*ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के अनुपालन में लापरवाही पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित सख्त, विभागों से मांगी कार्यवाही रिपोर्ट*

*हरिद्वार।नोडल अधिकारी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन/ परियोजन निदेशक नलिनीत घिल्डियाल ने अवगत कराया है जनपद में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन न होने को लेकर जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों और निकायों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों से अब तक की गई कार्यवाही की रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

नोडल अधिकारी ठोस अपशिष्ट ने संबंधित अधिकारियों को शक्त हिदायत दी है कि सभी अधिकारी जिलाधिकारी के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करें तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए की जा रही कार्यवाही की रिपोर्ट प्रतिदिन समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए रिपोर्ट उपलब्ध न होने करने की दशा में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।

*नगर निकायों को दिए गए सख्त निर्देश*

नगर निगम हरिद्वार एवं रुड़की सहित सभी नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों को घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था सुनिश्चित करने, गीले एवं सूखे कचरे का पृथक संग्रहण, बंद कचरा परिवहन प्रणाली लागू करने तथा कचरा फेंकने के संवेदनशील स्थलों की पहचान कर स्थायी समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही विरासत अपशिष्ट डंपसाइटों के वैज्ञानिक उपचार, प्रत्येक वार्ड में आरआरआर (रिड्यूस-रीयूज-रीसायकल) केंद्र स्थापित करने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

*ग्रामीण क्षेत्रों में भी होगा सख्त अनुपालन*

जिला पंचायत, जिला पंचायत राज अधिकारी एवं सभी खंड विकास अधिकारियों को ग्राम पंचायत स्तर पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजनाएं तैयार करने, स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण लागू करने तथा खुले में कचरा फेंकने और जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक विकास खंड में नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने और साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने को कहा गया है।

*विद्यालयों और सामाजिक संगठनों की भी होगी भागीदारी*

मुख्य शिक्षा अधिकारी को सभी विद्यालयों में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधी जागरूकता कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं एवं प्लास्टिक मुक्त अभियान संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और समाज कल्याण विभाग को जन-जागरूकता अभियान चलाने, वार्ड स्तरीय स्वच्छता समितियों के गठन में सहयोग देने तथा जनता की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष अभियान संचालित करने को कहा गया है।

*वन क्षेत्रों और पर्यावरणीय संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी*

वन विभाग एवं उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को वन क्षेत्रों, नदी तटों, राजाजी टाइगर रिजर्व की सीमाओं तथा अन्य पर्यावरणीय संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध कचरा डंपिंग रोकने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकृत और अनधिकृत कचरा स्थलों का नियमित निरीक्षण कर फोटोग्राफिक साक्ष्य सहित रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय को प्रस्तुत करने को कहा गया है।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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