जनजातीय संस्कृति,परंपरा और गौरव का उत्सव बना उत्तराखंड आदि रंगोत्सव खटीमा में बिखरे संस्कृति के रंग, जनजातीय समाज के सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश।

उत्तराखंड आदि रंगोत्सव में दिखी उत्तराखंड की समृद्ध जनजातीय विरासत और सांस्कृतिक विविधता।

पारंपरिक रंग में रंगे मुख्यमंत्री, कलाकारों संग थिरके और खुद बजाया ढोल।

खटीमा  खटीमा में आयोजित तीन दिवसीय उत्तराखंड आदि रंगोत्सव का आगाज हो गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्ज्वलित कर उत्तराखंड आदि रंगोत्सव का शुभारंभ किया।मुख्यमंत्री ने केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू तथा केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम को पौधा एवं महाराणा प्रताप की प्रतिमा भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया। वहीं मुख्यमंत्री ने ‘हनुमान’ अंश फिल्म के कलाकारों को मंच पर फिल्म के लिए शुभकामनाएं देते हुए पौधा, हनुमान जी की गदा एवं नीम करौली बाबा की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने सम्बोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड आदि रंगोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर लोगों के बीच उपस्थित होना उनके लिए गौरव का क्षण है। यह रंगोत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं,बल्कि हमारी संस्कृति एवं जनजातीय समाज के गौरव का प्रतीक पर्व है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री का आवासीय एकलव्य विद्यालयों के लिए सहयोग तथा खटीमा स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय के आधुनिकीकरण के लिए 10 करोड़ की घोषणा के लिए आभार व्यक्त किया।उन्होंने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू एवं जुएल ओराम से पिथौरागढ़ क्षेत्र में एक आवासीय एकलव्य विद्यालय स्थापित किए जाने का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जुएल ओराम निरंतर 36 वर्षों से जनजातीय समाज के हितों एवं कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में देश के जनजातीय क्षेत्रों में आदिवासी समाज के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि आज रोड शो के दौरान खटीमा में उन्हें हर प्रकार की विविधता और सांस्कृतिक रंग देखने को मिले। खटीमा अपने आप में एक मिनी इंडिया है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा आधारभूत सुविधाओं से जोड़कर उन्हें सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अटल आवास योजना में आय सीमा को व्यावहारिक बनाया है तथा घर निर्माण की लागत में भी बढ़ोतरी की है,ताकि अधिक से अधिक परिवारों को इसका लाभ मिल सके। ऊधम सिंह नगर जनपद में इस योजना के अंतर्गत 3 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत भी बड़ी संख्या में जनजातीय परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत इस वर्ष घर पाने के लिए प्राप्त आवेदनों में लगभग 28 प्रतिशत आवेदन जनजातीय समाज के परिवारों के हैं।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत प्रथम चरण में 824 तथा द्वितीय चरण में 101 आवासों का निर्माण किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी राज्य सरकार जनजातीय समाज के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों एवं आईटीआई संस्थानों के विकास के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। बाजपुर में 100 बेड का बालक छात्रावास बनाया जा रहा है। 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विद्यालय का निर्माण किया जा रहा है, जबकि बालिका छात्रावास के लिए भी 4 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। थारू राजकीय इंटर कॉलेज का सौंदर्यीकरण एवं आधुनिकीकरण भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने खटीमा के अंजनिया गांव निवासी बीएसएफ जवान मोहन सिंह राणा एवं चारूबेटा की बेटी टीला सेन को माउंट एवरेस्ट फतह करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि दोनों ने अपनी उपलब्धि से न केवल थारू समाज, बल्कि पूरे उत्तराखंड का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से जनजातीय समाज को रोजगार एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है। जनजातीय समाज द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार से जोड़ने तथा उनके विपणन को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही रिवॉल्विंग फंड एवं निवेश सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें यह बताते हुए संतोष है कि मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2020 से 2025 तक 10 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाएं धरातल पर उतारी जा चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहती, बल्कि योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य करती है। सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं को बीच में नहीं छोड़ा जाता और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर निरंतर ध्यान दिया जाता है।

केंद्रीय मंत्री ने खटीमा में जनजातीय कल्याण योजनाओं की घोषणा, एकलव्य विद्यालय के लिए 10 करोड़ रुपये की सौगात। जुएल ओरम

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओरम ने खटीमा में जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल को याद किया और जनजातीय विकास के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 में जब अटल जी देश के प्रधानमंत्री बने तब जनजातीय मामलों के लिए एक अलग मंत्रालय का गठन किया गया था जिसका उद्देश्य थारू,बोक्सा,जोनसारी जैसे जनजातीय समाजों के सर्वांगीण विकास के लिए अलग से योजनाएँ चलाना था।

केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों के साझा प्रयासों से खटीमा में एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल का निर्माण संभव हुआ है। उन्होंने घोषणा की कि खटीमा में एकलव्य विद्यालय के विस्तार और सुविधाओं के लिए भारत सरकार द्वारा लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत लगाई जाएगी। इसमें 4 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हॉस्टल का टेंडर पूरा हो चुका है और इसका निर्माण कार्य दो-तीन दिनों में शुरू कर दिया जाएगा। इस विद्यालय में 240 लड़कों और 240 लड़कियों सहित कुल 480 छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने खटीमा के एकलव्य स्कूल के सौ फीसदी परीक्षा परिणाम की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के अन्य स्थानों जैसे बाजपुर,चकराता और देहरादून के कालसी में भी ऐसे विद्यालय बेहतरीन शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय कल्याण के लिए चलाए जा रहे बजट का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार पीएम-जनमन योजना के तहत 24,000 करोड़ रुपये, ‘धरती आबा अभियान’ के लिए 89,000 करोड़ रुपये और एकलव्य विद्यालयों के लिए 25,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि क्षेत्र की जनजातीय समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

उत्तराखंड आदि रंगोत्सव में पहुंचे केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सीएम धामी के नेतृत्व और जनजातीय विकास योजनाओं की सराहा।

उत्तराखंड आदि रंगोत्सव में पहुंचे केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्य की जनजातीय विविधता,समृद्ध संस्कृति और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की जमकर तारीफ की। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में थारू, बोक्सा,जौनसारी और राजी जैसी विभिन्न जनजातियाँ निवास करती हैं, जिनकी संस्कृति और परंपराएँ इस राज्य को विशिष्ट बनाती हैं।केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं सुरंग दुर्घटनाओं, भूस्खलन और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद धामी जी ने हर चुनौती का कुशलतापूर्वक सामना किया है। उन्होंने कहा कि ऐसा जनसेवक सदियों में मिलता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए केंद्रीय रिजिजू ने कहा कि 2014 के बाद देश में आदिवासियों के कल्याण और उनकी पहचान को नया आयाम मिला है। स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज के योगदान को सम्मान देते हुए भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने की ऐतिहासिक शुरुआत की गई है। इसके साथ ही ‘पीएम-जनमन’ जैसी योजनाओं के माध्यम से विकास को दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुँचाया जा रहा है। उन्होंने उत्तराखंड,अरुणाचल प्रदेश,छतीसगढ़,बिहार,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश,हरियाणा,उत्तराखंड,अरुणाचल प्रदेश,छतीसगढ़,महाराष्ट्र,उड़ीसा,पश्चिमी बंगाल,झारखंड,मिजोरम आदि राज्यों से आए जनजातीय प्रतिनिधियों का अभिनंदन करते हुए अपनी सांस्कृतिक विरासत,पहचान और परंपराओं को सहेजने का आह्वान किया। साथ ही वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने में जनजातीय समाज की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।

उत्तराखंड आदि रंगोत्सव में राजस्थान, मध्यप्रदेश,हरियाणा,उत्तराखंड,अरुणाचल प्रदेश,छतीसगढ़,महाराष्ट्र,उड़ीसा,पश्चिमी बंगाल,झारखंड,मिजोरम उतर प्रदेश आदि राज्यों से आए जनजाति कलाकारों ने अपनी संस्कृति की प्रस्तुतियां दी।

कैबिनेट मंत्री खजान दास ने उत्तराखंड आदि रंगोत्सव में पधारे सभी अतिथियों का स्वागत अभिनंदन करते हुए सभी को बधाई एवं शुभकामनाए दी। सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने उत्तराखंड आदि रंगोत्सव में आए सभी अतिथियों का धन्यवाद व आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा,कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत,सुबोध उनियाल,प्रदीप बत्रा,खजान दास,राम सिंह केड़ा,भरत सिंह चौधरी,अध्यक्ष जिला पंचायत अजय मौर्य, अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष मुकेश कुमार,विधायक सरिता आर्या,दर्जा राज्य मंत्री गीता राम गौड़,रणजीत सिंह नामधारी, विनय रुहेला,मोहनी पोखरिया, गम्भीर सिंह धामी,फरजाना बेगम, किसन सिंह किन्ना,उत्तम दत्ता, लीलावती राणा, ब्लाक प्रमुख सरिता राणा,नगर पालिका अध्यक्ष रमेशचंद्र जोशी, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल जिन्दल,सहित डीएम नितिन सिंह भदौरिया,एसएसपी अजय गणपति एवं अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist. For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction. Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan. शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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