रक्षाबंधन समारोह में मुख्यमंत्री धामी का भव्य स्वागत,महिलाओं के लिए 60 वर्ष की उम्र से मुफ्त बस सफर की घोषणा।

खटीमा में रक्षाबंधन कार्यक्रम 10 नई पिंक ई-बसों और महिला स्वरोजगार योजना की राशि बढ़ाने का ऐलान।

मुख्यमंत्री ने चकरपुर में बहनों से बंधवाई राखी, महिला सशक्तिकरण को दी नई सौगातें।

खटीमा ।रक्षाबंधन त्यौहार पर चकरपुर स्टेडियम में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया व दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।कार्यक्रम मे आयी समस्त बहनों ने मुख्यमंत्री को भाई बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास को समर्पित रक्षासूत्र बाँधी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आयी समस्त बहनों का अभिवादन किया व रक्षाबंधन की शुभकामनाएँ दीं।

कार्यक्रम में बहिनों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सरकारी बसों में अब 60 वर्ष की उम्र से महिलाओं को मुफ्त सफर करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के अंतर्गत 10 पिंक ई-बसें महिलाओं के लिए संचालित करने की भी घोषणा की।महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने महिला स्वरोजगार योजना के तहत निर्धारित दो लाख की धनराशि को भी बढ़ाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन बहुत शुभ है, आप सबके प्रेम को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यही प्रेम मुझे ताकत देता है जिससे मुझे और अधिक मेहनत करने और अधिक ऊर्जा से जनमानस की सेवा करने का बल भी मिलता है। उन्होंने कहा कि यही पर्व केवल राखी बाँधने का पर्व नहीं है बल्कि भाई-बहन के बीच अटूट प्रेम, अटूट विश्वास और एक जिम्मेदारी का पर्व भी है। ज़ब हम एक दूसरे के प्रति जिम्मेदारी का संकल्प लेते है और यह पर्व हमें याद दिलाता है कि रिश्ते केवल भावनाओं से नहीं बल्कि एक दूसरे के साथ दुख-सुख में खड़े रहने से और जिम्मेदारियों को निभाने से मजबूत होते है। उन्होंने कहा कि ज़ब हम सबको एक-दूसरे की आवश्यकता हो तब हम सब एक साथ खड़े होने से हमारे रिश्ते और हमारा विश्वास और मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति में बहन के स्नेह और भाई के संकल्प का रिश्ता सदियों से परिवार, समाज और संस्कारों को मजबूत करने की प्रेरणा देता आया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन का यह पर्व केवल रिश्तों की मिठास का एहसास नहीं कराता है बल्कि समाज के प्रति हमें हमारे कर्तव्यों, हमारी जिम्मेदारी और हमारी मातृशक्तियों के सम्मान करने का भी संदेश देता है। उन्होंने कहा कि हमारे शास्त्रों में भी कहा गया है कि जहाँ नारियों का सम्मान होता है वहां देवताओं का वास होता है। उन्होंने कहा कि एक भाई अपनी बहन के सम्मान, सुरक्षा और खुशहाली को अपना धर्म मानता है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार महिलाओं के सम्मान, शशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं लेकर आयी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 से अपने कार्यकाल में अपनी नीतियों में सबसे ज्यादा प्राथमिकता मातृ शक्ति को दी है। उन्होंने नारी सशक्तिकरण को सिर्फ नारों तक सिमित नहीं रखा बल्कि धरातल पर काम कर महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जन-धन योजना के माध्यम से हमारी माताओं और बहनों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने, मुद्रा योजना लाकर उनके हाथों में पूंजी लाना और अपने पैरों पर खड़े होने का सपना दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्जवला योजना लाकर 15 करोड़ से अधिक महिलाओं की रसोई को धुंआ मुक्त कर गैस सिलेंडर देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से हर घर में इज्जत घर (शौचालय) बना कर बहनों के सम्मान और गरिमा की रक्षा करी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को केवल वोट देने तक हो सिमित नहीं रखा है बल्कि लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33% का आरक्षण भी सुनिश्चित किया है। यह निर्णय नये भारत में नारी के सम्मान को रेखांकित करते है कि नारी का सम्मान कितनी तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में भी नारी शक्ति को सशक्त करने के लिए संकल्प लेकर निरंतर काम कर रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नंदा गौरा योजना के अंतर्गत बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा तक उनका साथ देती है। इस योजना के अंतर्गत बेटी के जन्म पर 11 हजार रूपये, उनकी 12 कक्षा के उत्तीर्ण होने पर 51 हजार रूपये कि आर्थिक साहयता देकर हम बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए उनको संबल प्रदान करते है। जिससे वें अपने आगे के भविष्य का बेहतर निर्माण कर सकें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के माध्यम से बच्चे के जन्म के बाद बच्चे और माँ की जरूरत के लिए सभी समान से भरी किट भी देने का काम कर रहे है। उन्होंने कहा कि 181 महिला हेल्पलाइन नंबर,वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से हमारी बहनों को सुरक्षा और साहयता का भरोसा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवाओं में हमने उत्तराखंड के अंदर महिलाओ की कठिन जीवन शैली को देखते हुए 30% का आरक्षण भी सुनिश्चित किया है। समान नागरिक संहिता का कानून लाकर 100% सुरक्षा देने का काम किया है। जिसको लागू करने वाला उत्तराखंड पहले राज्य बना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार चाहती है कि उत्तराखंड के अंदर महिलाएं केवल योजनाओं का लाभ लेने वाली न बने बल्कि हम चाहते है कि प्रदेश के हर क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ कर नेतृत्व करें। रोजगार देने वाली बने, इसी सोच के साथ हमारी सरकार ने राज्य के अंदर स्वयं साहयता समूह 5 लाख तक का ऋण बिना ब्याज के देने का प्रावधान किया है। जिससे वें अपना कोई भी काम कर सकें और आर्थिक रूप से मजबूत बने। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के माध्यम से महिलाओं के उत्पादों को बाजारों में स्थान उपलब्ध करा रहे है। सभी विकास खंण्डो के माध्यम से इसके लिए केंद्र बनाये जा रहे है। उन्होंने कहा कि देहरादून में प्रदेश के सभी 13 जिलों के उत्पादों को विक्रय के लिए 13 सेंटर खोलने का निर्णय लिया है। जहाँ महिलाओं के उत्पादों को स्थान मिलेगा। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में राज्य की महिलाएं इतना अच्छा सामान बना रही है जिससे देश के साथ-साथ विदेशों विदेशों में भी उनके उत्पादों की माँग बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा की प्रदेश में 3लाख 9 हजार बहने आज लखपति दीदी बन गयी है और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक नया इतिहास बन गया है। उन्होंने बहिनों को आश्स्वत करते हुए कहा कि मैं एक भाई के रूप मैं हमेशा अपना कर्तव्य पूरी ईमानदारी के साथ निभाउंगा और अपनी बहनों से अपेक्षा करता हूँ की अब लखपति से आगे बढ़कर करोड़पति बनने के लिए आगे बढ़े सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना सिर्फ योजना नहीं बल्कि महिलाओं के मजबूत होते आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसी अनेक योजनाएं माताओं-बहनों के लिए सरकार ने संचालित की है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का उद्देश्य है कि महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़े और इतिहास बनाये। उन्होंने कहा कि मै भरोसा दिलाता हूँ कि आपकी सेवा से बढ़कर मेरे लिए और कोई सेवा नहीं है और मै इस धर्म को सदा निभाता रहूँगा। मेरे लिए सबसे गर्व की बात यह है कि मै इस देवभूमि मै अपनी माताओं-बहनों का भाई और बेटा कहलाऊं। उन्होंने कहा मैं आप सबको विश्वास दिलाता हूँ कि जब तक उत्तराखंड की प्रत्येक बहन सम्मानित, सशक्त और आत्मनिर्भर नहीं हो जाती है तब तक मैं इसी प्रकार राज्य की उन्नति को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करता रहूँगा।

कार्यक्रम में तुलसी राणा ने माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ ही सभी आगंतुकों का स्वागत व अभिनंदन किया।

कार्यक्रम में दर्जा मंत्री मोहिनी पोखरिया,ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा,शोभा राणा,कुलविंदर कौर,हरिकेश चंद,पूनम,ममता चुफाल,मंडल अध्यक्ष माया जोशी,भागीरथी खोलिया,अंजना अडो, पूर्व ग्राम प्रधान शोभा राणा,रेखा राणा,गीता,लक्ष्मी,चन्द्रकला रौतेला,विमला,सरोज कुशवाह,जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री गंभीर सिंह धामी,रणदीप पोखरिया,जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित सैकड़ों बहिनें उपस्थित रही।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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