पर्यावरण सखियों को मिला कचरा संग्रहण वाहन, गांवों में मजबूत होगी कचरा संग्रहण एवं प्रबंधन व्यवस्था

देहरादून विकासखंड रायपुर में एसबीआई फाउंडेशन के सहयोग से वेस्ट वॉरियर्स संस्था द्वारा संचालित ”Waste No More in Dehradun” परियोजना के तहत 16 ग्राम पंचायतों में पर्यावरण सखी मॉडल के माध्यम से कचरा प्रबंधन का कार्य किया जा रहा है।

पर्यावरण सखियों द्वारा पहले से ही ई-लोडर के माध्यम से घर-घर जाकर सूखे कचरे का संग्रहण किया जा रहा है। इसी व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से खंड विकास कार्यालय, रायपुर में पर्यावरण सखियों को कचरा संग्रहण वाहन सौंपा गया। इस वाहन से घर-घर कचरा संग्रहण तथा एकत्रित कचरे के सुरक्षित एवं व्यवस्थित परिवहन को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी। इससे पर्यावरण सखियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ अधिक घरों तक नियमित कचरा संग्रहण सेवा पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।

इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी अपर्णा बहुगुणा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह चौहान, ब्लॉक प्रमुख सरोजनी ज्वाड़ी, एबीडीओ मोहन लाल रतूड़ी, ग्राम प्रधान धनौला सोनिया थापा एवं स्वजल सामुदायिक विशेषज्ञ मंजू जोशी उपस्थित रहे। अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने पर्यावरण सखियों के कार्य की सराहना करते हुए नए कचरा संग्रहण वाहन को गांवों की स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

पर्यावरण सखी समूह में 10 स्थानीय महिलाएं शामिल हैं, जो घर-घर से सूखा कचरा एकत्र कर धनौला स्थित केंद्र में ले जाती हैं, जहां कचरे का 18-20 श्रेणियों में पृथक्करण किया जाता है। नए वाहन से कचरा संग्रहण एवं परिवहन की प्रक्रिया को और अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम में वेस्ट वॉरियर्स से नवीन कुमार सदाना, विनोद सोलंकी एवं असलम खान तथा पर्यावरण सखियों में आरती ज्वाड़ी, बीना रावत, पूजा एवं शांति सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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