आईआईएम काशीपुर की दिल्ली सिटी मीट ’26 में पूर्व विद्यार्थियों के जुड़ाव, उद्योग जगत से संपर्क और संस्थागत विकास पर जोर

– नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 90 पूर्व विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों और संस्थान के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
– पूर्व विद्यार्थियों के अनुभवों, मार्गदर्शन और ज्ञान साझा करने के माध्यम से वर्तमान विद्यार्थियों के विकास पर चर्चा।
– संस्थान के डीन (डेवलपमेंट) प्रो. कुनाल गांगुली ने पूर्व विद्यार्थी नेटवर्क को संस्थागत विकास का महत्वपूर्ण भाग बताया।
– पूर्व विद्यार्थियों ने करियर मार्गदर्शन, पेशेवर सहयोग और संस्थान से निरंतर जुड़ाव के महत्व पर जोर दिया।
– कार्यक्रम में उद्योग जगत और प्रबंधन शिक्षा के बीच संबंध मजबूत करने पर विचार-विमर्श हुआ।

देहरादून।  भारतीय प्रबंध संस्थान काशीपुर (आईआईएम काशीपुर) ने 10 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के छतरपुर स्थित द दिवोली में ‘दिल्ली सिटी मीट ’26’ का आयोजन किया। संस्थान की एलुमनाई रिलेशंस कमेटी (ARC) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 90 पूर्व विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों और संस्थान के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में उद्योग जगत के अनुभवों, विद्यार्थियों के मार्गदर्शन तथा पूर्व विद्यार्थी समुदाय के साथ संस्थान के जुड़ाव को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया गया।

इस आयोजन ने विभिन्न बैचों के पूर्व विद्यार्थियों को अपने पेशेवर अनुभव साझा करने और एक-दूसरे से जुड़ने का अवसर प्रदान किया। चर्चा में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत पूर्व विद्यार्थी वर्तमान विद्यार्थियों को उद्योग की अपेक्षाओं को समझने, करियर के विकल्पों की जानकारी प्राप्त करने और कक्षा से बाहर के व्यावहारिक अनुभवों से सीखने में मदद कर सकते हैं। मार्गदर्शन और ज्ञान साझा करने को प्रबंधन शिक्षा तथा कार्यक्षेत्र के बीच संबंध मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया।

कार्यक्रम में आईआईएम काशीपुर के डीन (डेवलपमेंट) प्रो. कुनाल गांगुली तथा एलुमनाई रिलेशंस कमेटी के अध्यक्ष प्रो. उत्कर्ष उपस्थित रहे।

सभा को संबोधित करते हुए प्रो. कुनाल गांगुली ने कहा, “आईआईएम काशीपुर के लिए एक सशक्त पूर्व विद्यार्थी तंत्र का विकास संस्थान की प्रगति, उद्योग जगत के साथ सहभागिता, विद्यार्थियों की सफलता तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। पूर्व विद्यार्थियों को केवल संस्थान के अतीत के लाभार्थियों के रूप में नहीं, बल्कि उसके भविष्य को आकार देने में भागीदार के रूप में देखा जाना चाहिए।”

विद्यार्थियों के लिए पूर्व विद्यार्थियों के अनुभवों की उपयोगिता पर जोर देते हुए प्रो. उत्कर्ष ने कहा, “सिटी मीट हमारे आपसी संवाद का हमेशा एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। हमारे पूर्व विद्यार्थी उद्योग जगत में काफी अनुभव अर्जित कर रहे हैं और हम चाहते हैं कि वे वापस आकर विद्यार्थियों के साथ अपने विचार साझा करें।” उन्होंने कहा कि इस प्रकार का संवाद विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवर अनुभवों और दृष्टिकोणों से परिचित करा सकता है।

संवादात्मक सत्र में पूर्व विद्यार्थियों ने अपने करियर, पेशेवर अनुभवों और संस्थान से जुड़ी यादों को साझा किया। Propert.shop के संस्थापक और पीजीपी 2011–2013 बैच के पूर्व विद्यार्थी श्री जतिन कुमार ने मार्गदर्शन एवं ज्ञान साझा करने के माध्यम से विद्यार्थियों के विकास में योगदान देने के लिए पूर्व विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया। संकाय सदस्यों के योगदान की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, “मैं सभी संकाय सदस्यों के प्रति विद्यार्थियों, पूर्व विद्यार्थियों और संस्थान के लिए उनकी निस्वार्थ सेवा हेतु हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।”

Samsung Electronics में ग्रोथ लीड (DGM) और पीजीपी 2014–2016 बैच के पूर्व विद्यार्थी श्री रविंदर यादव ने पूर्व विद्यार्थी नेटवर्क में सहयोग के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “हमें एक टीम के रूप में साथ आना चाहिए, मिलकर काम करना चाहिए और मिलकर परिणाम देने चाहिए। संस्थान से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के लिए मेरे दरवाजे हमेशा खुले हैं।”

आईआईएम काशीपुर के पूर्व विद्यार्थी श्री हिमांशु अग्रवाल ने संस्थान में बिताए समय के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “हम सभी कॉलेज में एमबीए करने के उद्देश्य से आए थे, लेकिन हमें इससे कहीं अधिक मिला। आईआईएम काशीपुर के पूर्व विद्यार्थी समुदाय को आगे बढ़ाने के लिए हमें और अधिक बार एक साथ मिलना चाहिए।”

कार्यक्रम का समापन नेटवर्किंग और अनौपचारिक संवाद के साथ हुआ। इस दौरान प्रतिभागियों को व्यावसायिक संबंधों को आगे बढ़ाने और संस्थान के साथ जुड़े रहने के तरीकों पर चर्चा करने का अवसर मिला। आयोजन ने रेखांकित किया कि पूर्व विद्यार्थी नेटवर्क उद्योग जगत के अनुभवों, करियर संबंधी दृष्टिकोणों और पेशेवर मार्गदर्शन के माध्यम से कक्षा में होने वाली सीख को और समृद्ध कर सकता है।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist. For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction. Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan. शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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