-उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के स्थान पर राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन, आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

-समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में उत्तराखंड ने रचा इतिहास

देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्पसंख्यक मोर्चा महानगर, देहरादून द्वारा आयोजित ‘लाभार्थी सम्मेलन’ में प्रतिभाग करते हुए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित लाभार्थियों ने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलावों, आर्थिक सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, स्वरोजगार तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों की बातों को गंभीरता से सुना और कहा कि सरकार की सबसे बड़ी पूंजी जनता का विश्वास है तथा यही विश्वास जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की सबसे बड़ी प्रेरणा है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में विकास की ऐसी कार्यसंस्कृति स्थापित हुई है जिसमें योजनाओं का लाभ सीधे पात्र व्यक्ति तक पहुंच रहा है। डबल इंजन सरकार का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर उपलब्ध कराना और विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी नागरिकों तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण एवं दूरगामी निर्णय लेते हुए उत्तराखंड मदरसा बोर्ड को समाप्त कर राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वे विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कौशल विकास और प्रतिस्पर्धी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम मानती है और प्रत्येक बच्चे को बेहतर भविष्य प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने समान नागरिक संहिता (UCC) का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड इस ऐतिहासिक कानून को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान, सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समान नागरिक संहिता सामाजिक समरसता, पारदर्शिता और समान अवसर की भावना को मजबूत करती है तथा राज्य के सभी नागरिकों के लिए न्यायपूर्ण व्यवस्था स्थापित करने का कार्य करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण, युवाओं के रोजगार, किसानों की आय वृद्धि, गरीब परिवारों के उत्थान, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, आवास, पेयजल, सड़क, डिजिटल सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा जैसे अनेक क्षेत्रों में प्रभावी कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाना और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर उपलब्ध कराना है।

उन्होंने लाभार्थियों से आह्वान किया कि वे सरकार की योजनाओं की जानकारी समाज के अन्य पात्र लोगों तक भी पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक परिवार इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता के सुझावों और अनुभवों के आधार पर योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास कर रही है।

कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, स्वरोजगार एवं कौशल विकास योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा अन्य राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं से प्राप्त लाभ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। अनेक लाभार्थियों ने बताया कि सरकारी योजनाओं ने उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार किया है तथा उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आर्थिक सुरक्षा के नए अवसर प्राप्त हुए हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास, विधायक श्री विनोद चमोली, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं दायित्वधारी श्री दिनेश अग्रवाल, देहरादून नगर निगम के महापौर श्री सौरभ थपलियाल, अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारीगण, जनप्रतिनिधि, पार्टी के सम्मानित कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में लाभार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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