने से इनकार कर रहा है। जिससे उनके सामने जीवन यापन करने की विकट समस्या खडी हो गई है। इस पर एसडीएम को भरण पोषण अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

यमुना विहार निवासी दिव्यांग रोबिन डिक्रूज के संपत्ति विवाद एवं उत्पीड़न संबंधी मामले में एसडीएम सदर को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मकान ऋण की अदायगी में असमर्थता के कारण बैंक द्वारा नीलामी नोटिस जारी किए जाने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने बैंक की ऋण स्वीकृति प्रक्रिया पर प्रश्न उठाते हुए एडीएम एवं लीड बैंक अधिकारी को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि आवेदक ऋण जमा करने में सक्षम नही था तो बैंक ने किस आधार पर ऋण आवंटित किया।

राजेश्वर नगर में जल निकासी की समस्या, बालावाला की पेयजल योजना, ऋषिकेश में बडकोट माफी, झीलवाला व रानीपोखरी क्षेत्र में पर्यटन विभाग की भूमि के कथित अवैध विक्रय तथा ठाकुरपुर स्थित खेल मैदान की सुरक्षा संबंधी शिकायतों पर भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं एक महिला के उत्पीड़न संबंधी मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी को वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से विधिक सहायता एवं संरक्षण उपलब्ध कराने को कहा गया। समाधान दिवस में विधवा आशा देवी ने प्रधानमंत्री आवास तो सविता बनवाल ने आर्थिक सहायता की गुहार लगाई।

जिलाधिकारी ने कहा कि जन समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागों को स्वतः संज्ञान लेते हुए नागरिकों की शिकायतों का प्रभावी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना होगा।

समाधान दिवस के मौके पर अपर जिलाधिकारी(वि.रा) केके मिश्रा, एडीएम (प्रशा)स्मृता परमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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