रुद्रप्रयाग।*तुंगनाथ धाम में आपदा प्रबंधन पर आउटरीच प्रशिक्षण आयोजित*

*70 स्थानीय लोगों को खोज-बचाव और प्राथमिक उपचार का दिया प्रशिक्षण*

जनपद रुद्रप्रयाग के आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील उच्च हिमालयी क्षेत्र तुंगनाथ धाम में आज आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ, डॉ. रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल द्वारा एक दिवसीय आउटरीच प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

अतिवृष्टि, वज्रपात, भूस्खलन एवं शैलपात जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील इस क्षेत्र में स्थानीय समुदाय की आपदा तैयारी एवं क्षमता संवर्धन के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित हुआ।

महानिदेशक, डॉ. रघुनन्दन सिंह टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल बी.पी. पाण्डेय के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का संचालन डॉ. मंजू पाण्डेय एवं उनकी टीम के सहयोग से किया गया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी रुद्रप्रयाग नंदन सिंह रजवार, डॉ. विवेक राजपूत तथा एनटीएमसी, नैनीताल के सहयोग से प्रतिभागियों को खोज एवं बचाव, सुरक्षित निकासी, प्राथमिक उपचार, आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं आपदा प्रबंधन की संस्थागत व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण में लगभग 70 लोगों ने भाग लिया। इसमें ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, युवक एवं युवती मंगल दल के सदस्य, व्यापारी वर्ग, स्थानीय पुरोहित तथा अन्य स्थानीय नागरिक शामिल रहे। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आपदा के समय बरती जाने वाली सावधानियों, सामुदायिक सहभागिता, आपातकालीन सूचना तंत्र एवं स्थानीय स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम निदेशक डॉ. मंजू पाण्डेय एवं आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने कहा कि आपदा की स्थिति में स्थानीय समुदाय की जागरूकता एवं तत्परता से जनहानि एवं संपत्ति की क्षति को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों को विभिन्न विभागों की भूमिकाओं से भी अवगत कराया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में पंडित अभिषेक मैठाणी एवं बाबा काली कमली के प्रबंधक का विशेष सहयोग रहा। प्रशासन का मानना है कि यह प्रशिक्षण तुंगनाथ धाम एवं आसपास के क्षेत्रों में आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं सामुदायिक क्षमता सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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