देहरादून।उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं माननीय जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्री हरीश कुमार गोयल जी के निर्देशों के अनुपालन में तथा जनहित एवं आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आज दिनांक 20 जुलाई, 2026 को सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्रीमती सीमा डुंगराकोटी द्वारा “safe drugs: safe life” campaign के तहत ड्रग विभाग के साथ सहसपुर, बड़ा-रामपुर, छोटा-रामपुर, झाझरा, सुद्धोवाला, देहरादून के विभिन्न मेडिकल स्टोर्स का संयुक्त औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें श्री मानेन्द्र सिंह राणा, वरिष्ठ औषधि निरीक्षक ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, श्री विनोद जगूड़ी, औषधि निरीक्षक ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, जनपद देहरादून शामिल रहे।

निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोर्स में औषधियों के रखरखाव, अभिलेखों के संधारण, औषधियों के क्रय-विक्रय संबंधी नियमों तथा अन्य वैधानिक प्रावधानों सहित स्टोर्स के लाइसेंस, फार्मासिस्ट रिकॉर्ड, एक्सपायरी दवाइयाँ तथा उनके निपटारे की प्रक्रिया, सीसीटीवी संचालन आदि की विस्तृत जाँच की गयी तथा आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये गये।

• बालाजी मेडिकोज, सभावाला, सहसपुर, देहरादून — स्टोर में एक पुरुष कर्मचारी उपस्थित पाया गया। फार्मासिस्ट और स्टोर का मालिक अनुपस्थित पाये गये। कर्मचारी द्वारा फोन करने पर स्टोर फार्मासिस्ट को बुलाया गया। फ्रिज अत्यंत पुराना व खराब अवस्था में पाया गया, जिसमें मौजूद अधिकांश दवाइयाँ एक्सपायरी मिलीं, जिस पर कार्यवाही करते हुए निरीक्षण टीम द्वारा सभी दवाइयों को जब्त किया गया। रैक में अत्यधिक गंदगी और धूल पायी गयी। उक्त स्टोर में अत्यधिक अनियमितताओं के मद्देनजर निरीक्षण टीम द्वारा स्टोर को तत्काल बंद कराया गया तथा स्टोर में दवाइयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगायी गयी तथा कार्यालय खाद्य एवं औषधि प्रशासन में स्पष्टीकरण का जवाब देने के निर्देश दिये गये। साथ ही कड़ी चेतावनी दी गयी कि यदि स्टोर चालक द्वारा उक्त अनियमितताओं का संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया, तो स्टोर का लाइसेंस निरस्त करने की कार्यवाही की जायेगी। • पर्व मेडिकल स्टोर, सभावाला, सहसपुर, देहरादून — स्टोर में निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट और स्टोर का मालिक उपस्थित मिले। एक्सपायरी दवाइयों का रख-रखाव अव्यवस्थित पाया गया। निरीक्षण टीम को बताया गया कि तीन माह की एक्सपायरी दवाइयाँ ही रखी हुई हैं, किन्तु निरीक्षण पर रैक से भी छः माह पूर्व की एक्सपायरी दवाइयाँ प्राप्त हुईं। एक्सपायरी दवाइयों के निपटारे की प्रक्रिया के सम्बन्ध में पूछताछ की गयी, किन्तु किसी के भी द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। मेडिकल स्टोर में कुल 02 सीसीटीवी कैमरे हैं तथा फ्रिज चालू अवस्था में मिला। नारकोटिक्स बिल नहीं दिखाये गये, विशेषकर PAN-D दवाई के क्रय-विक्रय का बिल भी निरीक्षण टीम को मौके पर नहीं दिखाया गया। उक्त स्टोर में अत्यधिक अनियमितताओं के मद्देनजर, निरीक्षण टीम द्वारा स्टोर को तत्काल बंद कराया गया तथा स्टोर में दवाइयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगायी गयी।

• ग्लोबल फार्मा डिस्ट्रीब्यूटर्स, बड़ारामपुर, सहसपुर, देहरादून — स्टोर द्वारा होलसेल में दवाइयों का विक्रय किया जाता है। फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिले किन्तु अन्य फार्मासिस्ट उपस्थित पाये गये। छः सीसीटीवी कैमरे मिले, स्टोर साफ-सुथरा पाया गया तथा निरीक्षण में एक्सपायरी दवाइयाँ नहीं मिली। फ्रिज में तापमान डिस्प्ले पाया गया। एक्सपायरी दवाइयों का रख-रखाव व्यवस्थित मिला। बताया गया कि नारकोटिक्स दवाइयों का विक्रय उनके द्वारा नहीं किया जाता। निरीक्षण टीम द्वारा दवाइयों का रख-रखाव व्यवस्थित रखने और सही दवाइयों के क्रय-विक्रय के साथ अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।

 

• जनता मेडिकल स्टोर, छोटारामपुर, सहसपुर, देहरादून — स्टोर में निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट और स्टोर का मालिक उपस्थित मिले। एक्सपायरी दवाइयों का रख-रखाव अव्यवस्थित पाया गया। रैक पर अत्यधिक गंदगी पायी गयी। एक्सपायरी दवाइयों के निपटारे की प्रक्रिया के सम्बन्ध में पूछताछ की गयी, किन्तु संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। मेडिकल स्टोर में 01 सीसीटीवी कैमरा दिखाया गया जो कि चालू अवस्था में नहीं पाया गया तथा फ्रिज खराब अवस्था में मिला, जिसमें विभिन्न इंजेक्शन डीप फ्रीजर में रखने के कारण खराब अवस्था में पाये गये, जिनको कि मौके पर नष्ट करके निपटारा किया गया। उक्त स्टोर में अत्यधिक अनियमितताओं के मद्देनजर, निरीक्षण टीम द्वारा स्टोर को तत्काल बंद कराया गया तथा स्टोर में दवाइयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगायी गयी।

 

• शंभु मेडिकल स्टोर, झाझरा, सहसपुर, देहरादून — स्टोर में निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट और स्टोर का मालिक उपस्थित मिले। स्टोर मालिक द्वारा बताया गया कि उसका यह मेडिकल स्टोर अभी 1–2 सप्ताह पूर्व ही खोला गया है। मेडिकल स्टोर में सीसीटीवी कैमरा नहीं पाया गया तथा एक्सपायरी दवाइयों के रख-रखाव की कोई व्यवस्था नहीं है, जिसके बारे में निरीक्षण टीम द्वारा उचित दिशा-निर्देश दिये गये तथा स्टोर की सारी व्यवस्थाएं पूर्ण होने पर ही स्टोर को पुनः खोलने का आदेश दिया गया। निरीक्षण टीम द्वारा दवाइयों का रख-रखाव व्यवस्थित रखने, फ्रिज में तापमान डिस्प्ले रखने, सही दवाइयों के क्रय-विक्रय के साथ अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।

 

• हेल्थ केयर फार्मेसी, सुद्धोवाला, सहसपुर, देहरादून — निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट तथा स्टोर के मालिक अनुपस्थित मिले। स्टोर पर जो व्यक्ति मिला उसे फार्मासिस्ट तथा स्टोर के मालिक के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। स्टोर में सीसीटीवी कैमरा नहीं पाया गया तथा फ्रिज बंद अवस्था में पाया गया। अत्यधिक अनियमितताओं के मद्देनजर, निरीक्षण टीम द्वारा स्टोर को तत्काल बंद कराया गया तथा स्टोर में दवाइयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगायी गयी तथा कार्यालय खाद्य एवं औषधि प्रशासन में स्पष्टीकरण का जवाब देने के निर्देश दिये गये। साथ ही कड़ी चेतावनी दी गयी कि यदि स्टोर चालक द्वारा उक्त अनियमितताओं का संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया, तो स्टोर का लाइसेंस निरस्त करने की कार्यवाही की जायेगी। _*आज के निरीक्षण में यह भी पाया गया कि सभावाला, छोटा-रामपुर, बड़ा-रामपुर, सुद्धोवाला, सहसपुर क्षेत्र के कई अन्य मेडिकल स्टोरों ने निरीक्षण की जानकारी होते ही अपने-अपने मेडिकल स्टोर बंद कर दिये, जिससे उनकी कार्यप्रणाली एवं विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न उत्पन्न होता है।_*

सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्रीमती सीमा डुँगराकोटी ने कहा कि आमजन के स्वास्थ्य एवं जीवन से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। औषधियों के विक्रय से जुड़े सभी प्रतिष्ठानों को विधि के अनुरूप कार्य करना अनिवार्य है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून आमजन से भी अपील करता है कि यदि किसी मेडिकल स्टोर पर बिना चिकित्सकीय पर्चे के प्रतिबंधित औषधियों का विक्रय, एक्सपायरी दवाइयों का उपयोग अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी प्राप्त हो, तो उसकी सूचना संबंधित विभाग अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून को दें। जनसहभागिता से ही एक स्वस्थ, सुरक्षित एवं नशा-मुक्त समाज का निर्माण संभव है।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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