सीएम पुष्कर सिंह धामी के विजन को मिली रफ्तार, बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में हरा-भरा हो रहा दून

हरित दून का महाअभियान, एक लाख पौधों से एमडीडीए बदलेगा देहरादून की तस्वीर

कार्यालय जाते समय पौधरोपण अभियान पर पड़ी नजर, उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने रुककर परखी हरियाली की जमीनी हकीकत

देहरादून। विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाना आज के दौर की सबसे बड़ी चुनौती माना जाता है, लेकिन उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में यह संतुलन अब धरातल पर दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में “हरित दून” की परिकल्पना को साकार करने के लिए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार सुबह एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने यह संदेश दिया कि हरियाली केवल सरकारी योजनाओं की फाइलों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे जमीन पर उतारने के लिए नेतृत्व भी स्वयं आगे आ रहा है। एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कार्यालय जाते समय सड़क डिवाइडरों पर चल रहे पौधरोपण अभियान का निरीक्षण किया और कर्मचारियों के साथ स्वयं पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

रास्ते में रुके, हरियाली के लिए झुके
सोमवार सुबह कार्यालय जाते समय उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की नजर सड़क डिवाइडरों पर चल रहे पौधरोपण कार्यों पर पड़ी। उन्होंने तत्काल वाहन रुकवाया और मौके पर पहुंचकर कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पौधरोपण की प्रगति, पौधों की गुणवत्ता और उनके रखरखाव की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने देखा कि उद्यान अनुभाग के कर्मचारी न केवल नए पौधे लगा रहे हैं, बल्कि पहले से लगाए गए पौधों की निराई-गुड़ाई, सफाई और संरक्षण का कार्य भी पूरी निष्ठा के साथ कर रहे हैं।

धामी सरकार का हरित विकास मॉडल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार विकास परियोजनाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए एमडीडीए शहर के प्रमुख मार्गों, डिवाइडरों, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान चला रहा है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में यह अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके संरक्षण और दीर्घकालिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यही कारण है कि एमडीडीए की यह पहल अब शहर की पहचान बदलने वाली मुहिम के रूप में उभर रही है।

पौधरोपण नहीं, भविष्य को संवारने का संकल्प
निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्वयं कर्मचारियों के साथ पौधा रोपित किया और कहा कि पौधरोपण केवल एक औपचारिक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य का संकल्प है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पौधे की नियमित सिंचाई, सुरक्षा और निगरानी सुनिश्चित की जाए। उनका कहना था कि किसी भी पौधरोपण अभियान की सफलता तभी मानी जाएगी जब लगाए गए पौधे सुरक्षित रहकर विकसित हों और भविष्य में घने वृक्ष बनकर पर्यावरण को मजबूत करें।

कर्मचारियों की मेहनत को मिला सम्मान
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने मौके पर उद्यान अनुभाग के कर्मचारियों की कार्यशैली की सराहना की और उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि शहर को हरित बनाने की इस मुहिम में कर्मचारियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। जिस समर्पण और जिम्मेदारी के साथ वे कार्य कर रहे हैं, वह सराहनीय है। उनके मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से कर्मचारियों में भी नया उत्साह देखने को मिला। कर्मचारियों ने उनके साथ पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

एक लाख पौधों के लक्ष्य की ओर बढ़ता एमडीडीए
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हरित उत्तराखंड विजन को साकार करने के लिए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने इस वर्ष एक लाख पौधे लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत शहर के प्रमुख मार्गों, सड़क डिवाइडरों, पार्कों, सार्वजनिक स्थलों और रिक्त भूमि पर व्यापक स्तर पर पौधरोपण किया जा रहा है। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में केवल पौधे लगाने पर ही नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और नियमित रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्राधिकरण का उद्देश्य देहरादून में हरित क्षेत्र बढ़ाकर पर्यावरण संरक्षण को मजबूती देना और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ व स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करना है।

हरियाली से बदलेगी शहर की तस्वीर
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का मानना है कि सड़क डिवाइडरों और सार्वजनिक स्थलों पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाता है, बल्कि वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने, तापमान संतुलित रखने और नागरिकों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एमडीडीए द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान आने वाले वर्षों में देहरादून को और अधिक हरित, स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

जनभागीदारी से बनेगा हरित देहरादून
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण पौधरोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। उद्यान अनुभाग को नियमित रखरखाव, सिंचाई और निगरानी के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम को सफल बनाने में जनसहभागिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। नागरिक यदि लगाए गए पौधों की सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझें तो देहरादून को हरित राजधानी बनाने का सपना जल्द साकार हो सकता है।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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