सड़क सुरक्षा पर डीएम का सख्त एक्शन, ब्लैक स्पॉट होंगे सुरक्षित, हर माह होगी प्रगति समीक्षा

संवेदनशील स्थलों का लार्ज स्केल पर होगा सर्वे, अनधिकृत मीडियन क्रॉसिंग तुरंत बंद करने के निर्देश

ओवरलोडिंग, अनफिट वाहन और ड्रंक एंड ड्राइव पर जीरो टॉलरेंस, डीएम ने दिए कड़े प्रर्वतन के निर्देश

सड़क सुरक्षा में जनभागीदारी जरूरी, सभी विभाग करें समन्वित प्रयास-डीएम

देहरादून  जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने, यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार को ऋषिपर्णा सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं ठोस कार्रवाई के कड़े निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सभी विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे।

बैठक में जिलाधिकारी ने सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए जनपद के सभी चिन्हित ब्लैक स्पॉट एवं दुर्घटना संभावित स्थलों का विस्तृत सर्वे कर निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानों के सुधार के लिए तत्काल डीपीआर तैयार कर सड़क सुधारीकरण कार्य प्रारंभ किया जाए। साथ ही सभी संवेदनशील स्थलों का सर्वे कर प्रकाश व्यवस्था की कमी, बाधक बने बिजली के पोल, ट्रांसफॉर्मर अथवा अन्य संरचनाओं को स्थानांतरित करने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बरसात के कारण सड़कों पर बने गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराने तथा शहरी क्षेत्रों में जलभराव रोकने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने तथा बरसात के बाद सड़कों का रिपेयर वर्क तुरंत शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर आशारोड़ी से डाटकाली टनल तक दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए मोड़ एवं चौराहों पर सड़क चौड़ीकरण, रम्बल स्ट्रिप, स्ट्रीट लाइट और अन्य सुरक्षात्मक कार्य शीघ्र प्रारंभ करने को कहा। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बजट का प्रस्ताव तत्काल उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। साथ ही सभी अनधिकृत मीडियन क्रॉसिंग तत्काल बंद कराने के आदेश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि चकराता और कालसी जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में ओवरलोडिंग, वाहनों की खराब फिटनेस, नियमित मेंटेनेंस का अभाव तथा ड्रंक एंड ड्राइव सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण रहते हैं। उन्होंने परिवहन विभाग को इन मामलों में विशेष अभियान चलाकर सख्त प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक सड़क दुर्घटना का सोशल एवं इकोनॉमिकल सर्वे भी कराया जाए। दुर्घटना स्थलों का निरीक्षण कर कारणों का तकनीकी विश्लेषण करे तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं।

जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए प्रवर्तन कार्रवाई के साथ-साथ व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाए, ताकि नागरिक स्वयं यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित हों। उन्होंने सभी स्कूल बसों एवं अन्य विद्यालयी वाहनों की नियमित जांच, फिटनेस प्रमाण-पत्र, परमिट तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा ड्रंक एंड ड्राइव, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने तथा सीट बेल्ट का उपयोग न करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने को कहा।

उन्होंने सड़कों के किनारे एवं प्रमुख चौराहों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, संकेतक बोर्ड और चेतावनी संकेतों को दुरुस्त करने के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरे, डिवाइडर, येलो लाइन, स्पीड डिस्प्ले बोर्ड तथा टोल बैरियर से पूर्व स्पीड ब्रेकर सहित सभी सड़क सुरक्षा मानकों को निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यों की प्रत्येक माह समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि निर्देशों के अनुपालन की नियमित निगरानी हो सके।

बैठक में पुलिस अधीक्षक यातायात जितेन्द्र चौधरी, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग ओम पाल सिंह, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अनिता चमोला, एएई-पीआईयू विशाल, अधिशासी अभियंता राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग सुरेश तोमर, अधिशासी अभियंता नगर निगम रजित कोठियाल, प्रबंधक एनएचएआई सालू चौहान, ईओ रजनीश, एआरटीओ रश्मि पंत, अनिल सिंह, रत्नाकर सिंह सहित वर्चुअल माध्यम से सभी उप जिलाधिकारी एवं समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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