राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के निदेशक श्री उत्तम प्रकाश ने की एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम से संबंधित मामलों की समीक्षा

देहरादून,  राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, भारत सरकार के निदेशक श्री उत्तम प्रकाश द्वारा आज दिनांक 10 जुलाई 2026 को विकास भवन सभागार, देहरादून में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम से संबंधित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य लंबित प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा करना तथा पीड़ितों को समयबद्ध न्याय एवं आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करना था।

बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी, देहरादून श्री दीपॉकर घिल्डियाल, पुलिस उपाधीक्षक श्री जितेन्द्र चौधरी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी श्री नरेश धारकोटी तथा लेखाकार श्री उत्तम सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

समीक्षा के दौरान निदेशक श्री उत्तम प्रकाश ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति के हितों की रक्षा तथा अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित प्रकरणों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में निम्नलिखित प्रमुख निर्देश दिए गए—

– परगना स्तर पर सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति का शीघ्र गठन करते हुए उसकी बैठक तत्काल आयोजित की जाए।
– अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अंतर्गत ऐसे प्रकरण जिनकी पुलिस जांच 60 दिनों से अधिक समय से लंबित है, उन पर खेद व्यक्त करते हुए निर्देश दिए गए कि अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक मामले की जांच 60 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण की जाए।
– भूमि संबंधी लंबित प्रकरणों की सूची जिलाधिकारी के संज्ञान में प्रस्तुत करते हुए उनकी जांच में प्रगति सुनिश्चित की जाए तथा 10 दिनों के भीतर अद्यतन स्थिति से अवगत कराया जाए।
– पीड़ितों को आर्थिक सहायता के भुगतान में विलंब न हो, इसके लिए समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को निदेशालय से समन्वय स्थापित कर आवश्यक बजट उपलब्ध कराते हुए तत्काल आर्थिक सहायता का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
– समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि एक प्रकरण में बैंक खाता एवं जाति प्रमाण-पत्र उपलब्ध न होने के कारण आर्थिक सहायता लंबित है। इस पर पुलिस उपाधीक्षक को निर्देशित किया गया कि संबंधित लाभार्थी का बैंक खाता विवरण एवं जाति प्रमाण-पत्र तीन दिवस के भीतर समाज कल्याण विभाग को उपलब्ध कराया जाए, जिससे सहायता राशि का भुगतान शीघ्र किया जा सके।

बैठक के अंत में निदेशक श्री उत्तम प्रकाश ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने तथा पीड़ितों को समयबद्ध न्याय एवं राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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