-रानीखेत में मल्टीलेवल पार्किंग परियोजनाओं को मिली गति, शासन ने मांगी संशोधित रिपोर्ट, जाम से राहत के लिए दो पार्किंग परियोजनाओं पर मंथन

-रुद्रपुर में बनेगा अत्याधुनिक विकास प्राधिकरण कार्यालय, 18 करोड़ की परियोजना को मिली रफ्तार, ग्रीन बिल्डिंग मानकों के साथ समयबद्ध निर्माण के निर्देश

रानीखेत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में आवास विभाग के सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में रानीखेत में प्रस्तावित दो बहुमंजिला पार्किंग परियोजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में गैस गोदाम/आशियाना पार्क क्षेत्र तथा रोडवेज स्टेशन के समीप प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग योजनाओं की तकनीकी और वित्तीय स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। गैस गोदाम-आशियाना पार्क के निकट प्रस्तावित पार्किंग परियोजना का प्रारंभिक आंगणन ₹935.48 लाख था, जिसमें तकनीकी संपरीक्षा प्रकोष्ठ ने ₹861.73 लाख की धनराशि को औचित्यपूर्ण माना है। चार तल वाली इस पार्किंग में 59 वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था के साथ महिला एवं पुरुष शौचालय भी प्रस्तावित हैं। यह क्षेत्र सदर बाजार के समीप स्थित है, जहां पार्किंग सुविधा के अभाव में मुख्य मार्ग पर वाहनों के खड़े होने से अक्सर जाम की स्थिति बनती है।

वहीं रोडवेज स्टेशन के निकट प्रस्तावित दूसरी मल्टीलेवल पार्किंग के लिए ₹499.92 लाख का आंगणन तैयार किया गया था, जिसमें तकनीकी समिति ने ₹480.23 लाख को उचित पाया है। इस पार्किंग में 13 चारपहिया और 141 दोपहिया वाहनों सहित कुल 154 वाहनों की पार्किंग की सुविधा विकसित की जानी है। परियोजना के लिए छावनी परिषद, रानीखेत द्वारा अनापत्ति भी प्रदान की जा चुकी है। निर्माण के बाद पार्किंग का संचालन जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, अल्मोड़ा द्वारा किया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि दोनों परियोजनाओं की व्यवहार्यता, दोपहिया और चारपहिया पार्किंग के अनुपात, संभावित राजस्व, राजस्व साझेदारी मॉडल तथा प्रस्तावित स्थलों की उपयोगिता का विस्तृत परीक्षण किया जाए। सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर संशोधित आंगणन शीघ्र शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

वहीं दूसरी बैठक में सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने ऊधमसिंहनगर जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के नए कार्यालय भवन निर्माण परियोजना की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा बैठक में परियोजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए सचिव ने निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने तथा भवन को पर्यावरण अनुकूल ग्रीन बिल्डिंग मॉडल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। वर्तमान में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण ऊधमसिंहनगर विकास भवन से संचालित हो रहा है और उसका कोई स्वतंत्र कार्यालय भवन नहीं है। ऐसे में जिले में संचालित मास्टर प्लान, प्रधानमंत्री आवास योजना, ट्रांसपोर्ट नगर और अन्य बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं की निगरानी के लिए एक समर्पित एवं आधुनिक कार्यालय की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। प्रस्तावित भवन बनने के बाद प्रशासनिक और तकनीकी कार्यों के संचालन में उल्लेखनीय सुविधा मिलेगी। बैठक में बताया गया कि ग्राम कल्याणपुर, तहसील रुद्रपुर में 8740 वर्गमीटर भूमि पर यह परियोजना विकसित की जा रही है। जिलाधिकारी ऊधमसिंहनगर द्वारा जुलाई 2024 में यह भूमि प्राधिकरण को आवंटित की गई थी। स्थल की विशेषता यह है कि यह पूरी तरह मैदानी क्षेत्र में स्थित है और इसके आसपास कई सरकारी कार्यालय मौजूद हैं। दो ओर से सड़क संपर्क होने के साथ विद्युत, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

प्रस्तावित भवन को आधुनिक ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। इसमें सोलर एनर्जी सिस्टम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी पर्यावरणीय सुविधाएं शामिल होंगी। कुल भूमि के लगभग 40 प्रतिशत हिस्से में भवन निर्माण होगा, जबकि शेष क्षेत्र का उपयोग लैंडस्केपिंग और पार्किंग के लिए किया जाएगा। वर्तमान में परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग 50 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जबकि वित्तीय प्रगति 20 प्रतिशत दर्ज की गई है। परियोजना की कुल अनुमानित लागत 18.01 करोड़ रुपये है, जिसका तकनीकी परीक्षण नियोजन विभाग द्वारा किया जा रहा है।परियोजना के वित्त पोषण के लिए भारत सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्वीकृत 93 परियोजनाओं की सूची में इसे भी शामिल किया है। केंद्र सरकार द्वारा इस परियोजना के लिए दो करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। शेष कार्यों के लिए वर्तमान में प्राधिकरण की अवस्थापना निधि से व्यय किया जा रहा है। बैठक में सचिव डॉ. राजेश कुमार ने निर्देश दिए कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग, लैंडस्केपिंग और ग्रीन बिल्डिंग संबंधी सभी मानकों का पूर्ण पालन किया जाए।

सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा रानीखेत जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन एवं व्यापारिक नगरों में सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था समय की आवश्यकता है। दोनों प्रस्तावों का तकनीकी और वित्तीय परीक्षण किया गया है। हमने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि परियोजनाओं की व्यवहार्यता, राजस्व मॉडल और स्थानीय आवश्यकताओं का गहन अध्ययन कर संशोधित प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराएं। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से जाम की समस्या कम होगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

ऊधमसिंहनगर विकास प्राधिकरण का नया कार्यालय भवन आधुनिक प्रशासनिक जरूरतों और पर्यावरणीय मानकों को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। यह भवन न केवल प्राधिकरण की कार्यक्षमता बढ़ाएगा बल्कि ग्रीन बिल्डिंग अवधारणा का उत्कृष्ट उदाहरण भी बनेगा। निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा हो, इसके लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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